अंजड~अक्षय तृतीया का सूना बाजार~~

अक्षय तृतीया का सूना बाजार, सब है कोरोना से लड़ने को तैयार~~

अंजड-- एक माह से अधिक समय से बाजारों की रौनक कोरोना नामक बीमारी ने छीन ली है। इसके साथ हजारों लोगों का व्यापार-व्यवसाय पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। सभी धार्मिक,सामाजिक, राजनैतिक कार्यक्रम पर कोरोना का ग्रहण लगा हुआ है। सबसे ज्यादा मार सीजन के हिसाब से होने वाले व्यापार पर पड़ रही है। रविवार को अक्षय तृतीया का त्यौहार है। यह ऐसा त्यौहार है जिसका इंतजार पूरे व्यापार जगत को होता है। व्यापारिक की दृष्टि से दीपावली के बाद बाजार में सबसे ज्यादा रौनक वाला त्यौहार यही है। अक्षय मुहुर्त होने के कारण सबसे ज्यादा शादी की शहनाई इसी दिन बजती हैं। लेकिन कोरोना ने व्यापारियों के चेहरे पर उदासी ला दी है। इसके बाद भी लोग डटकर खड़े है और कोरोना को पूरी तरह हराकर खुश होने का इंतजार कर रहे हैं।

एक तरफ पूरा व्यापार ठप हो गया है वहीं दूसरी तरफ हमारे जांबाज डॉक्टर, पुलिस, सफाई कर्मी, विद्युत कर्मी सहित वो सभी कार्यकर्ता जो अपनी जान जोखिम में डालकर लाखों लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्हें नमन कर उनका सहयोग कर रहै है व्यापार के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है लेकिन आज का अनुभव हम सबको नई जिंदगी जीने का अनुभव बताएंगा। हमारे पास इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे टिवी फ्रिज, कुलर, एसी सहित अन्य उपकरणों का पर्याप्त स्टांक है।हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाकडाउन का पुरा पालन कर रहै है। 


नगर अंजड के लोहे से बने कृषि उपकरणों ट्रालियाँ और मोटर बाडी का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों एवं उनके परिवारों की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो रही है। यह लॉकडाउन कितने दिनों तक रहना है कहा नहीं जा सकता है लेकिन इन सबके बाद भी सभी व्यापारी सुरक्षा की दृष्टि से सरकार के साथ हैं और इस बीमारी से जीतकर पुन व्यापार करेंगे।

कृषि उपकरण बनाने वाले व्यावसाई--नरेन्द्र व्यास

हमारे देश का व्यापार पूरी तरह से त्यौहारों पर आश्रित होता है। समय के साथ थोड़ा बहुत बदलाव आ रहा है लेकिन पुरानी परंपराएं आज भी कायम हैं। अक्षय तृतीया एक ऐसा ही त्यौहार है जिन लड़के लड़कियों के विवाह में देरी होती हो या शादी के मुहुर्त न मिलते हो ऐसे जोड़ों के विवाह अक्षय तृतीया में सम्पन्न हो जाते हैं। इस दिन अक्षय मुहुर्त होता है लेकिन कोरोना से जीतकर फिर से जोश के साथ व्यापार करेंगे।

आरो चिल्ड वाँटर प्लांट संचालक--सतीश परिहार


अक्षय तृतीया का सबसे बड़ा मुहुर्त रहता है। शादी विवाह से लेकर अन्य धार्मिक, सामाजिक कार्य रूक जाने से आमदनी पूरी तरह से बंद हो गई है। यही मुख्य सीजन होता है, इस व्यवसाय से जुड़े सभी कामकारों के परिवारों में रोजी रोटी का संकट गहरा गया है बारिश के मौसम में पूरी तरह कारोबार ठप रहता है। ऐसे में अब शासन प्रशासन से उम्मीद लगी है। बीमारी से बचाव के साथ रोजीरोटी भी जरूरी है।

टेंट व्यावसाई ललित पाटीदार


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