झाबुआ~सरकार के आदेश के बाद भी कल शराब की दुकानो पर लटके थे ताले,लायसेंस फीस के मुद्दे को लेकर शराब ठेकेदारों ने जताया था विरोध-नगर की चारों दुकानों पर कल अल सुबह से शराब शौकिनों की लगी थी भीड~~





अब आज से दिनांक 5 मई के आदेश अनुसार शराब की दुकाने संचालित की जाएगी....अभी भी कुछ नहीं बिगडा है,दुकान के स्टॉक रजिस्टर से ही माल की गिनती दुबारा कर ले~~




झाबुआ। संजय जैन~~

चाहे प्रदेश सरकार ने प्रदेश में ग्रीन एवं आरेज झोन में लाक डाउन की अवधि में अग्रेजी एवं देसी शराब की दुकानों को खोलने के आदेश जारी कर दिये हो,5 मई से आरेंज एव ग्रीन झोन मे आने वाले जिलो एवं स्थानों पर शराब की दुकाने सुबह 7 बजे से सायंकाल 7 बजे तक खोलने के निर्देेश दे दिये हो, किन्तु शराब ठेकेदारों ने सरकार की शर्तो एव लायसेंस फीस को लेकर झाबुआ सहित पूरे प्रदेश में कल देसी एवं अग्रेजी शराब की दुकानों को इसके बावजूद भी 5 मई को नही खोलते हुए अपना विरोध दर्ज कराया था। कोई भी शराब की दुकान इसके चलते झाबुआ सहित प्रदेश में छूट दिये गये ग्रीन एवं आरेंज झोन के जिलो में नही खुली,जिससे पियक्कडों में काफी निराशा दिखाई दी।




-लम्बे अर्से बाद  पियक्कडों के चेहरों पर मुस्कान थी ....





प्रदेश सरकार ने 5 मई से पूरे प्रदेश में इन्दौर,भोपाल, उज्जैन जो रेड झोन में आते है,उन्हे छोड कर प्रदेश के सभी आरेंज एवं ग्रीन झोन मे आने वाले जिलो जिसमे ग्रीन झोन में आने वाला झाबुआ भी शामिल है, वहां कलेक्टर के माध्यम से शराब की दुकानों के ठेकेदारों को पत्र द्वारा उक्ताशय की जानकारी दे दी थी। इस खबर के वायरल होते है शराब पीने वालों को लम्बे अर्से के बाद चेहरों पर मुस्कान थी और वे लोग सन्तुष्ठू दिखाई दे रहे थे कि उन्हे अब शराब की जुगाड करने में मशक्कत नही करना पडेगी। 




- लौटना पडा,शराब के शोैकीनों को निराश होकर





झाबुआ नगर में कुल चार शराब की दुकाने जिसमें दो राजगढ नाके पर तथा दो दुकाने बस स्टेंड पर क्रमश: एक एक देसी और एक एक अंग्रेजी शराब की दुकान होकर 5 मई की सुबह से इन दुकानों पर ÓÓपीने वालोÓÓ की भीड जमा होना शुरू हो गई थी। शराब की दुकान खुलने का लम्बे अरसे तक ये लोग इंतजार करते रहे किन्तु ठेकेदार ने नगर की एक भी दुकान को नही खोला था। अन्तत: एकत्रित हुए शराब के शोैकीनों को निराश होकर लौटना पडा था। नगर में शराब की दुकाने नही खोले जाने को लेकर जब वास्तविकता एवं वस्तुस्थिति ज्ञात की तो मालुम चला कि प्रदेश भर में शराब के ठेकेदारों ने सशर्त शराब दुकानों को खोले जाने की छूट का विरोध करते हुए,पूरे प्रदेश में ही दुकाने नही खोले जाने का निर्णय ले लिया था। 




-ठेकेदारों की मुख्य मांग,लायसेंस फीस में कमी की जाये





शराब के ठेकेदारों की मुख्य मांग है कि लायसेंस फीस में कमी की जाये। प्रदेश स्तर पर इसके लिये प्रेस कांफ्रेस करके भी शराब ठेकेदारों ने सरकार से मांग उठाई थी। हालांकी कलेक्टर झाबुआ ने प्रात: 7 से सायंकाल 7 बजे तक शराब की दुकाने खोलने के बारे में शासन निर्देशों से ठेकेदारों को अवगत भी करा दिया था। बावजूद इसके इन लोगों ने लायसेंस फीस में कमी एवं छूट दिये जाने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराते हुए,शराब की दुकानों को नही खोला था। लायसेंस फीस की कमी या छूट देने की बात इसलिये की जा रही है कि झाबुआ नगर में चार शराब की दुकाने है। जिसमें दो देसी तथा दो अंग्रेजी शराब की दुकाने है। इन अंग्रेजी शराब की दुकानों के लिये प्रतिदिन औसतन करीबन साढे तीन लाख रूपये की शराब की बिक्री का होना जरूरी है और सभी चारों दुकानों को मिला कर 8 से 10 लाख तक की बिक्री का राजस्व जमा करना जरूरी होता है। 




-मुश्किल हो जायेगा ,प्रशासनिक व्यवस्था के चलते दुकाने चलाना 





शराब ठेकेदारों का कहना है कि उनकी दुकाने सुबह 7 बजे से प्रारंभ हो जाती है और सायंकाल 7 बजे तक खोले जाने की बात कही जा रही है। किन्तु महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पूरे जिले में धारा 144 लगी होकर, 4 से अधिक लोगों को एक स्थान पर एकत्रित होने पर पाबंदी चल रही है। वही नगर में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही अन्य व्यावसायिक दुकाने खोली जा सकती है। उसके बाद कोई भी व्यक्ति नगर में सडको भी नही दिखना चाहिये। ऐसे माहौल में तय है कि उनकी दुकानों पर सोश्यल डिस्टेंटिंग का पालन हो नही सकता तथा शराब दुकानों पर भीड तो एकत्रित होगी ही। शराब दुकान से शराब खरीदने के बाद व्यक्ति वही आसपास ही बैठ कर शराब पीयेगा,तो उस पर भी कार्रवाही हो जायेगी। ऐसे में लायसेंस फीस मे छूट की मांग के साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था के चलते उनको अपनी दुकाने चलाना मुश्किल हो जायेगा तथा सोश्यल डिस्टेंटिंग का पालन नही होने तथा भीड एकत्रित होने पर उन पर जबरन कार्रवाही हो सकती है।




-हमे मजबुरन अपनी दुकाने बंद ही रखना होगी 





इसे लेकर शराब ठेकेदार मुकेश का भी कहना है कि सरकार ने मदिरा दुकानों को खोलने का समय प्रात: 7 बजे से सायं 7 बजे तक का आदेश जिला प्रशासन के माध्यम से जारी किया है। हमारी मुख्य मांग लायसेंस फीस मे छूट देने तथा कम करने की मुख्य है। इसे लेकर राज्यस्तर पर भी शराब के ठेकेदारों ने मिल कर चर्चा कर निर्णय लिया है। अभी धारा 144 के चलते दुकाने प्रारंभ करने पर इसका उल्लंघन भी होगा तथा भीड भी एकत्रित होगी जिसके चलते सोश्यल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना मुश्किल होगा। ऐसे में हमे मजबुरन अपनी दुकाने बंद ही रखना होगी ताकि कोई कानूनी पचडा खडा नही हो। लॉक डाउन के चलते जितने दिनों से हमारी दुकाने बंद रही है उसका टेक्स दुकान बंद रहने के चलते सरकार ने माफ  भी कर दिया है।




-चल रहा था शासन से चर्चाओं का दौर 





इस तरह शराब के ठेकेदारों की परेशानियों एवं भविष्य में आने वाली परेशानियों को देखते हुए पूरे प्रदेश के साथ ही झाबुआ जिले में भी शराब की दुकाने 5 मई से शुरू नही हो पार्इ थी। जिसके कारण शराब के शोैकीनों के अरमान पानी मे बहते हुए नजर आये। सूत्रों की बात सही मानी जावे तो राजधानी स्तर पर शराब ठेकेदारों एवं शासन के बीच इस मुद्दे को लेकर शासन से चर्चाओं का दौर चल रहा था और संभवतया इस चर्चा के निराकरण के बाद ही शराब की दुकानों के खुलने की आशा की जा रही थी।




.......इनका कहना है -





शराब की दुकानों को खोलने के निर्देश दिये है जिसकी जानकारी इन ठेकेदारों को दे दी गई थी। लायसेंस फीस के मसले के लेकर इनके द्वारा मांग की गई थी। इस बारे में आप शराब ठेकदारों से ही पुछे कि उन्होने दुकाने क्यों नही खोली थी.....?





........ शादाब एहमद सिद्दकी, जिला आबकारी अधिकारी झाबुआ

                     ०० बॉक्स खबर ००








अभी भी कुछ नहीं बिगडा है,दुकान के स्टॉक रजिस्टर से ही माल की गिनती दुबारा कर ले.........





उपरोक्त सभी अटकलों के दौर का देर शाम को निराकरण हो गया और आखिर में आज से दिनांक 5 मई के आदेश अनुसार शराब की दुकाने सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक नियमित रूप से सभी कोविड19 के नियमो का सख्ती से पालन करते हुए संचालित की जाएगी। यह खबर सुनते ही पियक्कडों में खुशी की लहर दौड पडी है। अब देखना यह है कि इस आदेश में भी अब कोई अटकल इन ठेकेदारों द्वारा खडी नहीं कर ली जाय। अब तो आज दुकाने शुरू होने पर ही कहा जा सकता है कि आज से शराब की दुकाने नियमित रूप से खुल चुकी है। 





*** जब हमने लोगो से चर्चा कि तो अधिकतर लोगो का कहना था कि शराब ठेकेदार इसलिए आना कानी कर समय व्यतीत कर रहे थे ताकि रात के अंधेरे में वे दुकानों को दोबारा भर सके,क्योंकि सील आगे से लगी होने के बावजूद भी दुकाने तो उनकी अंदर से खाली ही होगी। जो कि विगत दिनों में पीछे के दरवाजे से मुँह मांगी कीमत में बिक जो चुकी होगी। जिस पर प्रशासन का ध्यान ही नहीं है। प्रशासन को या तो सुबह अपनी देखरेख में दुकाने खुलवाना चाहिए था या अभी भी कुछ नहीं बिगडा है, दुकान के स्टॉक रजिस्टर से ही माल की गिनती दुबारा कर ले। 





                       


Post A Comment:

0 comments: