भिण्ड~लोक डाउन की दुकानदारों ने उड़ाई धज्जियाँ,सब्जी मंडी में सैकड़ो की संख्या में लोग,नहीं रखा गया शोसल डिस्टेंस का ख्याल~~

भिण्ड से गिर्राज बौहरे की रिपोर्ट~~

लोक डाउन की दुकानदारों ने उड़ाई धज्जियाँ,सब्जी मंडी में सैकड़ो की संख्या में लोग,नहीं रखा गया शोसल डिस्टेंस का ख्याल।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा आदेश जारी कर दुकानों को खोलने की सशर्त अनुमति दी गई। जिसके बाद जिला प्रशासन ने भी शासन के आदेश के आधार पर प्रेस नोट जारी कर गली मोहल्लों में स्थित इक्का दुक्का दुकानों को खोलने की सशर्त अनुमति दी। लेकिन इसका पता चलते ही लोगों की भारी भीड़ शहरी और कस्बाई बाजारों में उमड़ पड़ी। मुख्य सब्जी मंडी में बड़ी संख्या में लोग सब्जी लेने पहुंच गए। ना ही उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा और ना ही दुकानदार इसका पालन करवा सके। अब सवाल खड़े हो रहे हैं क्या लॉक डाउन में छूट देना उचित है।
दरअसल कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में लॉक डाउन चल रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जिनके घरों में शादी विवाह के फंक्शन हैं, जो पहले से ही तय थे। शादी विवाह में भीड़ को नहीं जुटने देने के लिए वर एवं वधू पक्ष के चार चार लोगों को ही मिलकर शादी करने की अनुमति दी जा रही है। लेकिन फिर भी शादी में दिए जाने वाला आवश्यक सामान खरीदने के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। ऐसे में लॉक डाउन में छूट देने की मांग उठती रही। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर कोरोना रहित जिलों में सशर्त लॉक डाउन में ढील दिए जाने के निर्देश दिए। जिसजे बाद भिंड जिला प्रशासन ने भी सोमवार को व्यापारियों के साथ बैठक की जिसमें निर्णय लिया गया की गली मोहल्लों में जो दुकानें हैं उनको खोलने की सशर्त अनुमति दी जाएगी। लेकिन मुख्य बाजार में पूर्व की तरह कुछ विशेष सेवाओं को छोड़कर पूर्व की तरह पूर्ण रूप से बाजार बंद रहेंगे। लेकिन सशर्त अनुमति के चलते लॉक डाउन में मामूली छूट का पता लगते ही सबसे पहले भिण्ड नगरपालिका क्षेत्र में स्थित मुख्य सब्जी मंडी में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। यहां पर लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते नजर आए। पुलिस वाले भी उन्हें नहीं रोक सके। यहां तक कि दुकानदार भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करवा पा रहे थे। यही हाल लहर कस्बे के रहा जहां दुकानदारों ने आम दिनों की तरह दुकानें खोल लीं। देखते ही देखते यहां भी लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। जैसे ही प्रशासन को इसकी सूचना मिली वैसे ही टीम भेजकर दुकानों को बंद करवाया गया। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर बाजार को खोलने की सशर्त अनुमति भी दी जाती है तो भीड़ को कैसे कंट्रोल किया जाएगा। लोग लंबे समय से घरों में कैद हैं, ऐसे में वह मामूली छूट का फायदा उठाकर घरों से निकल पड़ते हैं और देखते ही देखते बाजार में भीड़ इकट्ठी हो जाती है। ऐसे में छूट देना लाजमी नहीं लगता।


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