जो इंसान अपनी जिंदगी से हारा है ।
उसे मौत ने नहीं उसकी सोच ने  मारा है
दुनिया का सबसे बड़ा बोझ जवान औलाद की अर्थी बूढ़े पिता के  कंधों पर ऐसा बोझ ऊपरवाला किसी बाप को ना दे ~सैयद अखलाक अली~~



जो इंसान अपनी
       जिंदगी से हारा है ।
उसे मौत ने नहीं उसकी
     सोच ने  मारा है
दुनिया का सबसे बड़ा बोझ
जवान औलाद की अर्थी बूढ़े पिता के  कंधों पर ऐसा बोझ ऊपरवाला किसी बाप को ना दे ।
जब  पति पहली बार  पिता बनता है, उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता, जब उसके कान में पहली बार यह आवाज आती है , मुबारक हो ,बधाई हो आपको पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है यह सुनकर उसके शरीर मे खुशी की उमंग दौड़ पड़ती है , जीवन में पहली बार पति से पिता होने के सुख का अनुभव प्राप्त करता है। जब उस की औलाद की  मधुर किलकारियां पहली बार उसके कानों में पहुंचती है , तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता वह अपने सब दुखों और परेशानियों को भुला कर अपनी औलाद की परवरिश में जुट जाता है। अपने बेटे की उंगली पकड़ कर उसको चलाना सिखाता है, जब उसका बेटा चलना शुरू करता है ,और जिंदगी का पहला कदम आगे बढ़ाता है, तो मां-बाप की आंखों से खुशी के आंसू बहना शुरू हो जाते हैं । मां की खुशी का ठिकाना नहीं रहता, अड़ोस पड़ोस में जाकर अपने पड़ोसियों का मुंह मीठा कराती है, और बड़े  गर्व से बताती है,आज मेरे बेटे ने अपनी जिंदगी का पहला कदम जमीन पर रखा और चलना सीख गया ।
समय गुजरता जाता है, पल पल उम्र के साथ बेटा बड़ा होता जाता है ,स्कूल फिर, कॉलेज फिर नौकरी की तैयारी समय कब निकल जाता है, पता ही नहीं चलता , दौड़ भाग की जिंदगी में उनका बेटा कब डिप्रेशन (नकारात्मक सोच ) का शिकार हो गया यह बात मां बाप को समझ में नहीं आती, जब मां बेटे को रात में जागते हुए देखती है, और अकेले में बातें करते हुए सुनती है, तो उसको लगता है, उसके बेटे के साथ कुछ ना कुछ परेशानी जरूर है । डॉक्टर को दिखाने के बाद पता चलता है उनका बेटा डिप्रेशन (नकारात्मक सोच ) का शिकार है ।
  उनके बेटे ने एमएससी गणित में किया था और वह गोल्ड मेडलिस्ट था, बेटे को इस बात का डिप्रेशन (नकारात्मक सोच ) था ,उसके  दोस्तों के पिता बहुत बड़े बड़े अधिकारी हैं, और उसके पिता एक सरकारी विभाग में ड्राइवर हैं जब वह अपने दोस्तों के घर पर जाता था तो उनके घरों को देखकर उसको लगता था वह बहुत गरीब है। उसके दोस्त महंगी महंगी गाड़ियों में घूमते हैं, और वे स्कूटर पर। अपने दोस्तों से छुपाता था, कि उसके पिता सरकारी विभाग में ड्राइवर हैं ।  एक दिन उसके पिता अपने बेटे को अपने कार्यालय लेकर गए और अपने साहब से बेटे को मिलवाया । साहब ने ड्राइवर के बेटे से बोला कल से तुम भी कार्यालय आ जाओ मेरा कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं आ रहा है तुम मेरा काम कंप्यूटर पर कर दिया करो इसके बदले में तुम्हें कुछ पैसे दे दिया करूंगा ।
बेटे ने तो बड़े-बड़े सपने देख रखें थे , यह बातें सुनकर उसके दिल को बहुत ठेस पहुंची, चुपचाप घर वापस आ गया, जब उसकी मां को पता चला कि उसके बेटे को साहब ने अपने कंप्यूटर पर काम करने के लिए कहां हैं, तो उसका खुशी का ठिकाना ना रहा
बेटा मां से बोलकर शाम को घर से निकला मैं अभी अपने दोस्तों से मिल कर आता हूं , आप मेरे लिए खाना बना कर रखना।
मां बेटे का इंतजार करती रही शाम से रात हो गई पर बेटा नहीं आया , पिता ने उसको उसके दोस्तों के घर पर जाकर  ढूंढा पर वह नहीं मिला , थक हार कर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई 3 दिन के बाद एक शव तालाब में लोगों को तैरता हुआ दिखा, इसकी सूचना पुलिस को दी गई ,जब पुलिस ने शव को बाहर निकाला तो पता चला यह शव उसी बेटे का है ,जो 3 दिन से लापता था।
बेटे पर डिप्रेशन (नकारात्मक सोच ) इतना हावी हो  गया था कि उसने तालाब में कूद कर मौत को गले लगा लिया । 
बेटे की मौत की खबर  सुनते ही पल पल मरता उसका पिता और पूरा परिवार मानो मर ही  गया हो ,स्याह काली रात में बेटे का शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया, पिता की आंखें भूल  गई रोना पर उसके दिल में  गमों का सैलाब उमड़ता रहा और वह अपनी पत्नी को  दिलासा देता रहा ।
ऐसे ही डिप्रेशन (नकारात्मक सोच ) का शिकार फिल्म कलाकार  सुशांत सिंह राजपूत  हुए थे ,सुशांत सिंह ने महेंद्र सिंह धोनी के किरदार को रुपहले पर्दे पर बखूबी निभाया था,और फिल्म में खूब चौके, छक्के जड़े पर असली जिंदगी में रन आउट हो गए । सुना था कोरोना  फेफड़ों पर असर करता है ,अब तो यह लोगों के दिमागो पर भी असर डाल रहा है । लॉक डाउन  के दौरान भारत  में डिप्रेशन  (नकारात्मक सोच ) के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि  हुई है ,और आत्महत्या के मामलों  में कई गुना वृद्धि हुई है । अब हमारा कर्तव्य बनता है ,हमारी नई पीढ़ी में सकारात्मक  सोच पैदा करें और उनको समझाएं पैसा और  बड़ी नौकरी ही जीवन का लक्ष्य नहीं होता, पढ़ाई में अगर कमजोर है ,कोशिश करते रहे अगर कामयाब ना हो सके कोई तकनीकी शिक्षा ले इसमें भी बहुत पैसा है , अगर आप मोटे हैं आपका रंग थोड़ा कम है ,सर पर बाल कम है  कोई बात नहीं सकारात्मक सोच रखें बहुत सारे फिल्मी कलाकार हैं जो कामयाबी की बुलंदियां छू रहे हैं उनके रंग भी कम है, सर पर बाल भी कम है ,और मोटापा भी है इन सब बातों से नकारात्मक सोच में ना आए । मोहब्बत में धोखे का मतलब  यह नहीं की आप अपने जीवन का अंत  कर ले। उनको यह समझाएं जोड़े ऊपर वाला बनाता है । लड़कियों या लड़कों की कमी नहीं ।  वह नहीं तो और कोई सही । नकारात्मक सोच आने से पहले अपने माता पिता अपने भाई बहन अपने पति अपने बच्चों के बारे में जरूर सोचे आप इन लोगों के लिए अनमोल रत्न है ।
हंसते रहे , खुश रहे ।
इज्जत देना दौलत देना, शोहरत देना यह सब ऊपर वाले के हाथ में है , कोशिश करें, कामयाब हो तो बहुत अच्छा और अगर नहीं हुए तो प्रयास  करते रहे ।
    *मुझे तो अँधेरों में जलना*
           *भी आता है ।*
    *राह कितनी भी मुश्किल*
  *हो पर चलना भी आता है।।*
     *कितने भी पत्थर बिछा*
    *दो तुम राहों में कोई फर्क*
            *नहीं पड़ता*।
        *क्योंकि मुझे गिरकर*
     *संभलना भी आता है।।*


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