झाबुआ~कलेक्टर कार्यालय पर बस ड्राइवरो का प्रदर्शन, अनुविभागीय अधिकारी पर जुल्म-ज्यादती करने का आरोप~~

झाबुआ अनुविभागीय अधिकारी पर लगे आरोपझाबुआ। कोविड 19 के चलते जिले में गुजरात,राजस्थान से बडी संख्या में प्रतिदिन
सैकडों की संख्या में प्रदेश की सिमावर्ती पिटोल बार्डर मजदूर गुजरात से बसों द्वारा लाकर छोडे जा रहे है । इन मजदूरों को झाबुआ जिला प्रशासन द्वारा जिले की बसों से अन्यत्र छोडा जा रहा है। लेकिन आज पिटोल बार्डर पर बस चालकों और अनुविभागीय अधिकारी के बिच विवाद हो गया जिसके चलते बस चालकों ने बसे खडी कर दी और झाबुआ जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया बस चालकों ने अनुविभागीय अधिकारी पर खुले तौर पर यह आरोप लगाये की झाबुआ अनुविभागीय अधिकारी खराडी द्वारा उनके साथ मारपिट की जाकर उनके खिलाफ धारा 188 में
कार्यवाही करने की धमकी दी जा रही है जिसके चलते बस चालक अब बसे आगे नहीं ले जायेगें। मामले को सुलझाने के लिये परिवहन अधिकारी भी झाबुआ पहूंचे और स्थिति से कलेक्टर को अवगत कराया परिवहन अधिकारी ने बताया की अभी स्थिति खराब
है और इसलिये सभी सहयोग करे और आपने बस चालकों से कहां की वे बसें चलाये इस पर बस चालकों ने कहां की वे बसे चलाने को तैयार है लेकिन जब तक अनुविभागीय अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जाती तब तक वे बसे नहीं चलायेगें । इसके
चलते पिटोल बार्डर पर सैकडों मरीज सुबह से आगे जाने के लिये अटके पडे है ।ज्ञातव्य है कि झाबुआ जिला प्रशासन राजस्थान और गुजरात से आ रहे मजदूरों की समस्याओं को हल नहीं कर पा रहा है जिसके चलते कल पिटोल बार्डर पर उत्तर प्रदेश के मजदूरों ने हंगामा खडा कर कई बसों के कांच फोड दिये थें वहीं राजस्थान के नयागांव से आने वाली बस से बिना जांच के कोरोना पिडीत लोग
झाबुआ पहूंच गये और यहां से फिर दाहोद भी चले गये लेकिन प्रषासन को भनक तक नहीं लगी । जिले में लगातार मजदूरों को लेकर प्रशासनीक अव्यवस्थाऐं उजागर हो रही है । भारतीय जनता पार्टी के नेता व प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य दौलत भावसार ने भी जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाये है कि प्रदेश में भाजपा की
सरकार को जिले के अधिकारी बदनाम करने की कोशिश कर रहे है ।मामले में जिले के अधिकारी जवाब देने को तैयार नहीं है ।


Post A Comment:

0 comments: