*भोपाल~कर्मचारी आयोग के समक्ष "साक्षरता संविदा प्रेरक मोर्चा" ने प्रेरक शिक्षकों का पक्ष अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया :-*~~

*शीघ्र होंगे अपेक्षित निर्णय:-*~~

*भोपाल~आज मप्र कर्मचारी आयोग के द्वारा प्रेरक शिक्षकों की मांगो समस्याओं एवं सुझावों व चर्चा हेतु *साक्षरता संविदा प्रेरक मोर्चा भोपाल* के पदाधिकारियों को आयोग के कार्यालय में आमंत्रित किया गया था,,आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त IAS श्री अजयनाथ सदस्य श्री योगेश कुमार सोनगरिया श्री अखिलेश कुमार अग्रवाल एवं श्री वीरेंद्र खोंगल जी के साथ आयोग के सचिव श्री मिलिंद वाईकर जी की उपस्थिति में साक्षरता संविदा प्रेरक मोर्चा के प्रांताध्यक्ष *श्री सन्दीप गुप्ता* प्रान्तीय कोषाध्यक्ष *श्री राधारमण शर्मा एवं कामता प्रसाद दिवाकर  प्रांतीय सचिव श्री राजेश अहिरवार महिला मोर्चा से प्रांतीय सदस्य श्रीमती रीता शर्मा एवं पुष्पा मेवाड़ा भोपाल संभाग से श्रीमती उस्मान खां सीहोर जिले से जिला अध्यक्ष श्री संतोष मालवीय गंगाराम एवं विनय अहिरवार आदि उपस्थित रहे,,*

*आयोग के समक्ष *साक्षरता संविदा प्रेरक मोर्चा के द्वारा आनार्थिक मांग में मध्यप्रदेश में संचालित छात्रावास में प्रेरक शिक्षकों को  रखा जा सकता है क्योंकि हमारे 75% प्रेरक शिक्षक निर्धारित योग्यता बी.एड/डी.एड के समकक्ष हैं एवं हमारे जो साथी केवल 12 उत्तरीण हैं उनके लिए शासन द्वारा हमारे प्रेरक शिक्षकों को अपने निजी व्यय पर बी.एड/डी. एड कराया जाएं एवं उपर्युक्त समय प्रशिक्षण के लिए प्रदान किया जाएं ..

*2 बिंदु ..*

शासन द्वारा प्रेरक शिक्षकों को प्रत्येक हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूलों में बुक लिफ्टर (पुस्तक उत्थान) के पद पर भी रखा जा सकता है  इसमें किसी प्रकार का कोई अर्थ नहीं लगेगा क्योंकि शासकीय शिक्षक ही अतिरिक्त प्रभार मै छात्रावासों को संचालित कर रहे हैं  जिससे  एक तरफ जहां  विद्यालय में शैक्षणिक कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है वही  छात्रावास का संचालन भी विधिवत नहीं हो पा रहा है  यदि  छात्रावास की जिम्मेदारी प्रेरक शिक्षकों को दी जाती है  तो शैक्षणिक कार्य सुचारू हो जाएगा साथ ही छात्रावास का संचालन भी विधिवत होगा

*आर्थिक मांग में*
मध्य प्रदेश के  प्रत्येक राजस्व ग्राम में प्री प्राइमरी  स्कूल का  क्रियान्वयन  सत्र 2020-21 में किया जाना है  यदि प्रेरक शिक्षकों की सेवाएं  यहां ली जाएं  तो जहां एक और सरकार द्वारा जो वचन दिया गया था वह पूरा हो जाएगा  वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को रोजगार भी मिल जाएगा  प्रशासनिक सुधार  से संबंधित मांगों में  गुरुजी औपचारकेत्तर अंशकालीन शिक्षकों की तरह  ही  प्रेरक शिक्षकों नियमित किया जाएं एवं शासन की शर्तों के आधार पर अपने व्यय पर प्रेरक शिक्षकों को प्रशिक्षण का समय प्रदान किया जाएं .

*आयोग के द्वारा प्रत्येक बिंदु पर संगठन के पक्षों एवं तर्कों से सहमत होते हुए शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी एवं मप्र शासन को सौपने का आश्वासन दिया गया,,*

इस दौरान हरिशंकर पटेल,जगदीश अहिरवार,वीरेंद्र अहिरवार,करतार सिंह,रामकिशन,परमानन्द मालवीय,अशोक कुमार अहिरवार, हेमराज धानक, मनोहर अंगोरे,पवन कुमार,सहित दो दर्जन प्रेरक शिक्षक शामिल रहे ..


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