अंजड~लोगों को सुबह होते ही गला तर होने की आस थी~~

200 का क्वार्टर 300 से 400 तक हुआ मंहगा~~

सतीश परिहार अंजड~~

अंजड--देश में सोमवार से शराब की दुकानें खुल गईं। इंटरनेट पर हर राज्य और शहरों से शराब की दुकानों के बाहर से तरह-तरह की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। हालांकि आदेशों के बाद भी नगर अंजड में मंगलवार से शराब की दुकानें नहीं खुलीं। इसके पीछे शराब बेचने वालों और सरकार के बीच समय के प्रतिबंध को लेकर टकराव का कारण बताया जा रहा है। शराब विक्रेताओं ने लाइसेंस फीस देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि उनसे शराब की बोतलों की बिक्री के हिसाब से लाइसेंस फीस ली जाए क्योंकि लॉकडाउन में उनकी ज्यादा बिक्री नहीं हुई है। नगर अंजड में सुबह से शराब की दुकान नहीं खुली तो कई लोग लाकडाउन में पहले कि तरह जुगाड़ से शराब की बोतलें खरीदने में लगे रहे। हालांकि नगर अंजड कि भांग दुकान को खोल दिया गया। सुबह 8:30 से शाम 7 बजे तक शराब विक्रय कि शर्त पर खोलने की रियायत दि गई है, जिससे राजस्व और कस्टम ड्यूटी जमा नहीं हो पाने का मुख्य कारण बताया जा रहा है,
शराब ठेकेदार के अनुसार जब तक उन लोगों की मांग पूरी नहीं होगी वे लोग दुकानें नहीं खोलेंगे और न ही शराब बेचेंगे। वैसे पिछले दरवाजे से अधिक दामों पर शराब लाकडाउन के पहले दिन से आज तक दो नंम्बर में बिकना नगर अंजड में आम बात है एक शराबी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एक क्वाटर जो पहले 200 रुपये में मिलता था वह कुछ जगहों पर मुंहमांगे दामों पर 300 और 400 रुपयें में मिल रहा है। आबकारी विभाग ने लाकडाउन से आज तक नगर के किसी भी अवैध शराब विक्रेता के यहां दबिश देकर शराब बरामद नहीं कि है। यह भी नगर में जनचर्चा का विषय बनी हुई है।

लाइसेंस फीस में मांगी राहत
मिली जानकारी अनुसार जब उन लोगों ने बोली की थी उस समय देश में कोरोना नहीं था। देश के हालत कुछ और थे। आज हालात बदल गए हैं। हमारी शर्तों में भी परिवर्तन किया जाना चाहिए। जो लाइसेंस फीस है उनमें रियाअत होनी चाहिए साथ ही बिक्री के समय में बढोतरी कि जाना चाहिए।

बि.एस. जमरा ने बताया आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त अंजड
--शराब दुकानें अप्रेल से खुलना थी लेकिन लाकडाउन के चलते नहीं खुल पाई है, दुकानों से शराब विक्रय का समय सुबह 8 से शाम 7 बजे तक का होने कि वजह से ठेकेदार का कहना है कि इतने कम समय में हम लायसेंस फिस जमा नहीं कर पायेंगे। उन्होंने समय बढवाने कि मांग को लेकर दुकान नहीं खोली गई है।


Post A Comment:

0 comments: