*शुरुअात अाैर समापन साेमवार काे हाेने से सावन शुभ, लेकिन कावड़ यात्रा नहीं निकलेगी*~

*6 जुलाई से 3 अगस्त तक श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे । इस बार आएंगे 36 शुभ योग*(डाँ. अशोक शास्त्री )*~~

          इस बार सावन पर अच्छा याेग है , लेकिन काेराेना का असर भी रहेगा। सावन साेमवार से शुरू हाेकर संपन्न भी साेमवार काे हाेने से ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने इसे शुभ बताया है। मगर काेराेना के चलते सावन में निकलने वाली कावड़ यात्राएं नहीं निकलेगी । दिनांक  6 जुलाई से 3 अगस्त तक सावन रहेगा। जिसमें श्रद्धालु केवल स्थानीय मंदिराें में ही भाेले का जलाभिषेक कर सकेंगे।
ज्यातिषाचार्य  डाँ. अशाेक शास्त्री ने बताया श्रावण प्रतिपदा काे साेमवार, उत्तराषाढ़ा, नक्षत्र, वैद्धति योग तथा कोलव नामक करण रहेगा। वहीं चंद्रमा मकर राशि में विचरण करेगा। साथ ही डाँ. शास्त्री के मुताबिक इस वर्ष सावन में ही 36 शुभ योग भी पड रहें हैं , जिससे सावन मास की शुभता और अधिक बढेगी । सावन मास में इस बार 11 सर्वार्थ सिद्धि योग, 10 सिद्धि योग, 12 अमृत योग और तीन अमृत सिद्धि योग रहेंगे ।
मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक चर्चा के दौरान बताया है कि पहला सोमवार 6 जुलाई को , दूसरा सोमवार 13 जुलाई को , तीसरा सोमवार 20 जुलाई को , चौथा सोमवार 27 जुलाई को और पांचवां व अंतिम सोमवार 3 अगस्त को रहेगा। दूसरी तरफ हर साल शहर से निकलने वाली कावड़ यात्राएं इस साल नहीं निकलेगी। धार से सैंकड़ाें कावड़िएं उज्जैन, अाेंकारेश्वर  सहित विभिन्न शहराें तक पैदल चलकर भाेले का जलाभिषेक करते हैं । काेराेना के चलते सरकार ने इस पर कावड़ यात्राअाें पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिसके चलते इस वर्ष कावड़ यात्रा नहीं निकलेगी। 
*पांचों सावन साेमवार को विशेष योग बनेंगे , जिनमें रुद्राभिषेक करना श्रेष्ठ रहेगा*
-- पहले सोमवार को शिव के साथ लक्ष्मीनारायण की भी पूजा : 6 जुलाई को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वैधृति योग, कौलव करण, प्रतिपदा तिथि रहेगी। यह अभीष्ट फलदायक वन सोमवार रहेगा। मान्यता है कि इस दिन शिव तत्व की साधना और पूजा-अर्चना मंगलकारी, अनिष्ट विनाशक सिद्ध होगी।
-- दूसरे सोमवार को रुके हुए कार्य सिद्ध होंगे : दूसरा वन सोमवार 13 जुलाई को होगा। इस दिन अष्टमी तिथि होगी, जिसके स्वामी शिव हैं। सोमवार को शिव तिथि का होना विशेष संयोग कारक है। दूसरे वन सोमवार को रेवती नक्षत्र रहेगा, जिसका स्वामी पूषण नामक सूर्य है। समस्त रुके हुए कार्य जल्दी ही संपन्न होंगे।
-- तीसरे सोमवार को ऋषि-पितृ-गो पूजन भी : सावन का तीसरा सोमवार 20 जुलाई को रहेगा। अमावस्या तिथि रहेगी जो हरियाली अमावस्या के रूप में मनेगी। इस दिन सोमवती अमावस्या विशेष फलदायी रहेगी। ऐसा माना जाता है कि इस दिन ऋषि, पितृ और गौ पूजन करना लाभप्रद रहेगा।
-- चौथे सोमवार को साध्य योग दिलाएगा प्रतिष्ठा : चौथा सोमवार 27 जुलाई को होगा। सुबह 7:10 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि रहेगी। चित्रा नक्षत्र, साध्य योग, वाणिज करण विद्यमान रहेंगे। इस दिन सूर्य और विश्वकर्मा की पूजा विशेष उपयोगी रहेगी। इस पूजा से राजनीतिक उत्थान, उन्नति, यश, मान, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। भूमि-भवन की भी प्राप्ति शीघ्र होगी।
-- पांचवें सोमवार को खुलेंगे रोग मुक्ति के द्वार : पांचवां और अंतिम सावन सोमवार तीन अगस्त को रहेगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, प्रीति तथा आयुष्मान योग रहेगा। इस दिन शिव पूजा के साथ भगवान सत्यनारायण, विश्व देव तथा ब्राह्मणां की पूजा तथा सम्मान देने से स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, अन्नदान करना चाहिए । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

                  *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

                 *शुभम्  भवतु*


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