*झाबुआ~सात माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना मे नही मिला घर....*~~

*मेघनगर मे 947 परिवारो को अब भी इन्तजार....प्रधानमंत्री आवास का*~~

*नाम बड़े और दर्शन खोटे राजा तेरे कितने रूप*~~

*प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदकों की फाइल लंबे समय तक कहा पड़ी हैं...?*~~

झाबुआ से दशरथ सिंह कट्ठा की रिपोर्ट...9685952025~~

झाबुआ - कोरोना काल मे कुछ समय अप्सराओं के साथ क्या रहे जनाब खुद को अफसर समझने लगा और इतना घमंड आ गया कि खुद को ही नगर का करता धर्ता समझने लगे ! तो कुछ ऐसा ही आलम मेघनगर में देखने को मिल रहा है ! कुछ सहज परिवार अपने बच्चों का नाम राम लखन लक्ष्मण वीर और राजा भी रखते हैं...क्यो की इन नामों को रखने का उद्देश्य उन परिवारों का इतना रहता है कि इन नामों के अनुरूप उस व्यक्ति में उस तरह के धर्मिक एवं सामाजिक संस्कार आ जाएं। लेकिन कुछ लोगों को अहम है इसलिए वे वहम में जी रहे हैं। अब बात को बिना घूमआए आते हैं  सीधा टॉपिक पर नगर मैं प्रधानमंत्री आवास योजना पिछले 15 महीनों से मुंह के बल गिरी हुई पड़ी है ! प्रधानमंत्री आवास योजना में अभी इस समय किसी को भी लाभ नहीँ मिला, इसके पीछे केंद्र या राज्य सरकार जिम्मेदार नहीं है ! अगर कोई जिम्मेदार है तो वह है भ्रष्ट अधिकारी जिनकी छुट्टी भी हो चुकी है ! लेकिन कुछ अभी भी अपनी डफली अपना राग अलापने में लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए लगभग 1500 से अधिक हितग्राहियों ने आवेदन नगर परिषद में दिए थे। जिसमें मात्र 947 आवेदन को वेरीफाई होने के लिए नगर के साहब के पास भेज दिया गय ! साहब ने अपनी मेज पर आवास योजना की फाइल को फूलों के गुलदस्ते की तरह समाल के रखी ताकी फूल की खुशबू कीसी और के पास न पहुँच जाये..लेकिन भ्रष्टाचार के नाम पर फैलाई बदबू जैसा काम अपने अधीनस्थ दुमछल्ले लापरवाही व गोटी सोटी फीट करने के चक्कर में नगर की भोली भाली प्रजा को 7 माह से धोखा दिया जा रहा हैं ! प्रधानमंत्री आवास योजना के आवेदकों की फाइल लंबे समय तक वेरीफाई करने के नाम पर 7 माह से भी आधिक समय से साहब ने आखिर क्यों दबा रखी है। जिसका पूरा चिट्ठा अब भाजपा के जनप्रतिनिधि और सांसद महोदय खोलेंगे।

*राजा तेरे कितने रूप,नाम राजा काम भिखारी से भी खराब*

कभी वह पीली बत्ती में बैठ कर खुद को साहब समझ बैठता है की में ही साहब हु ! सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार कोविड -19 के पास बनाने के नाम पर फर्जी रकम वसूलता है। तो कभी फोटो वीडियो बनाकर कलमकार बनने का प्रयास करता है ! और अपने साहब कि झूठे खबरों को प्रकाशित करके रोब झाड़ता है इतना ही नहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में भी फॉर्म जमा करने वाले हितग्राहियों का कितना शोषण किया है यह गरीब अब दबी छुपी जुबान में बताने लगे हैं। माना कि आप एक सरकारी प्यादे हैं लेकिन अन्य भी कर्मचारी पूर्ण इमानदारी और विश्वास के साथ अपने कर्तव्य को निभा रहे हैं। राजा नाम को मिट्टी में नहीं मिलाते हुए किसी के आगे धूम हिलाना या चापलूसी गिरी नहीं कर रहे हैं। राजा ने अपना नाम राजा समझकर यह मुगाल्दे पाल लिए कि वह वास्तव में राजा है..राजा अपने आप को नाहक कर्ताधर्ता समझ रहा हैं। काल जब राजा को उसका असली चेहरा लात मारकर दिखाएगा तो की सत्यता को जान पाएगा वास्तव में संसार में निस्पर्ह बनकर रहना चाहिए। प्रारब्ध स्वयं सब करता है। इसलिए किसी ने सही कहा है समय निकल जाएगा बात याद रह जाएगी। नाम  राजा हो तो कर्म भी राजा जैसे रखो। नहीं तो प्रजा आपका वह हाल करेगी की खुद को नहीं पहचान पाओगे।


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