बड़वानी~एसडीएम बड़वानी ने टीम के साथ किया
प्रायवेट चिकित्सा संस्थानो का निरीक्षण ~~

बड़वानी /एसडीएम बड़वानी सुश्री अंशु जावला ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. बीएस सैत्या तथा सिविल सर्जन डाॅ. आरसी चोयल के साथ बड़वानी नगर में संचालित समस्त प्रायवेट चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण किया । इस दौरान इन्होने राज्य शासन द्वारा संदिग्ध कोरोना वायरस प्रभावित एवं सर्दी - खासी - बुखार से संबंधित रोगियो की पृथक से की जाने वाली व्यवस्थाओं का भी आकंलन किया ।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियो ने प्रायवेट चिकित्सा संस्थानो के पदाधिकारियो को निर्देशित किया कि वे अपने ओपीडी में एवं आंतरिक रोगियो में यदि बुखार, खांसी, सास लेने में कठिनाई से संबंधित लक्षणो वाले रोगी आते है तो उसकी जानकारी तत्काल जिला चिकित्सालय को दे । जिससे इनकी समुचित व्यवस्था की जा सके ।
राज्य शासन द्वारा प्रायवेट चिकित्सा संस्थानो हेतु जारी दिशा निर्देश
बाह्य रोगियो के लिये
ऽ अस्पतालो के प्रवेश द्वार पर ही सर्दी / खाॅसी / बुखार के मरीजो की स्क्रीनिंग की जाये एवं रोगियों के प्रवेश व निकास को नियत्रित किया जाये ।
ऽ जिन अस्पतालो में एक ही प्रवेश / निकास द्वार हो, वहाॅ परिसर के भीतर आगमन व निर्गमन को बेरिकेडिंग कर पृथक किया जाये
ऽ अस्पताल में तैनात स्टाॅफ से रोगियो की दूरी सुनिश्चित करने हेतु 1 मीटर के दायरे में बेरिकेडिंग किया जाये तथा अस्पताल परिसर में अनिवार्य रूप से सोशल डिस्टेंस का पालन करवाया जाये ।
ऽ समस्त मेडिकल एवं पेरामेडिकल स्टाॅफ को व्यक्तिगत सुरक्षा, साधन व सेनिटाइजर उपलब्ध कराने का दायित्व अस्पताल प्रबंधन का होगा ।
ऽ जिन अस्पतालो में 1 से अधिक प्रवेश / निकास द्वार हो, उन सभी को बंद कर आवागमन हेतु मात्र 1 द्वार ही खुला रखा जाये एवं कोविड - 19 के संदिग्धो हेतु पृथक से आवागमन / निर्गमन सुनिश्चित किया जाये ।
ऽ समस्त रोगियो व रोगियो के साथ आये परिजनों को मास्क / रूमाल / गमछा / दुप्पट्टा आदि से मुंह ढकने हेतु निर्देशित किया जाये ।
ऽ अस्पताल परिसर, चिकित्सालय कक्ष, वार्ड, प्रायवेट कक्ष तथा अन्य समस्त स्थल जहाॅ रोगियो का आवागमन होता हो तो प्रत्येक 8 घण्टे के अंतराल पर 1 प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोराइट सल्यूशन से सेनेटाइज किया जाये ।
पाॅजिटिव रोगी के भर्ती होने पर क्या करना होगा
ऽ उपरोक्त स्थिति में अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों / जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल सूचना दी जाये ।
ऽ रोगी को चिन्हाकित कोविड संस्था में ट्रांसफर करने के पूर्व क्लीनिकल स्थिति अनुसार उचित प्रबंधन 1 पृथक कक्ष में आइसोलेट कर सुनिश्चित किया जाये । तथा रोगी को अनिवार्य रूप से मास्क पहनाया जाये ।
ऽ उपरोक्तानुसार सावधानियाॅ बरतते हुये रोगियो के परिवहन की व्यवस्था 108 एम्बूलेंस से ही सुनिश्चित की जाये ।
ऽ परिवहन के दौरान एम्बूलेंस कर्मी व ड्रायवर द्वारा व्यक्तिगत सुरक्षा साधन का उपयोग किया जाये व परिवहन पश्चात् एम्बूलेंस को सेनिटाइज किया जाये ।
ऽ अस्पताल में रोगी के सम्पर्क में आये समस्त स्वास्थ्य कर्मी, सपोट स्टाॅफ, परिजन, अन्य रोगी अथवा आगन्तुको की पहचान कर 14 दिवस हेतु क्वारेंटाइन करने बाबत् नामजद सूची स्थानीय प्रशासन को उपलब्ध कराई जाये ।
ऽ ऐसे समस्त सम्पर्को को निर्धारित दवाई का डोज चिकित्सकीय सर्तकता के साथ दिया जाये ।
कोविड - 19 के संदिग्ध / पुष्ट स्वास्थ्य कर्मी के चिन्हाकन होने पर
ऽ बुखार, खांसी, सास लेने में कठिनाई वाले समस्त स्वास्थ्य कर्मियो को कोविड - 19 का संदिग्ध माना जाये । ऐसे कर्मियो को मास्क का उपयोग करने के निर्देश दिये जाये  एवं तत्काल चिन्हांकित कोविड - 19 अस्पताल में आइसोलेशन व प्रबंधन हेतु रेफिर किया जाये ।
ऽ स्वास्थ्य कर्मियो के सम्पर्क में आये अन्य कर्मियो व रोगियो की नामजद सूची तैयार कर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया जाये । ताकि क्वारेंटाइन में रखकर इनकी निगरानी की जा सके ।
ऽ समस्त स्वास्थ्य केन्द्रो पर वैकल्पित स्टाॅफ व्यवस्था हेतु कांटिजेंसी प्लान तैयार रखा जाये ताकि अस्पताल सेवाओं की निरन्तरता बनी रही ।
ऽ अस्पताल में मानक विषाणु मुक्ति की प्रक्रियाओं का पालन किया जाये, किसी भी अस्पताल में संदिग्ध अथवा पुष्ट कोविड - 19 रोगी के पाये जाने पर रोगी के त्वरित आइसोलेशन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। ऐसी परिस्थिति में पूर्ण अस्पताल को बंद करने की आवश्यकता नही है, वरण् विषाणु मुक्ति, रोगी का आइसोलेशन व कन्टेेक्ट ट्रेसिंग कराई जाये ।
ऽ यदि उपरोक्त प्रक्रियाओं के पालन के बावजूद उक्त संस्था में पुनः नये संदिग्ध पाये जाते है तो अस्पताल / अस्पताल के संबंधित शाखा को अस्थाई रूप से बंद किया जाये व समुचित सफाई तथा विषाणु मुक्ति की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये ।


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