*गुरु ग्रह की अमृत द्रष्टी बरसे गी करोना नामक जहर पर**गुरु ग्रह आ गये कोरोना का खात्मा करने*~~

*आकाश बरसेगा सुर्य देव का अग्नि प्रकोप*~~

*शनि महाराज ने मचायी कोरोना से तबाही गुरु ग्रह आ रहे कोरोना का खात्मा करने*~

*शनि अब भी मकर में जो मारक महामारी का मुख्य कारक~ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री*~~

          मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक चर्चा में बताया है कि इस समय शनि स्वयं की राशि मकर में संचार कर रहे हैं। जो अब की मारक महामारी का मुख्य कारक बन गए हैं। जिसे कोरोना वायरस कहा जा रहा है। दिनांक 15 मार्च से सूर्य का राशि परिवर्तन कुछ राहत देने की नाकाम कोशिश करेगा। मंगल अभी गुरु राशि धनु में चलायमान हैं। डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा कि दिनांक  22 मार्च 2020 को जब मंगल शनि की राशि मकर में चरण रखेगा, मानव सभ्यता को बेचैन करेगा। तब वो शनि के संग युति करके इस महामारी के साथ कोई और अप्रिय खबर लाएगा। आपने बताया कि यह योग किसी दुर्घटना के साथ प्राकृतिक आपदा से जान-माल की हानि का संकेत दिए जा रहा है।लेकिन 29 मार्च 2020 की शाम 7 बजकर 8 मिनट पर बृहस्पति का मकर में प्रवेश शनि-मंगल के इस उबाल पर पानी डाल देगा। ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक शनि-बृहस्पति की युति आज के डरावने परिदृश्य में ठंडी हवा की बयार की तरह आएगी और मरहम लगाएगी और इस महामारी की मारक तासीर में कमी आएगी। दिनांक 4 मई 2020 की शाम 7 बजकर 59 मिनट पर जब मंगल शनि से पिंड छुड़ाएगा और कुंभ राशि में जाएगा, विश्व की नकारात्मकता में सहसा कमी आएगी और शुभ फलों में इज़ाफ़ा होगा और मई के मध्य में परिस्थितियां बदल जाएंगी। डाँ. शास्त्री ने बताया कि सितारों का संकेत है कि इस महामारी का अंत एक झटके में हो जाएगा।
*तब तक सावधानी आपके कष्ट में कमी का माध्यम*

           *सतर्कता रखनी होगी*

           ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा कि शनि, मंगल और गुरु का एक राशि या नक्षत्र में युति करना जनता को भय देने वाला होता है। इन ग्रहों की युति के प्रभाव से पश्चिमी देशों में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ सकता है जिससे आम जनता को काफी कष्ट होगा। डाँ. शास्त्री के मुताबिक भारत में अप्रैल महीने से कोरोना वायरस का प्रभाव कम होने लगेगा लेकिन तब तक बेहद सतर्कता रखनी होगी।

                    *आम जनता में भय*

           ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने आगे और विश्लेषण करते हुए बताया है कि मंगल के दिनांक  23 मार्च को मकर राशि में प्रवेश और बाद में गुरु के 30 मार्च को मकर में आने के 30 दिन के भीतर भारतीय उपमहाद्वीप से कोरोना का खतरा तो कम होता दिखने लगेगा लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण आम जनता में भय उत्पन्न हो सकता है।

*वैश्विक मंदी का बढ़ेगा खतरा*

            ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि शनि, गुरु और मंगल का वर्तमान में उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में चल रहा योग आगामी अप्रैल महीने में मकर राशि को प्रभावित कर विश्व अर्थव्यवस्था में बड़ी मंदी ला सकता है। शनि की राशि मकर में नीच के होकर गुरु बैंकिंग और शेयर बाजार में बड़ी गिरावट जारी रखेंगे । पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ कमी आएगी। डाँ. शास्त्री के मुताबिक चीन, अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यस्था विशेष रूप से बहुत गंभीर संकट में फंस सकती है। साथ चीन की कुंडली में मकर लग्न और चन्द्रमा की मकर में स्थिति के चलते दुनिया भर में चीन की छवि खराब होगी और चीन के साथ दुनिया के कई देश भेद-भाव पूर्ण व्यवहार कर सकते हैं।

*एक राशि ही में होंगे गुरू, मंगल और शनि* डाँ. अशोक शास्त्री
            ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि मनुष्य या मानव जाति पर ग्रह, नक्षत्रों और राशियों के प्रभाव से हम भलिभांति परिचित है।लेकिन कई बार अपने निश्चित मार्ग पर निश्चित गति से भ्रमण करते ग्रह किसी खास राशि में एक साथ एकत्र हो जाते हैं। एक या एक से अधिक ग्रहों के एक राशि में एकत्र होने की घटना को वैदिक ज्योतिष में युति, महायुति, संयोजन या महा संयोजन जैसे नामों से जाना जाता है। डाँ. शास्त्री के मुताबिक ऐसे संयोजन ग्रहों की संख्या और उनकी क्षमता के आधार पर प्राणी मात्र पर प्रभाव डालने का कार्य करते हैं। जब किसी राशि में ग्रहों की संख्या एक से अधिक हो जाती है, तो उनमें घर्षण भी बढ़ने लगता है, लेकिन कई बार एक राशि में तीन, चार या पांच से भी अधिक ग्रह एकत्र हो जाते हैं। डाँ. शास्त्री ने कहा कि एक राशि में कई ग्रहों का एकत्र होना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्व रखता है।ऐसी स्थिति में आम जन मानस पर इन ग्रहों के मिश्रण और अनिश्चित प्रभाव देखने को मिलते हैं । डाँ. शास्त्री के अनुसार मौजूदा स्थिति की बात करें तो आगामी 30 मार्च से एक ऐसा ही महासंयोजन मकर राशि में तैयार हो रहा है। फिलहाल मकर राशि में मंगल और शनि युति बनाए बैठे हैं, लेकिन आगामी 30 मार्च को गुरू के मकर गोचर के साथ ही मकर राशि में जारी मंगल और शनि की युति महायुति में परिवर्तित हो जाएगी।  मकर में गुरू, मंगल और शनि की महायुति 2020, 30 मार्च से प्रभावी होने वाली है। मकर राशि में गुरू, मंगल और शनि का यह महासंयोजन आगामी 4 मई तक जारी रहने वाला है। मकर राशि में तीन महत्वपूर्ण और शक्तिशाली ग्रहों की उपस्थिति राशिचक्र के माध्यम से प्राणी मात्र पर कई तरह से शुभाशुभ प्रभाव डालने का कार्य करने वाली हैं । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245, एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी ) धार ,एम.पी.
                  मो. नं.  9425491351

               --:  *शुभम्  भवतु*  :--


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