अंजड~लॉकडाउन से मंदिरों के पुजारियों की आर्थिक स्थिति खराब...~~

शराब की दुकानें खोलने और मंदिरों में भक्तों के प्रतिबंध से नाराज ब्राह्मण~~

सतीश परिहार अंजड~~

अंजड--लॉकडाउन के कारण नगर के मंदिर के पुजारियों की आर्थिक स्थिति अब खराब होने लगी है। मंदिरों में रोज चढ़ने वाले चढ़ावा से उनका परिवार चलता था। मंदिर बंद होने से उन्हें दिक्कत हो रही है। उन्हें नतो सरकारी मानदेय मिलता है और न ही रहने के लिए कोई स्थायी ठिकाना है। उनके पास राशन कार्ड भी नहीं हैं। नगर सहित आसपास के गांवों के दर्जनों बड़े-छोटे मंदिरों के पुजारियों का यह दर्द है। लॉकडाउन के चलते पिछले लगभग 40 दिनों से सभी मंदिरों में पूजा का काम बंद है। यह आगे इसी प्रकार से 14 अप्रैल तक चलेगा। पुजारियों ने कहा कि वैसे भी मंदिरो में आए चढावों से मुश्किल से ही घर परिवार चल पाता है। नवरात्र के समय भक्तों को आने की मनाही थी। ऐसे में जो कुछ भक्तों से दान की आस थी, वो भी पूरी नहीं हुई। यहीं स्थिति वैसे ब्राह्मणों की है, जो घर-घर यजमानों के यहां जाकर हवन यज्ञ, सत्यनारायण पूजा, ग्रह प्रवेश और लग्न करवाकर परिवार की जीविका चलाते हैं। लॉकडाउन के चलते घरों में भी पूजा नहीं हो रही है। नगर में बड़े-छोटे सभी मंदिरों को मिलाकर कुल लगभग सौ से अधिक की संख्या में पुजारी रहते हैं। अधिकांश पुजारी सरकार व सामाजिक संस्थाओं से आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। नगर के सुप्रसिद्ध नगरीमाता मंदिर , जगदंबा मंदिर, नवग्रह शनिदेव मंदिर, भैरव मंदिर समेत दर्जनों बड़े- छोटे मंदिरो में रोज सैकड़ों भक्त आते है। सिर्वी समाज जोगमाया मंदिर कज पुजारी शितल भार्गव ने कहा कि लॉकडाउन के चलते मंदिरों के पुजारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। उन्हें आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। एक और राजस्व की प्राप्ती के लिए सरकार ने अशुद्ध शराब दुकानों को खुलवा दिया है लेकिन सात्विकता वालै मंदिरों में प्रवेश पर अभी भी रोक लगाई हुई है।


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