भिण्ड~आशा सहयोगिनी बगैर किसी सुरक्षा के कर रही है फील्ड में काम,सरकार ने नहीं किये इनके लिए सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम।~~

भिण्ड-आशा सहयोगिनी कार्यकर्त्ता से केवल 30 रुपये प्रतिदिन पर इतना जोखिम भरा कार्य सरकार के द्वारा करवाया जा रहा है कोरोना जेसीं बीमारी में इनको गांव गांव जाकर लोगो को जागरूक करने का जिम्मा दिया गया है लेकिन उसके अनुरूप इनको जो सुविधाएं दी जानी चाहिए वह इनको सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई इन लोगो को न तो सुरक्षा हेतु कोई किट दी गई न ही इनका कोई स्वास्थ परीक्षण कराया जाता है जबकि आशा कार्यकर्ता बाहर से आने वाले लोगो को घरों में रहने के लिए जागरूक कर रही है और बाहर से आने वाले लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को बुलाकर साथ रहकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी करवाती है इतने जोखिम भरे कार्य करने को आशा कार्यकर्ताओं को न तो मास्क दिए गए और न ही ग्लब्स और सेनेटाइजर उपलब्ध कराया गया इससे साफ जाहिर होता है कि आशा कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डालकर भी कोरोना महामारी से लड़ने का बीड़ा उठाये हुए है
अभी हाल ही में प्रदेश की राजधानी भोपाल में दो आशा कार्यकर्ताएं कोरोना संक्रमित पाई गई है लेकिन उसके उपरांत भी सरकार द्वारा प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओ को कोई भी सुविधा नहीं दी जा रही है और जबके आशा कार्यकर्ताएं क्षेत्र में रहकर ज़ी जान से मेहनत कर रही उसके बाद भी इनको कोरोना महामारी से लड़ने वाले योद्धाओं में शामिल नहीं किया गया है।
*इनका कहना-* आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताएं दिन रात परिश्रम करके कोरोना योद्धाओं की तरह काम रही है फिर भी सरकार के द्वारा हमको कोई भी उचित सुविधा नहीं दी गई,सरकार हम सभी लोगों को किट,मास्क सेनेटाइजर उपलब्ध कराए और हमारी प्रोत्साहन राशि भी नियत करें।
*लक्ष्मी कौरव प्रदेश अध्यक्ष आशा सहयोगिनी कार्यकर्ता मध्यप्रदेश।*


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