*झाबुआ~राहत पैकेज में कृषि अधोसंरचना के लिए 1 लाख करोड़से किसान आत्मनिर्भर बनेगा: गुमानसिंह डामोर*~~

*1 लाख करोड की किसानों को सौगात दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया*~~

झाबुआ से दशरथ सिंह कट्ठा ब्युरो...9039452025~~

झाबुआ - क्षेत्रीय सांसद गुमानसिंह डामोर ने केन्द्र सरकार के राहत पैकेज के तीसरे चरण में कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1 लाख करोड की किसानों को सौगात दिए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश के अन्नदाता को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है। सरकार के इस निर्णय से छोटे और मझोले किसान भी अपनी उपज ग्लोबल स्तर पर अपनी उपज को बेच सकेंगे। जिससे किसान को उसकी उपज का सही दाम मिलेगा। मध्यप्रदेश के किसानों को सरकार के इस राहत पैकेज का बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कृषि को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में इस निर्णय मील का पत्थर बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश के किसानों को बधाई दी है।
सांसद श्री डामोर कहा कि कोरोना संकट से हर क्षेत्र का विकास अवरूद्ध हुआ है। वैश्विक स्तर पर कई देश इस संकट से लडते हुए हिम्मत हार रहे है। इन सबके बीच भारत सफल नेतृत्व और जनता के आत्मविश्वास के बूते कोरोना की लडाई मजबूती से लड रहा है। मोदी सरकार ने इस विकट समय में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में 20 लाख करोड का पैकेज देकर हर वर्ग को राहत दी है। उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता को उसकी उपज का लाभकारी मूल्य मिले, इस दिशा में भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र और राज्य सरकारें लगातार काम कर रही है। किसान किस तरह मजबूत हो। इस दिशा में प्रभावी निर्णय भाजपा सरकारें ले रही है।
गुमानसिंह डामोर  ने कहा कि 20 लाख करोड के राहत पैकेज से कोई भी वर्ग अछूता नहीं है। एमएसएमई को 3 लाख करोड रूपए की राहत देने के बाद तीसरे चरण में एग्रीकल्चर, इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 1 लाख करोड रूपए देना इस बात का प्रमाण है कि कृषि और किसान सरकार की एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। उन्होंने कहा कि 1 लाख करोड के इस पैकेज से एफपीओ स्टार्टअप, एग्रीगे्रटर आदि माध्यमों से किसानों को पैसा मिलेगा। किसानों को अपनी उपज रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज और बेहतर गोदाम मिलेंगे। जिससे किसानों की आय दोगुनी होगी और मांग पूर्ति करने के साथ वैश्विक बाजार में किसान अपनी उपज बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि देश में छोटे और मझोले किसानों के पास 85 प्रतिशत खेती है। सरकार के इस निर्णय से यह सभी किसान सीधे वैश्विक बाजार से जुडेंगे।


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