*बड़ी खट्टाली~घरों में रहकर परिवार के लोगों के साथ  बड़ी सादगी से मना ईद का त्योहार*~~

*नगर में आज ईद- ईद-उल-फितर   मुस्लिम समाज ने सादगी से मनाई*~~

बड़ी खट्टाली~ मुस्लिम समाज ईद-उल-फितर की नमाज शासन के निर्देशानुसार  एक इमाम और चार अन्य लोगों ने मस्जिद में पढ़ी नमाज । बाकी मुस्लिम भाइयों ने ईद उल फितर की नमाज घर पर रहकर ही पड़ी। लॉक डाउन के चलते मुस्लिम समाज ने ईद उल फितर ईद की बधाई का दौर पुरे दिन भर फोन व मोबाइल पर एक दूसरे को दी मुबारकबाद दी जैसे कि पूरे देश में दी गई।

ईद-उल-फितर-का-महत्व

रमजान के पाक माह में व्यक्ति गर्मियों में भूख-प्यास बर्दाश्त करता है, उसी प्रकार जीवन में घटने वाली सभी परिस्थितियों को बर्दाश्त करना होता है। ईद उल-फितर त्याग की भावना समझता है, यह पर्व बताता है कि इंसानियत के लिए अपनी इच्छाओं का त्याग करना चाहिए, ताकि एक बेहतर समाज को बनाया जा सके। हमेशा भाईचारे के साथ रहना चाहिए।

*जानें- ईद उल-फितर का मकसद*

पवित्र कुरान के अनुसार, रजमान के महीने में रोजे रखने के बाद अल्लाह अपने बंदों को बख्शीश और इनाम देता है।  बख्शीश और इनाम के इस दिन को ईद-उल-फितर कहा जाता है। इस दिन लोग गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए एक खास रकम निकालते हैं, जिसे जकात (दान) कहते हैं। इस जकात उनकी जरूरतों को पूरा किया जाता है और जिससे इस पर्व का बराबरी का मकसद पूरा हो सके।

*ईद से पहले जकात और फितरा देने का महत्व*

ईद की नमाज से पहले सभी मुसलमानों पर फर्ज है कि वे अपनी हैसियत के हिसाब से जरूरतमंदों को दान दें. रमजान के महीने में ये दान दो रूप में दिया जाता है, फितरा और जकात. रमजान के महीने में ईद से पहले फितरा और जकात देना हर हैसियतमंद मुसलमान पर फर्ज (जरूरी) होता है. दरअसल, इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक, अल्लाह ने ईद का त्योहार गरीब और अमीर सभी के लिए बनाया है. गरीबी की वजह से लोगों की खुशी में कमी ना आए इसलिए अल्लाह ने हर संपन्न मुसलमान पर जकात और फितरा देना फर्ज कर दिया है. हालांकि, लोग अपनी हैसियत के हिसाब से कम या ज्यादा दान गरीबों में दे सकते है, ताकि, ईद का त्योहार सभी लोग खुशी से मना सकें।
   इस मौके पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मुस्तेद रहा। राजस्व विभाग से ग्राम पटवारी नितेश अलावा तथा पुलिस विभाग से चौकि प्रभारी कुलदीप सिह राठौड़,सोबरन सिह पाल,व समस्त पुलिस कर्मीयो ने ईद के मौके पर शासन के निर्देशानुसार सोशल डिस्टेंसिग का पालन कराते हुए समाज जनो को ईद त्योहार की शुभकामनाएं दी।


Post A Comment:

0 comments: