झाबुआ~ जिले में राजस्थान से आए मजदूरों में निकला एक कोरोना पोजिटीव खबर ने मचाया तहलका~~

प्रशासन ने दाहोद के सरफराज को कोरोना होने की बात कही~~

झाबुआ जिले के लिये चिंता का कोई प्रष्न नही कोरोनटाईन कर बरती जा रही सावधानी~~

झाबुआ। संजय जैन~~

 मध्यप्रदेश में गुजरात और राजस्थान से आ रहे मजदूरों के जरीये कोरोना के मरीज झाबुआ जिले की सीमा  में प्रवेश कर रहे है जिसके चलते ग्रीन झोन में चल रहे झाबुआ जिले में कोरोना संकट के बादल मंडराने लगे है। जिसके चलते जिला प्रशासन में हंडकम्प मच गया है और प्रशासन अलर्ट पर आ गया है। झाबुआ जिले में निरंतर दूसरे राज्यों से लोगों का आना जारी है। इस बीच एक महत्वपूर्ण तथा बुरी खबर यह है कि नयापुरा राजस्थान एमपी बॉर्डर से गत 29 अप्रेल को एक बस झाबुआ जिले के थांदला, झाबुआ तथा पेटलावद तहसील के ग्राम खोरिया रलियामन तथा नाहरपुरा के कुल 45 मजदूरों को अपने गृह क्षेत्र लेकर पहुंची थी, उक्त बस कंडक्टर जो कि नीमच जिले का रहने वाला है। उसकी दाहोद में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच की गई, जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया, प्रशासन द्वारा जब उसकी ट्रैवलिंग हिस्ट्री निकाली गई तब उससे जानकारी प्राप्त हुई कि वह झाबुआ जिले में मजदूरों को छोड़ने के लिए आया था। जिला कलेक्टर प्रबल सिपाहा के निर्देश पर पेटलावद एसडीएम मालवीय ने अपनी टीम के साथ खोरिया के 10 मजदूर, रेलियामन और नाहरपुरा के चार चार मजदूर को कुल 18 मजदूरों को गांव से लाकर 14 दिन के लिए पेटलावद चिकित्सालय द्वारा क्वॉरेंटाइन किया गया।

29 अप्रेल को राजस्थान नीमच की बार्डर स्थित नयागांव से एक बस आई

प्राप्त जानकारी अनुसार विगत 29 अप्रेल को राजस्थान नीमच की बार्डर स्थित नयागांव से एक बस क्रमांक एम.पी.11-पी 7799 को ड्रायवर भोलू और कंन्डक्टर शरीफ खान मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील के चेक पोस्ट घुघरी मेें 45 लोगों को लेकर आई थी इस बस में 13 बच्चे और 32 बडे लोग शामिल थे। इन मजदूरों में पेटलावद तहसील के 21 लोग,थांदला के 10 लोग और झाबुआ के 14 लोग थे। बस ने इन सभी को इनके गांवों में छोडा था । इन लोगों में झाबुआ गये एक समाज विशेष के लोग झाबुआ से दाहोद पहूंचे थे ।  इन लोगों की दाहोद मेें 30 अप्रेल को कोरोना जांच की गई जिसमें से एक व्यक्ति को जिसका नाम सरफराज है,को कोरोना पाॅजिटीव निकला है। जिसकी जांच रिपोर्ट 2 मई को मिली है। 

एक कोरोना पाॅजीटीव्ह पाया गया

उक्त जानकारी पेटलावद के अनुविभागीय अधिकारी एमएल मालवीय ने देते हुए बताया कि उनके द्वारा पेटलावद तहसील में आये मजदूरों को जिनकी संख्या 18 ह, को ग्राम खोरीया,रलियामान मेें चिन्हीत कर उनके घरों में क्वारेनटाईन कर दिया गया है। बाकी के मजदूरों का उन्हे ज्ञान नही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में आये यात्रियों में भेरू सोजी,बहादुर रामा,दुलेसिंग सकरीया,वसीम गफार,बहादूर टीटू,अंकित बहादूर,रचना,अहमद सरफराज,निमा फतेसिंग,जितू रामू,शंकर भेरू,भूरी बहादूर,शिवम बहादूर,सीमा फतेसिंह,रूपा दुलेसिंग,टीना शंकर,गीता भेरू,आसु फतेसिंग,मो.दाईवसीम,अजीत वसीम,खुदेसीया वसीम,निगार फातिमा,सरफराज गफार,अक्षा सरफराज,शारदा मेहजी,मेहजी कालू, सुभाष वसीम,प्रमिला मेहजी,बेरखी वसीम,वसीम बेरखा,कनीश वसीम,रेशमा सरफराज,ईषा अख्तर कुरेशी,सिखा हेदर कुरेशी,नाजीया वसीम,सावित्री मंगाराम,मंगाराम भुगडामल,सवन बंशी,बंशी रायसिंग, रमेश बंशी,सुनी बंशी,हेतरी बंशी,सरिता बंशी,रेखा बंशी,महेश बंशी शामील है जिनके द्वारा बस मे यात्रा की गई । इनमें से अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोग झाबुआ के बताये जा रहे है जोकि झाबुआ से दाहोद गये है, जिनमें से एक कोरोना पाॅजीटीव्ह पाया गया है । 

वहीं घुघरी चेक पोस्ट पर इन मरीजों को रिसीव्ह करने वाले स्टाफ की जांच भी कराना आवश्यक हो गयी है क्योंकि ये भी सभी इन बस यात्रियों के संपर्क में आये थें। अब जिला प्रशासन इन लोगों को ढूंढ कर इनका पुनः स्वास्थ्य परिक्षण कराने की कोशिश में जुट गया है,। फिलहाल पेटलावद के 18 मजदूरों का ही पता चल पाया है। जिसके बाद से जिले में बाहर से आने वाले मजदूरों को लेकर कोरोना संकट के बादल मंडराने लगे है । जिला प्रशासन को इस और विशेष ध्यान देकर बारिकी से मजदूरों का परिक्षण कराना होगा अन्यथा झाबुआ जिले में कोरोना संकट अपने पांव पसार सकता है।

इस संबंध में झाबुआ जिले के एडिशनल एसपी विजय डावर से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि हां यह सहीं है, नीमच का जो बस कंडक्टर कोरोना संक्रमित पाया गया है, उसके द्वारा पिछले दिनो राजस्थान से बस भरकर झाबुआ जिले के मजदूरों को यहां लाया गया था, उस आधार पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी 45 मजदूरो को उनके गांव में ही परिवार सहित क्वारेंटाईन कर दिया गया है। अब वे पिछले 4 दिनों में किन-किन लोगो से मिले, इसकी हिस्ट्री निकाली जा रही है। फिलहाल तो राजस्थान की ओर से झाबुआ जिले में मजदूरो का आवागमन जारी है, लेकिन पुलिस अधीक्षक विनीत जैन के जैसे अगले निर्देश होंगे, वैसी कार्रवाई की जाएगी।

-चिंता की कोई बात नही झाबुआ का नही है कोरोना मरीज

प्रशासकीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना पाजिटिव्ह होने का जिस बस कंडक्टर का जिक्र किया गया हे वास्तव मे वह बस कंडक्टर नही होकर  दाहोद निवासी  कोरोना पॉजिटिव झाबुआ के मजदूरों के साथ, आया था ।, झाबुआ सीएमएचओ बीएस बारिया ने कहा लोग घबराए नहीं, सैंपलिंग की जा रही है नतीजों के बाद ही स्थिति साफ होगी । इस बारे में नीमच के एडि.एसपी राजिव कुमार मिश्र ने भी वस्तुस्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि नयागांव बार्डर से निमच जिले से मजदूरो की जो बस रवाना हुई उसमें दाहोद निवासी सरफराज जो 20-25 दिन  पूर्व निमच अपने भाई एंवं माॅ के साथ आया हूआ था। 29 अप्रैल को मजदूरो की बस में निकल गया था। ओर झाबुआ जिले के फुलमाल पर उतर गया था। जहां वह अपने निजी वाहन से भाई वसीम के साथ दाहोद पहुचा। जहा दोनो की मेडिकल जांच हुई जिसमें दोनो को पाॅजिटिव्ह बताया गया।

किसी प्रकार की चिंता नही होने की बात कही

 उनके नीमच ग्रीन झोन में होकर यहा कोई भी कोरोना पाॅजिटिव्ह कैस नही है। फिर भी कलेक्टर एवं एसपी के निर्देश पर ये जहा ठहरा था वहा सभी लोगो की कोरोनटाईन कर जांच की जा रही है। इनकी वृद्ध माता हृदय रोग से ग्रसित होकर उनका भी ईलाज चल रहा है। यदि सरफराज को नीमच में कोरोना होता तो निश्चित ही इनकी माॅ भी इससे प्रभावित होती। इस बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने भी लोगो से किसी प्रकार की चिंता नही होने की बात कही है।  


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