अंजड~किसानों से कर्ज वसूलने का नया तरीका, गेहूं बेचने के बाद ऋण की राशि काटकर होगा भुगतान..~~

इ-उपार्जन पोर्टल पर कर्जदार किसानों के ऋण की हो रही इंट्री~~

किसानों से कर्ज वसूलने का नया तरीका, गेहूं बेचने के बाद ऋण की राशि काटकर हो रहा भुगतान~~

सतीश परिहार अंजड~~

अंजड--नगर से शुरू होने वाली समर्थन मूल्य खरीदी के लिए पंजीयन कराने वाले सभी कर्जदार किसानों डाटा आनलाईन किया गया है। सोसायटी के कर्जदार किसानों का कर्ज उपार्जन पोर्टल पर पहले ही दर्ज  किया गया था। अब सन 2018-19 पर शेष ऋणी किसानों समर्थन मूल्य केंद्र पर गेहूं बेचने के बाद कर्ज की 50 फीसदी राशि काटकर शेष भुगतान की जा रही है। ऐसा करने के पीछे सरकार की मंशा कृषि ऋण की वसूली करना बताया जा रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सोसायटी के सभी ऋणी किसानों के ऋण राशि दर्ज की गई है। अब मंडी में गेहूं तुलवाने के बाद भुगतान के समय आधी राशी ऋण के रुप में जमा कर आधी कृष्कों के खातों में आ रही है। समर्थन मूल्य गेहूं , चना खरीदी होने के बाद कर्जदार किसानों की प्रविष्टियां करने के लिए राज्य सहकारी बैंक मर्यादित प्रभारी प्रबंधक संचालक ने आदेश जारी किए है। जय किसान फसल ऋण माफी योजना के अपात्र कृषक व 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 में कृषि ऋण लेने वाले किसानों के ऋण की प्रविष्टियां की गई थी। जिसे 20 मार्च तक आनलाईन दर्ज किया गया है। जय किसान ऋण माफी योजना में पात्र किसानों के ऋण की प्रविष्टियां नहीं की जाएगी। इ-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के ऋण दर्ज होने की प्रक्रिया जारी होनेे से अब किसानों को अपनी उपज बेचने के बाद पूरा पेमेंट नहीं मिल रहा है। उन्हें अपने कर्ज की आधी राशि काटने के बाद शेष राशि मिल रही है।


न्यूनतम 50 फीसदी कटेगी राशि...
सूत्र बताते है कि कर्जदार किसानों की गेहूं बेचने पर भुगतान के समय 50 फीसदी राशि कटेगी। उदाहरण किसी किसान का कर्ज एक लाख रुपए है। उसने 50 हजार रुपए के गेहुं बेचे है तो 25 हजार रुपए राशि काटी जाएगी। या किसान का कर्ज दो लाख रुपए और गेहूं , चना दो लाख रुपए का बेचा है तो एक लाख रुपए की राशि काटी जाएगी।

वर्ष 2020-21 में रबी सीजन के लिए
आदीम जाती सोसायटी और खांडेराव विपणन संस्था ठीकरी दोनों के कराए पंजीयन को यदी मिला दे तो लगभग 1500 से अधिक किसानों ने अपने गेहूं बिक्री के पंजीयन करवाए गये है...

आदिम जाति संस्था अंजड के प्रबंधक बाघसिंह चौहान ने बताया---
कर्जदार किसानों की बकाया राशि की जानकारी इ-पोर्टल पर दर्ज कराई गई है। सिस्टम के अनुसार आगे से ही ऋण कि आधी राशी काटकर किसानों को उपज का भुगतान किया जा रहा है।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के वरिष्ठ क्षेत्रीय अधिकारी श्री संजय शर्मा ने बताया.. संबंधित किसान से बात करने के बाद ही कर्ज कि रकम को काटा जा रहा है यदि किसी कृषक के शेष ऋण कि राशी काटी गई है तो वह उसके सेव्हींग खाते में वापस कि जायेगी।


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