*बड़वानी ~रक्तदान कर मानव धर्म निभाया*~~

धन्य है वह माताएं जिनकी कोख ने ऐसे सपूतों को जन्म दिया है। जो आपात स्तिथि के बीच जरूरतमन्दों की मदद एवं मानव सेवा के लिए सदैव अग्रसर रहते हैं। जहाँ एक ओर दुनिया कोरोना के भय से अपने घरों में कैद है वहीं कुछ देवदूत लॉकडाउन में भी फरिश्ते बनकर अपना रक्त दान कर किसी को जीवन दान दे रहे होते हैं।रक्त का दान करना सबसे मानवीय कर्मों में से एक है। रक्तदान करें और जीवन का उपहार दें। रक्त दान करने की तुलना में मानव जाति के लिए सेवा का कोई बड़ा कार्य नहीं है। अतः आप सभी नायक बने और रक्तदान को अपनी जिम्मेदारी बनाएं। आज *जिला हॉस्पिटल बड़वानी* में जरूरतमंद मरीज के लिए माँ रेवा रक्तदान समिति बड़वानी के सदस्य राहुल जी यादव जी व ब्लड बैंक में ब्लड की कमी को देखते हुए तलवाड़ा से रक्तविर लोकेश भोंसले जी, रोहित खेड़े जी, नीरज धनगर जी, विशाल सोलंकी जी, अतुल दामके जी ने ब्लड बैंक पहुँच के रक्तदान किया। वह अपना मानव धर्म निभाया। अंश जी विजयवर्गीय, गणेश राठौड़,राहुल राठौड़,डॉ हर्ष कुशवाह, प्रखर कर्मा,गोविंद सिसोदिया ने बहुत बहुत साधुवाद दिया।
माँ रेवा रक्तदान समिति के रविन्द्र कुशवाह ने बताया कि रक्तदान कोन कर सकता है

प्रत्येक स्वस्थ महिला और पुरूष जिसका वजन 50 कि० ग्राम से ऊपर तथा उम्र 18 से 55 वर्ष के मध्य हो वो रक्तदान कर सकते है।


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