अंजड~ईद उल फितर---
बाेहरा समाज ने मनाई ईद, धर्मगुरु के वसीले की रिकॉर्डिंग घरों में दिखाई गई, सिंवैया और शीरखुरमा से किया मुंह मीठा ~~

बोहरा समाज के वरिष्ठ जोयेब आसीफ ने घर पर ही परिवार के साथ ईद मनाई~~

बोहरा समाजजनों ने घर पर ही परिवार के साथ ईद मनाई~~

लाॅकडाउन के बीच लोगों ने घरों में रहकर फोन और मैसेज के माध्यम से एक-दूसरे को बधाई दी~~

सतीश परिहार अंजड~~

अंजड---बाेहरा समाज शनिवार को ईद उल फितर का पर्व मनाया है। काेराेना महामारी के चलते जारी लाॅकडाउन के बीच लोगो ने घरों में रहकर फोन और मैसेज के माध्यम से एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं। बोहरा समाज के जोयेब आसीफ ने बताया ईद उल फितर की रात 22 मई को विशेष नमाज (वश्शेक) अदा की गयीं। 53वें धर्मगुरु आली कदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला (त:उ:श:) एवं 51 ,एवं 52 वे धर्मगुरु  के भी वसीले (बयान) की रिकॉर्डिंग सभी बोहराजन के घरों में दिखाई गई। शनिवार सुबह 6.ooबजे ईद उल फितर का खुतबा पढ़ा गया। इसके अलावा देश में कोरोना संक्रमण के रूप में आई आफत से निजात मिलने की दुआ भी विशेष रूप से ईद की नमाज में मांगी गई। समाजजनाें ने प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए अपने सबसे बड़े पर्व को मनाया और घरों पर ही सिंवैया और शीरखुरमा से मुंह मीठा किया। एवंआज ईद के दिन दोपहर को आली कदर मौला ने अपने समाज जनों को दर्शन लाभ देकर समाज जनों को ईद की मुबारक बाद देकर इस महामारी से बचने के लिये पूरे देश के   बाशिंदों के  उत्तम स्वास्थ्य लाभ की कामना कर ,  इस महामारी से बचाने में जुटे कर्मवीर योद्धाओं के लिये  दुआ की।।

लॉकडाउन का पालन करते हुए नमाज अदा करने मस्जिद नहीं गए समाजजन रमजान के आखिरी जुमा पर घरों में रहकर समाजजनों ने अदा की नमाज

उधर, मुस्मिलजनों ने रमजान के माह का आखरी जुमा (शुक्रवार) को घरों में रहकर नमाज अदा की और इबादत की। वहीं पांच पाक रातों में आखरी रात भी थी। रातभर समाजजनों ने जागकर खुदा से इबादत की। समाजजनों ने बताया कि शुक्रवार को रमजान का आखिरी जुमा था। समाजजनों ने घरों में रहकर ही नमाज अदा की। इधर, ईद का पर्व आने वाला है। समाजजनों ने ईद को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। लाकडाउन के चलते बांम्बे-आगरा नेशनल हायवे पर पहुचकर मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने प्रवासी मजदूरों से भरे वाहनों में यात्रा कर रहे लोगों तक नगर अंजड से खाने कि सामग्री, बिस्किट, फल और शुद्ध जल का वितरण कर जिन्हें जरूरत है, उनकी मदद की जा रही हैं, ताकि वे ईद का पर्व उत्साह के साथ मना सकें।


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