*झाबुआ~ग्रामीणों बीच पहुँचे पूर्व विधायक कलसिंह भाबर कहा हमे नही मिल रहा राशन*~~

*ग्राम पँचपीपलिया सोसाइटी की दो दुकानों पर सेल्समेनों की मनमानी से ग्रामीण परेशान*~~

*देदला की शासकीय राशन की दुकान पर 200 से अधिक ग्रामीणों को नही मिला राशन क्यो..* ~~

झाबुआ से दशरथ सिंह कट्ठा की रिपोर्ट...9039452025~~

झाबुआ  - देश में कोरोना 19 से लड़ने के लिए प्रशासन का पूरा अमला लॉक डाउन का कड़ाई से पालन करवा रहा है। लेकिन सभी ग्रामीण क्षेत्रो में बंद के चलते सरकार द्वारा गरीबों को राशन दुकानों पर राशन पहुंचाया जा रहा हैं ! लेकिन वही मेघनगर विकास खण्ड की पँचपीपलिया सोसाइटी की मालखण्डवी और देदला राशन की दुकानो पर ग्रामीणों को अनाज नही मिल रहा हैं, और किसी को दिया भी जा रहा हैं तो वह भी पूरा नहीँ आधा ही राशन दिया जा रहा हैं!, वही कुछ ग्रामीणजन तो ऐसे हैं जिन्हें दो से तीन साल हो गए अनाज ही नही मिल रहा ! जिसे लेकर रविवार को ग्राम देदला की राशन की दुकान पर इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने पूर्व विधायक कलसिंह भाबर को शिकायत कर बुलाया वही पूर्व विधायक भाबर मालखण्डवी राशन की दुकान पर भी बहुचे और ग्रामीणों की शिकायत सुनी ओर  सेल्समैन को आवश्यक निर्देश देते हुए देदला पहुँचे जहाँ ग्रमीणों ने बताया कि शासन द्वारा तीन माह का अनाज (गेंहू) भेजा गया था पर  दो माह का ही राशन वितरण कर एक माह का राशन आएगा तो मिलेगा कहा था आज तक वह राशन नहीँ मिला प्रधानमंत्री राहत कोष का चावल वितरण किया जा रहा है में कई लोगों को खाद पर्ची अपडेट नहीँ होने परिवार के सदस्यों के नाम नही होने आधार कार्ड दर्ज नहीँ होने खाद पर्ची अमान्य होने का कह कर राशन की दुकान से भगा दिया जाता है ! देदला राशन की दुकान के सामने लगभग 200 से अधिक ग्रामीण बैठे थे जिन में से ऐसे कई ग्रामीण थे जिनका कहना हैं कि हमारा राशन कार्ड अति गरीबी का और गरीबी रेखा होने के बाउजूद भी हमे अभी तक राशन नही मिला..? कई लोको की पात्रता पर्ची होते हुए भी राशन नही दिया ! इतना ही नही अति गरीबी मतलब पिला राशन कार्ड (अंत्योदय) वालो ने तो अभीतक राशन की दुकान पर मिलने वाली शक्कर को तो देखी ही नही की उन्हें सरकार शक्कर भी भेज रही हैं ! जबकि राशन की दुकानो पर शकर अंत्योदय राशन कार्ड की आ रही हैं आखिर वह शक्कर भी कहा जा रही......? सेल्समेनों ओर अधिकारियों एवं बिचौलियों की मिली भगत से इन ग्रमीणों को इनके हक का राशन(अनाज)नही मिल पा रहा हैं जबकि शासन द्वारा इन ग्रामीणों को फ्री में अनाज भेज रही हैं तो फिर ये सारा राशन भी कहा जा रहा हैं....?



*मतलब दाल में कुछ काल हैं...?*

पूर्व विधायक ने मोके पर पहुँच कर राशन वितरण में हो रही अनियमितता की जानकारी दूरभाष पर विभागीय अधिकारी को दी। लेकिन अधिकारी इसकी टोपी इसके सर पर रखते नजर आए पूर्व विधायक भाबर ने सेल्समैन को चेतावनी देते हुए कहा कि आप अपना रवैया सुधारें। और लोगो को पूरा अनाज दे जरूरतमंदों के लिए सरकार मुफ्त राशन बंटवा रही है। लेकिन आपकी लापरवाह कार्यप्रणाली के चलते राशन गरीबों को नहीं मिल रहा है। वही मोके पर मीडिया द्वारा भी खाद अधिकारी से फोन पर चर्चा की तो साहब वही से ही कहने लगे कि सेल्समेन से मेरी बात करवाओ में समझा देता हूं लेकिन साहब ने यू नहीं कहा कि में दिखवाता हु आखिर ग्रामीणों को राशन क्यो नहीँ मिल रहा... मतलब दाल में कुछ काल हैं...? इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग मोर्चे के जिला अध्यक्ष मुकेश मेहता, मार्केटिंग के पूर्व अध्यक्ष प्रताप बारिया,भाजपा नेता प्रेमसिह बसोङ,बाबू भाई मचार, , सहित भाजपा के अन्य कार्यकर्ता जनप्रतिनिधी पदाधिकारी उपस्थित थे


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