बड़वानी~किसान भाई टिडडी दल के प्रकोप से रहे सावधान~~

बड़वानी  / कृषि विज्ञान केन्द्र बड़वानी के प्रधान वैज्ञानिक और प्रमुख डाॅ. एस. के. बड़ोदिया ने बताया कि आस-पास के जिलों में टिडडी दल के प्रकोप को देखा जा रहा है, जो खेतो ंमे लगी फसलों और वनस्पतियो को खाकर नष्ट कर देता है । साथ ही फल एव सब्जियों वाली फसलों को भी इनसे गंभीर नुकसान होता है ।
उन्होने बताया कि यह टिडडी दल एक दिन में 150-200 किलोमीटर आगे बड़ता है एवं समूह में रात्रिकालीन के समय, खेतों में रूककर फसलों को खाता है और जमीन में लगभग 500-1500 अंडे प्रति कीट देकर सुबह उड़ कर दूसरी जगह चला जाता है । टिडडी दल के समूह में इनकी संख्या लाखों में होती है। ये जहाॅं भी पेड़-पौधें और अन्य वनस्पति दिखाई देती, उसे खाकर आगे बढ़ जाते है ।
कृषि वैज्ञानिको ने बताया कि पहले इनका प्रकोप पाकिस्तान से सटे हुए भारत के राजस्थान के जिलों में ही देखा जाता था, लेकिन इस वर्ष मध्यप्रदेष के कुछ जिलों में भी देखा गया है ।
केन्द्र के प्रमुख वैज्ञानिक डाॅ बड़ोदिया एवं वैज्ञानिक द्वय डाॅ. डी. के. तिवारी व डाॅ. डी. के.  जैन ने किसान बन्धुओं को निम्न सलाह दी है। 
ऽ कीट किसी भी समय खेतो में आक्रमण कर क्षति पहुंचा सकते है । शाम 7 से रात 9 बजे के बीज दल विश्राम के लिये कहीं भी बेठ सकते है , जिसकी पहचान और जानकारी के लिए स्थानीय स्तर पर दल का गठन कर सतत् निगरानी रखें।
ऽ यदि टिडडी दल का प्रकोप हो गया तो टोली बनाकर विभिन्न तरह की परापरांगत उपाय जैसे शोर मचाकर, बिना सांयलेसर के वाहनों से ध्वनि कर एवं अधिक ध्वनि वाले अन्य यंत्रों को बजाकर या पौधों की डालो से अपने खेते से भगाया जा सकता है ।
ऽ रासायनिक कीटनाषी पाउडर मेलथियान 5 प्रतिषत 20 किग्रा या फैनबिलरेड 0.4 प्रतिषत 20-25 किग्रा या क्युनालफाॅस 1.5 बीपी 25 किग्रा. प्रति हैक्टेयर की दर से बुरकाव करें ।
ऽ यदि शाम के समय टिडडी दल का प्रकोप हो गया है तो तडके 3 से सुबह 5 बजे तक तुरंत अनुषंसित कीटनाषी दवाए ंटेªेक्टर चजित स्प्रेपंप (पाॅवर स्प्रेयर) द्वारा जैसे-क्योरपायरीफाॅस 20 ईसी 1200 मिली या डेल्टामेथरिन 2.8 ई.सी. 600 मिली. अथाव नालेम्डा साइलेथीन 5 ईसी 400 मिली, डाईफ्लूबिन ज्यूराॅन 25 डब्ल्यूटी. 240 ग्राम प्रति हेक्टेयर 600 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
ऽ जैसे किसी गांव में टिडडी के आक्रमण की जानकारी मिलती है तो प्रषासन, कृषि विभाग , कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क करें । किसान भाई टिडडी दल के आक्रमण के समय यदि कीटनाषी दवा उपलब्ध नहीं है तो ट्रेक्टर चलित पाॅवर स्प्रे के द्वारा पानी की तेज बौछार से भी इन्हें भगा सकते है।


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