*मीन राशि में 6 महीने तक मंगल की उलटी सीधी चाल क्या होगा देश और दुनिया का हाल*~~

*2020 में मंगल का मीन में आना इसलिए है बेहद खास* 
मंगल के मीन में आने का यह है मतलब , प्राकृतिक आपदा से जन-धन की हानि , मंगल के मीन में आने का होगा यह परिणाम , मंगल कर सकते हैं यहां अमंगल , अर्थव्यवस्था में आएगी मंदी , इनकी बढ़ेगी कीमत । जाने मेरे साथ डॉ. अशोक शास्त्री

          डाँ. अशोक शास्त्री ने आगे कहा कि  पुराणों में मंगल को भूमि-पुत्र कहा जाता है, इसलिए इनका एक नाम भौम भी है। इनकी शक्ति और प्रभाव के कारण इनकों ग्रहों में सेनापति का स्थान प्राप्त है। यह सामान्यत: एक राशि में 45 दिनों तक गोचर करते हैं। लेकिन हर ढाई वर्ष की अवधि के बाद यह वक्री होकर किसी एक राशि में 5 से 6 महीने तक रुकते हैं। ऐसी स्थिति में अन्य दो बड़े ग्रह शनि और गुरु भी यदि आपस में साथ हों या वक्री गति से उलटी चाल चल रहे हों तो पृथ्वी पर भूकंप, महामारी और आसामान्य वर्षा से जन-धन की हानि होती है ऐसा ज्योतिष के ग्रंथों में कहा गया है ।

*मंगल के मीन में आने का यह है मतलब*

डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि संयोग की बात यह है कि इस वर्ष मंगल जल तत्व की राशि मीन में 18 जून को प्रवेश करेंगे तथा मीन राशि में ही वक्री होकर यहां 23 दिसंबर तक रहेंगे। मीन चूंकि जल तत्व की राशि है तो यहां रहकर मंगल अच्छी वर्षा से किसानों को कृषि संबंधी कार्यों में सहायक रहेंगे। 18 जून से मीन राशि में आ रहे मंगल भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून में तेजी लाएंगे। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में 18 जून के बाद अच्छी वर्षा होगी।

*प्राकृतिक आपदा से जन-धन की हानि*

डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया कि मीन राशि में मंगल पर मकर राशि में गोचर कर रहे शनि की तीसरी दृष्टि रहेगी जिसे बहुत ही घातक माना जाता है। इसके प्रभाव से भूकंप और बाढ़  18 जून से 17 सितंबर तक के बीच तबाही मचाने वाले भूकंप से जन-धन की हानि का योग बना रहेगा, इस दौरान विस्फोटक घटनाओं की भी आशंका है। 17 अगस्त से 4 अक्टूबर के बीच कुछ समय के लिए मंगल मीन राशि को छोड़ कर मेष राशि में गोचर करेंगे। इस समय के दौरान कोरोना महामारी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से कुछ रहत मिलेगी। डाँ. शास्त्री ने बताया कि वर्तमान में 18 जून से 17 अगस्त के बीच मंगल के जल-तत्व की राशि मीन में होकर शनि की दृष्टि से पीड़ित होने के कारण उत्तर भारत में भूकंपन और बाढ़ से भय का वातावरण रहेगा ।

*मंगल के मीन में आने का होगा यह परिणाम*

डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक दिनांक 5 जुलाई की पूर्णिमा और 20 जुलाई की अमावस्या के आसपास भारी वर्षा से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हिमाचल, मुंबई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जन-जीवन अस्त-व्यस्त होगा। 3 अगस्त की पूर्णिमा के आस-पास भी भारी वर्षा होगी जिससे मध्य और पश्चिम भारत प्रभावित होगा। जुलाई और अगस्त में सामान्य से अधिक वर्षा से धान की बुवाई अच्छी होगी तथा पशु पालकों के लिए चारा पर्याप्त मात्रा में मिलेगा। मीन राशि चूंकि मत्स्य (मछली) पालन से सम्बंधित है ऐसे में इस क्षेत्र में अगले 6 महीने में तेजी से उन्नति होगी। 

*मंगल कर सकते हैं यहां अमंगल*

डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा कि मिथुन राशि में सूर्य के राहु से पीड़ित होने से पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में आसामान्य वर्षा से जुलाई और अगस्त में जनता को कष्ट हो सकता है। अमेरिका के कैलिफोर्निया में 21 जून से 17 सितंबर  के बीच भूकंप का खतरा रहेगा तथा इस समय अवधि में अमेरिका के पूर्वी तट पर दो बड़े समुद्री तूफान तबाही मचा सकते हैं। 

*अर्थव्यवस्था में आएगी मंदी, इनकी बढ़ेगी कीमत*

          ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि मंगल को भूमि कारक और भूमि पुत्र कहा गया है। इस कारण से मीन राशि के मंगल पर शनि की दृष्टि से मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच अगले 6 महीनों में तेजी से विवाद बढ़ेंगे और जमीन-जायदाद की कीमतें तेजी से गिरेंगी। अर्थव्यवस्था में अभी मंदी का रुख रहेगा तथा शेयर बाजार में 18 जून को मीन में मंगल के गोचर के बाद तेज गिरावट आएगी l सूर्य के राहु से पीड़ित होने के कारण सोने और अनाजों की कीमतें अगले 30 दिनों में वृद्धि होगी । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

                   *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245, एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

          --:  *शुभम्  -  भवतु*  :--


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