अंजड~नमूना देख व्यापारी खरीदेंगे उपज खेतों और सिधे किसानों के घर से भी कर सकेंगे खरीदारी~~

किसानों व्यापारियों के बीच आपसी सहमति से गेहूं चना फसलों की खरीदी होगी~~

व्यापारियों को खरिदी करने में होगी आसानी~~

सतीश परिहार अंजड~

अंजड--किसानों व्यापारियों के बीच आपसी सहमति से गेहूं चना आदि फसलों की खरीदी होगी, जिसमें सौदा पत्रक के माध्यम से किसान व्यापारी के मंडी के बाहर भी बेच सकेगा। काेरोना महामारी के कारण इस बार किसानों को कई सुविधाएं दी गई हैं। किसान अपनी उपज सौदा पत्रक के माध्यम से व्यापारी को सीधे बेंच सकेंगे। लॉकडाउन में गेहूं, चना, आदि सहित अन्य फसलों की कटाई के बाद से किसान परेशान थे कि इस बार समर्थन मूल्य खरीदी कैसे होगी। शासन ने 15 अप्रैल से गेहूं की खरीदी कार्य शुरू कर दिया है। अब चना की खरीदी के लिए सौदा पत्र के माध्यम से मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
किसान अपनी उपज का सैंपल लेकर व्यापारी से करेगा संपर्क: कृषि उपज मंडी के सचिव हिम्मत सिंग जमरा ने बताया कि सौदा पत्रक एक तरह का समझौता है किसान अपनी उपज का सैंपल लेकर पहले व्यापारी से संपर्क करेगा, यदि व्यापारी माल खरीदने के लिए तैयार है अऔर किसान बेचने के लिए तैयार है तो सौदा तय होता है। किसान व्यापारी पत्रक पर हस्ताक्षर कर मंडी में देते हैं व्यापारी के पास तय शर्तों पर किसान खुद माल भेजें या व्यापारी खेत से ही माल उठा लेता है।
जानकारी कृषि उपज मंडी देना होगी: कृषि उपज मंडी के सचिव जमरा ने बताया कि सौदा पत्रक एक ऐसी प्रक्रिया है इसमें किसान अपनी मर्जी से कहीं भी किसी भी अनाज व्यापारी को अपना अनाज बेच सकता है। व्यापारी को उस खरीदे हुए अनाज की जानकारी कृषि उपज मंडी देना होती है। इसमें केवल वही व्यापारी खरीदी कर सकता है, जिसका कृषि उपज मंडी में लाइसेंस का रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। वहीं व्यापारी को एक निश्चित समय सिमा (24 घंटे) में किसान को उपज का भुगतान करना होगा। अन्यथा प्रतिदिन के मान से उस पर पेनल्टी लगाई जायेगी साथ ही किसी भी प्रकार कि धोखाधड़ी करने पर शासन प्रशासन द्वारा कार्यवाही भी कि जावेगी। यदि कृषक को उसकी उपज का लाभ तय सिमा में नहीं होता है तो किसान मंण्डी प्रशासन को तत्काल शिकायत कर सकता है। 

किसान अनिल परिहार ने बताया कि इससे जहां किसानों का मंडी आने जाने में समय और खर्चा बचेगा वहीं लाकडाउन में मजदूर नहीं मिलने कि परेशानियों से भी निजात मिलेगी


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