अंजड~जहाँ एक और मजदूरों के बाहरी राज्यों से वापस आना बदस्तूर जारी है~~

इधर गांव में रहने वाले लोगों को इनसे संक्रमण की आशंका से डरे हुए हैं~~

सतीश परिहार अंजड~~

अंजड--महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के फैलने व मजदूरों के लौटने से गांवों के लोग अब दहशत में है। इसके साथ ही सुरक्षा को देखते हुए पंचायतों के सचिवों द्वारा मजदूरों कि जांच करवाने सहित अपने घरों में क्वारेंटाइन नियमों का पालन करने और घरों से बाहर नहीं निकलने की समझाईश दे रहे हैं। ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। वर्तमान स्थिति को देखा जाये तो केवल शहरी क्षेत्र में क्वारेंटाइन सेंटर में एक साथ बड़ी संख्या में मजदूरों को ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित है लेकिन मध्यप्रदेश के पडोसी राज्य महाराष्ट्र और गुजरात से लाकडाउन में पलायन करके आए सैकड़ों की तादत में मजदूर अभी भी बिना किसी जांच के ग्रामीण क्षेत्रों में घुम रहै है। एस ही एक मामला आज सुबह अंजड के समीप ग्राम मोहिपुरा में देखने में आया है जहां पंचायत सचिव द्वारा कंटेन्मेंट ऐरिया से बिना किसी जांच के गांव में आए अमृत पिता कैलाश को स्वास्थ्य परिक्षण करवाने का कहने पर उसने पंचायत सहसचिव मनोज सोलंकी को अभद्रता पुर्व गालियां देते हुए नदी में डुबो कर मारने की धमकियां दी जिसके बाद आक्रोशित पंचायत सचिव और सहायक सचिव संगठन द्वारा ग्यापन थाना अंजड में दिया गया और आरोपी युवक पर शासकीय कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में कार्यवाही करने की मांग कि इस दौरान सहायक सचिव मनोज सोलंकी सचिव मुकेश गुप्ता, हरीश पाटीदार, उमाशंकर पाठक, अखिलेश तोमर, राजपाल चौधरी, पप्पू वास्के, मन्नालाल वर्मा, लोकेश तोमर, राधेश्याम धनगर, मथुरालाल वास्कले,अमिचंद, कुंदन तोमर, भागीरथ बडौले सहित तहसील अंजड के सभी गाँवों के सचिव और सहसचिव ग्यापन देनें के दौरान मौजूद रहे।
सचिव हरीश पाटीदार ने बताया-- हम बगैर किसी सुरक्षा व्यवस्था के बाहर से आए मजदूरों के सेहत कि देखरेख कर प्रशासन के द्वारा हमें दिये जा रहे निर्देश का पालन कर रहै है हमारी मांग है कि संक्रमण काल के इस दौर में इन असामाजिक तत्वों पर कार्यवाही होनी चाहिए।


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