झाबुआ~पिटोल आरटीओ बेरियर कही न बन बैठे कोरोना कैरियर.....किसकी अनुमति से रेड जोन से आई बसे~~

हजारो की तादात मे मजदूरो का हो रहा आगमन-जरूरमंदो की कर रहे सेवा~

झाबुआ। संजय जैन~~

वैश्विक महामारी कोरोना जिससे सम्पूर्ण विश्व भयभीत है,पीडि़त है। छोटे राष्ट्रों से लेकर सुपर पावर तक जिस महामारी के आगे नतमस्तक है। सभी हर उस चुक से बचने में जुटे है,जिससे की इस महामारी को अपनी जड़े जमाने में
सहायता मिले। ऐसी स्थिति में छोटी छोटी लापरवाहियो के चलते पिटोल आरटीओ बेरियर कही न बन बैठे कोरोना केरियर (वाहक).........।

-परिणाम आशानुकूल नहीं
निसंदेह सरकार की मंशानुरूप जिला प्रशासन अपनी पूरी ताकत से लगा है,प्रवासी मजदूरो को उनके घरो तक पहुचाने में। अभी तक लाखो मजदूरो को पहुचाया भी जा चूका है और पहुचाना बदस्तूर जारी है। लेकिन इन्ही व्यवस्थाओ के बीच कुछ ढील भी है। जिन्हें पूरी तरह नजरंदाज नहीं किया जा सकता। समय समय पर खबरों के माध्यम से स्थितिया उजागर भी की जाती रही,लेकिन परिणाम आशानुकूल नहीं आये।

-लोग कोरोना से संक्रमित भी है और वे इसके केरियर भी
रोजाना हजारो की तादात में गुजरात से आये प्रवासी मजदूरो को उनकी स्क्रीनिंग कर उनके घरो की राह पर रवाना किया जा रहा है। लेकिन क्या स्क्रीनिंग मात्र से पता किया जा सकता है की कोई व्यक्ति असल में कोरोना से संक्रमित है या नहीं.....? जबकि केन्द्रीय स्वास्थ मंत्रालय अपनी प्रेस कांफ्रेंस में भी बता चूका है कि भारत में लगभग 80 प्रतिशत कोरोना संक्रमित व्यक्तियों में कोई लक्षण नहीं पाए गए,बावजूद इसके वो लोग कोरोना से संक्रमित भी है और वे इसके केरियर भी है।

-ध्यान दिया जाना अत्यंत आवश्यक
गुजरात कोरोना संक्रमण के मामले में दुसरे पायदान पर है। ऐसे में बेरियर पर मजदूरो को सैकड़ो बसे खड़ी होने पर भी कई घंटो रोका जाना, बिना सामाजिक दुरी के स्वास्थ परिक्षण,खाना खाने के लिए कतारे लगाना। बसों द्वारा मजदूरो को उनके गंतव्य तक पहुचने के बाद पुन: लौटने पर भरे जाने के पहले सेनीटाइस न करना। परिसर में स्थानीय फल विक्रेताओ द्वारा बिना सुरक्षा इंतजामात के अस्थाई फलो की दुकानों का संचालन किया जाना। पुरे परिसर में कचरा झुठन का फैलाव... जबकि बेरियर पर निरंतर जिले का पूरा प्रशासनिक अमला पुलिस विभाग स्वास्थ विभाग,राजस्व विभाग,शिक्षा विभाग,निजी चिकित्सक संगठन सभी से कनिष्ठ वरिष्ठ अधिकारी रात दिन अपनी सेवाए सिमित सुरक्षा इंतजामात के दे रहे है। जिनमे भी अधिकतम का ड्यूटी से घर आना-जाना भी जारी है। दर्जनों बसों के रहते भी डंडो की धाक पर डरे सहमे ट्रक ड्राईवरो को मजदूरो को ले जाने पर मजबूर करना। ये सभी वो मुख्य छोटी-छोटी समस्याए है जिन पर ध्यान दिया जाना अत्यंत आवश्यक है।

किसकी अनुमति से रेड जोन से आई बसे...?
बेरियर पर मजदूरो के साथ ही सबकी अपनी-अपनी अलग ही व्यथा है।  बस संचालक दिलीप परमार का आरोप है कि कुछ अधिकारियो की मिली भगत से एजेंटो के माध्यम से जिले के बाहर की बसों में सवारिया पहुचाई जा रही है,जबकि जिले की बसों में बैठी सवारियों को उतार कर बाहरी बसों में बैठा दिया जाता है। जिनमे कुछ बसे इंदौर-धार जैसे रेड जोन से आई है और उनके चालक परिचालको का स्वास्थ परिक्षण भी नहीं किया जाता है। जिले की बसों को आरटीओ द्वारा अधिग्रहण किया गया है। जिनका अधिग्रहण पत्र भी उनके पास है,किन्तु प्रथिमकता बिना अधिग्रहण की हुई बिना अनुमति प्राप्त अन्य जिले की बसों को दी जा रही है जबकि झाबुआ जिले में ही भरपूर मात्रा में बसे उपलब्ध है। त्रिलोक राठोड जो की एक बस चालक है उनका कहना है की हम भी इतनी अव्यवस्थाओ के बीच अपनी जान जोखम में डाल मानव सेवार्थ इतनी महत्वपूर्ण सेवाए दे रहे है तो सरकार को भी हमारे लिए आवश्यक सुरक्षा इन्जामत किये जाना चाहिए। हमें भी कोरोना योद्धा मानकर हमारे लिए भी बिमा ,मास्क ,पीपीइ किट सहित बसों को सेनीटाइज किया जाना चाहिए।

-हमारी प्राथमिकता जिले की अधिग्रहित बसे ही
बाहर से आई बसों के विषय में झाबुआ एसडीएम डॉ अभय सिंह खराड़ी से पूछने पर बताया कि जिले के बाहर की बसे बिना आज्ञा के एजेंटो के माध्यम से आई है। जिन्हें हम समय समय पर यहाँ से भागते भी रहे है हमारी अनुपस्थिति में ये लोग सवारिया
भर लेते है। हमारी प्राथमिकता जिले की अधिग्रहित बसे ही है।

-निजी चिकित्सक संगठन पिटोल द्वारा किया गया निशुल्क चप्पल वितरण
प्रवासी मजदुर जो की भीषण गर्मी में आग उगल रहे सूरज से तपी जमीन पर बिना चप्पलो के पैदल चल रहे थे। जिनकी तकलीफे लगातार मिडिया के माध्यम से उनके पेरो में पड़े छालो तक उजागर की गयी। इन लाचार मजदूरो जिनके पास सिमित
साधनों में चलते रहने के आलावा कोई विकल्प मौजूद नहीं था। ऐसे में पिटोल निजी चिकित्सक संगठन इनके लिए मसीहा बनकर उभरा। निजी चिकित्सक संगठन द्वारा आरटीओ बैरियर पर सैकड़ो ऐसे लोगो जिनके पास चप्पल नहीं थे,उनको निशुल्क चप्पल प्रदान की। बच्चो,युवाओ,महिलाओ सभी वर्ग के लोगो को चप्पल वितरण किया गया। निजी चिकित्सक संगठन की संवेदनशीलता देख मानव सेवा में समर्पित इस अनुकरणीय पहल को काफी सराहा गया।


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1 comments:

  1. कृपया किसी की खबरों को कॉपी पेस्ट ना करें अपने आप को सजग पत्रकार मानते हो तो स्वयं लिखने का प्रयास करें कोई जानकारिया चाहिए तो मांग लिया करें अक्षरसः चिपकाये ना https://citynews3.wordpress.com/2020/05/17/प्रशासनिक-व्यवस्थाओ-में/

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