अंजड~परंपरा...बच्चों ने निमाड़ी गीत गाकर अच्छी बारिश की कामना की~~

सिर पर पलास के पत्ते बांध बच्चों ने मांगा पानी डोडगली अमावस्या पर बच्चों के समूह ने लगाई फेरी

सतीश परिहार अंजड~~

अंजड--परंपरा अनुसार डोडगली अमावस्या पर सुबह से बच्चों की टोली ने घर-घर जाकर अच्छी बारिश की कामना को लेकर सिर पर पलाश के पत्ते बांधकर लोकगीतों के साथ फेरी लगाई। जिसके बाद नगरवासियों ने अपने घरों में आई बच्चों कि टोली पर पलाश के पत्ते बांधे बच्चे के सिर पर पानी डालकर बच्चों को नेग दिया। निमाड़ अंचल में अमावस को डोडगली अमावस के रूप में मनाने की परंपरा है। इस अमावस से वर्षा ऋतु के आगमन को लेकर मनाया जाता है। परंपरा के तहत ग्रामीण अंचलों में किशोर बच्चों के समूह अपने में से ही एक बच्चे को पलाश के पत्तों से ढाककर तथा रस्सी से बांधकर गांव की गलियों व मोहल्लों में घुमाया जाता है। पलाश के पत्तों से ढंके गए बच्चे को डेडर (मेढक) प्रतीक मानकर शहरों और गांवो के घरों के परिवार के लोगों द्वारा इस बच्चे पर पानी डालकर पूजा की जाती है तथा उसके साथी बच्चे परिवार से आटा, दाल आदी सामग्री व नगदी रूपए भी दिये जाते है।

बच्चों के समूह ने घर-घर जाकर दान मांगा--


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