दसाई~~जल संकट हुआ विकराल जनप्रतिनिधि नदारद~~

जब जल संकट को लेकर जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई तो पल्ला झाड़ते नजर आए~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

कोरोनावायरस से जुझ रहे दसाई वासियों के लिए परेशानियां घटने का नाम ही नहीं ले रही है. बंद के चलते ठप पड़े धंधों के बीच लोग भयंकर जल संकट भुगत रहे हैं. पखवाड़े भर के अंतराल से भी लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा है .ऐसे में लोग टैंकरों से पानी खरीदकर आर्थिक तंगी के भी शिकार हो रहे हैं. जनप्रतिनिधियों की उदासीनता ने  समस्या को और विकराल बना दिया है। अगर दृढ़ इच्छाशक्ति से जनप्रतिनिधि इस दिशा में कोई पहल करें तभी इसका स्थाई निदान संभव है अन्यथा लोगों को इसी तरह साल भर जल संकट भुगतना पड़ेगा ।
दसाई में वैसे तो लगभग साल भर जल संकट बना ही रहता है.यहां लोगों को पंचायत द्वारा संचालित नल जल योजना से पानी दिया जाता है जो साल भर बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद आठ-दस दिनों में सप्लाई होता है,लोग पूरी तरह इस पर निर्भर नहीं रह कर हैंडपंप आदि से भी अपनी दैनिक पूर्ति करते हैं, लोगों की असली परीक्षा फरवरी माह से शुरू होती है कभी 10 दिनों में तो कभी पखवाड़े भर में पानी दिया जाता है, इसमें भी  पानी का प्रेशर उतना कम रहता है कि लोगों की पूर्ति ही नहीं  हो पाती. इसके अतिरिक्त मटमैला पानी आने से इसे पीने में तो काम में नहीं लिया जा सकता नहाने धोने आदि में ही लोग इसका उपयोग करते हैं।
जब जब भी जल संकट आता है लोगों को जनप्रतिनिधियों का मुंह ताकना पड़ता है,कार्यकर्ता भी अपने माध्यम से इसके हल के प्रयास करते हैं .इस बार भरपूर बारिश में लोगों को उम्मीद जगी थी कि शायद यह साल लोगों को जल संकट से राहत देगा मगर जल स्रोतों के दोहन से स्थिति पिछले साल से भी अधिक गंभीर हो गई है .लोग पानी  खरीद कर बेहाल हो चुके हैं और जनप्रतिनिधियों द्वारा सूखे क्षेत्रों में होल लगाकर सरकार का पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है और स्थाई समाधान के केवल लाली पाप ही जनता को दिए जा रहे हैं. बंद से चौपट हुए व्यवसाय से आर्थिक तंगी भुगत रहे लोग पीने का पानी कैसे खरीद रहे होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है, इस मामले में क्षेत्रीय विधायक भी दसई  को जल संकट से स्थाई निदान नहीं दिलवा पाए हैं जबकि पिछले 15 महीने प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और ऐसे में काली कराई जैसी प्रस्तावित जल योजना को हरी झंडी दिखाई जा सकती थी ताजे जल संकट को लेकर जब विधायक से सवाल किया गया कि आपने अपने कार्यकाल में दसाई के जल संकट को लेकर क्या प्रयास किया तो उन्होंने कहा कि मेरी निधि से यहां जल संकट के निदान के लिए कुछ नहीं दे पाया हूं.सांसद से भी इस बतौर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने पुत्र के दुर्घटनाग्रस्त होने और उसके उपचारार्थ संलग्न रहने का हवाला दे दिया। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता लोगों को अखर रही है।


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