*झाबुआ~500 का चालान कटवाओ लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाओ*~~

*लॉक डाउन उल्लंघन करने वाले धन्ना सेठो पर मेघनगर प्रशासन मेहरबान दिख रहा है*~~

*मेघनगर प्रशासन अमीरों पर मेहरबान गरीबो पर डंडों से वार*~~

*थांदला ओर मेघनगर के सेठ ने समाजसेवा छोड़ पकड़ा दलाली का धंधा*~~

झाबुआ से दशरथ सिंह कट्ठा ब्युरो...9039452025~~

झाबुआ - कोरोना वायरस की भयंकर महामारी किसी से दबे छुपे नहीं है। झाबुआ जिले की सीमाओं को चौतरफा कोरोना वायरस ने घेर रखा है। चाहे झाबुआ की सीमा से लगा दाहोद, धार,बड़वानी हो या फिर राजस्थान का कुशलगढ़ सभी तरफ कोरोना वायरस का कहर जारी है।वही झाबुआ जिले से अच्छी खबर यह है कि यहां पर कोरोना पोजेटिव का एक भी मरीज नहीं है.. और बुरी खबर यह है कि लॉक डाउन उल्लंघन करने वाले धन्ना सेठो पर मेघनगर प्रशासन मेहरबान दिख रहा है।दर असल पूरे मामले  की बात की जाए तो रविवार सुबह जनपद कार्यालय के पीछे राजस्थान पासिंग Rj 27 सी.जी.4397 कार में मोहल्ले के रहवासियों ने एक कार में गुटका एवं बीड़ी से भरी लगभग 90000 के बीड़ी गुटखे से भरी कार को देखा।जिसकी सूचना मोहल्ले के रहवासियो ने स्थानीय प्रशासन को दी।मेघनगर एस.डी.एम.परांग जेन के आदेश के बाद नायाब तहसिलदार की अगवानी में मेघनगर पुलिस गुटखा व बीड़ी भरी कार को थाने ले गई । एस.डी.एम द्वारा कार्रवाई करने हेतु खाद्यय एवं औषधि विभाग को सूचना दी गई। खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी मेघनगर थाने में पहुंचकर अपने कर्तव्य का पूर्ण तरह से निर्वहन करते नजर आए। खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारी राहुल अलावा ने  संबंधित कार में रखे तानसेन गुटखा के सैंपल लेकर जप्त किए एवं संबंधित व्यक्ति से पूछताछ भी कर मामला पंजीबद्ध किया। लेकिन पूरे मामले को लेकर पुलिस एवं राजस्व विभाग एक दूसरे द्वारा कार्रवाई का हवाला देते हुए इसकी टोपी उसके सर रखकर पल्ला झाड़ते हुए नजर आए।लॉक डाउन के चलते पूरे जिले में धारा 144 लगी हुई.. ग्रोसरी आइटम को छोड़कर कोई भी वाहन धूम्रपान से संबंधित सामान भरकर परिवहन नहीं कर सकता है.. लेकिन जिला कलेक्टर के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए चार पहिया वाहन सी.सी.टीवी कैमरे में बीड़ी गुटखा लेकर जाते हुए साफ नजर आ रहा है.. जो कि साफ-साफ 188 धारा का उल्लंघन है। जिसके फोटो नगर की मीडिया ने संबंधित अधिकारियों को भी उपलब्ध कराए लेकिन मेघनगर पुलिस ने मात्र ₹500 का चालन बनाकर इतिश्री कर ली..यदि इस जगह यदि कोई ग्रामीण व्यक्ति होता तो अभी तक झाबुआ आईटीआई कॉलेज में बने अस्थाई  कारागृह की चक्की पीस रहा होता। क्या प्रशासन का यही न्याय है कि गरीबी और अमीरी के भेदभाव को देखकर न्याय किया जाए क्या ₹500 का चालान कटवाकर लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाई जा सकती है।यह बड़ा सवाल है?

*अमीर फंसा तो थांदला व मेघनगर के सेठ करने लगे दलाली*

अंधा बांटे रेवड़ी अपने अपने को दे यह कहावत बहुत पुरानी है लेकिन आज कल मेघनगर थांदला के समाजसेवी सेठ समाज सेवा छोड़कर दलाली में अपने हाथ काले करने लगे हैं.. सेठ ध्यान रखना मीडिया की तीसरी आंख जब आप पर आ कर खुलेगी तो कहीं आपको भारी ना पड़े। मीडिया अपना काम पूरी ईमानदारी और तथ्यों पर करती है लेकिन आप फटे में टांग डालकर ओछी हरकत कर रहे हो।

*पुलिस एवं राजस्व विभाग डाल रहा है इसकी टोपी उसके सर*

अपनी कार में  गुटखा एवं  बीड़ी का परिवहन कर रहे व्यक्ति पर 188 धारा में लॉक डाउन उल्लंघन कार्रवाई ना होने की बात को लेकर जब मीडिया ने थांदला एस.डी.ओपी. से बात की तो मनोहर लाल गवली ने बताया कि मौके पर जब गाड़ी बरामद की गई तब राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार की उपस्थिति में मेघनगर पुलिस पहुंची थी यदि हमें राजस्व विभाग की तरफ से धारा 188 की कार्रवाई करने का पत्र प्राप्त होता है तो संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाती। वहीं जब मेघनगर तहसील दार से बात की गई तो उनका कहना है की में बाद में बताता हूं ।मेघनगर एस.डी.एम परांग जैन का कहना है मेरे निर्देश पर खाद्य विभाग ने अपनी कार्रवाई की है.. पुलिस परिसर में खड़ा वाहन कैसे छोड़ दिया गया उस पर 188 की कार्रवाई होना थी।साथ ही  अब मीडिया पूरे  मामले की जड़ तक गया तो पाया कि.. खाद्यय व औषधि विभाग ने जिस गुटका पाउच तानसेन के सैंपल लिए हैं वह ब्रांडेड व फूडफेस्सी से सर्टिफाइड कंपनी है। उक्त प्रोडक्ट का लगभग सैंपल फेल होना संभव नहीं ऐसे में अब हाथी के दांत की तरह दिखने वाली कार्यवाही सिर्फ दिखावा है। लॉक डाउन के दौरान कार में बीड़ी गुटका भर के परिवहन करने की क सी.सी.टी.वी. कैमरे की तस्वीरें साफ सच को बयां कर रही है..सत्य तो यही है कि लॉक डाउन का उल्लंघन हुआ है.. इसीलिए हमने अपने शिर्ष हेडिंग में लिखना पड़ा 500 रुपये का चालान कटवाओ और लॉक डाउन की धज्जियां उड़ाओ.. क्या कानून सिर्फ गरीबों के लिए है अमीरों के लिए नही.......?


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