अंजड~30 साल में पहली बार नरसिंह जयंती पर नहीं हुआ भजन भंडारा~~

सतीश परिहार अंजड~~

अंजड-- नरसिंह प्रकटोत्सव के अवसर पर नगर अंजड के समीप गायबैडा सेंगांव स्थित नरसिंह मंदिर में 30 साल में पहली बार लॉकडाउन की वजह से नतो भजन किर्तन हुए और नहीं भंडारे का आयोजन हुआ। क्षेत्र में एकमात्र इस मंदिर में हर वर्ष नरसिंह के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ यहा उमड़ पड़ती थी। लेकिन इस बार सब खाली है। मंदिर समिति के लोग मिलकर यहां भगवान नरसिंह की महाआरती की और प्रसाद वितरण किया गया।  कोरोना के चलते सभी सार्वजनिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।


भगवान नरसिंह के खंभ फाड़कर प्रकट होने के उत्सव को भक्तों ने घरों में ही मनाया। गाय बैडा के नरसिंह मंदिर से जुडे डाँ. महेश मालवीय ने बताया कि मंदिर स्थापना के तिस 30 वर्ष से मंदिर में होने वाले कोई भी आयोजन नहीं हुए मंदिर में लक्ष्मी-नरसिंह का आकृष्क श्रंगार अभिषेक और आरती सुबह 9:30 नरसिंह चरित्र उद्बोधन और उत्सव आरती हुई।
इस अवसर पर गांव के सौदान धनगर , प्रमोद पटेल , महादेव धनारे, केदार धनारे आदि मौजूद रहे। 

भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक

पंडित महादेव धनारे ने कहा कि भगवान विष्णु के प्रमुख अवतारों में से एक नरसिंह हैं। नरसिंह जयंती वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। भगवान शक्ति और पराक्रम के देवता हैं।


पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान ने नरसिंह का अवतार लेकर दैत्यों के राजा हिरण्यकश्यप का वध किया था। यह अवतार उन्होंने अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा के लिए लिया था।


Post A Comment:

0 comments: