हरदा\खिरकिया बीमारियों से बचने एवं तनाव को कम करने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका प्राचीन काल से ही मान्य है - डॉक्टर कामिनी नागराज~~

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विशेष ~~

अंकुश विश्वकर्मा हरदा ~~

हरदा/खिरकिया । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मैं डॉक्टर कामिनी नागराज आपको योगअभ्यास के द्वारा हमारे जीवन में व्याप्त तनाव को किस प्रकार कम किया जा सकता है, कौन से ऐसे आसन है ,जिन्हें करने से मानसिक तनाव को रोका जा सकता है, उनके बारे में विस्तार से बात करूंगी।
भारत सरकार आयुष मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन आयुष विभाग द्वारा 21 जून 2020 को छठवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है, कोरोना वायरस कि इस वैश्विक महामारी के कारण इस वर्ष घर पर ही योग करके इस दिवस को मनाए जाने का निर्णय लिया है,
कोराना वायरस संक्रमण के कारण आज संपूर्ण विश्व मैं तनाव लोगों के जीवन का नियमित हिस्सा बनते जा रहा है . यह तनाव शारीरिक ,मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं को जन्म देता है ।मनुष्य के मन में नकारात्मक विचारों का उदय होता है ,और यही तनाव उच्च रक्तचाप, सर दर्द ,पेट से संबंधित, त्वचा की समस्याएं ,बाल झड़ना, मोटापा सहित अनेक बीमारियों का कारण बन जाता है।
    तनाव के प्रारंभिक लक्षणों में मनुष्य में चिड़चिड़ापन ,गुस्सा, अवसाद होना ,भय लगना ,भूख कम लगना या बहुत अधिक लगना ,नींद नहीं आना ,असामान्य रूप से घबराहट होना अचानक से बहुत पसीना आना , दिल की धड़कन बढ़ जाना, एवं  सबसे प्रमुख मन का अशांत रहना है। जिसके कारण कभी-कभी मनुष्य आत्महत्या के बारे में भी सोचने लगता है या कभी कर भी लेता है। इन बीमारियों से बचने एवं तनाव को कम करने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका प्राचीन काल से ही मान्य है ,योग का मुख्य सिद्धांत है शरीर एवं मन को जोड़ना ।तनाव के कारण मनुष्य के शरीर एवं मन दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ता है ,परंतु योग के अभ्यास से शरीर एवं मन दोनों संतुलित हो जाते हैं ,हमारे शरीर की सकारात्मक भावनात्मक ऊर्जा की वृद्धि होती है। योग हृदय गति एवं रक्तचाप को सामान्य करता है।
    अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो योग हमारे शरीर में कॉर्टिसोल एवं एड्रीनलीन हार्मोन को कम करने में सक्षम है, यह दोनों ही हार्मोन तनाव के लिए जिम्मेदार है, जिसके कारण हम तनाव महसूस करते हैं ।नियमित योग करने से हमारे शरीर का पैरा सिंपैथेटिक तंत्रिका तंत्र उत्तेजित हो जाता है ,जिससे शरीर एवं दिमाग में आराम महसूस होता है एवं अच्छी नींद आती है।
       प्रतिदिन योग करने से ऑक्सीटोसिन हार्मोन की वृद्धि होती है ,मस्तिष्क में स्मृति से संबंधित क्षेत्रों में बढ़ोतरी होती है, हमारे मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है ।उदास मन ,अवसाद ग्रस्त विचारों को मन से हटाने के लिए योग महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है,।
  कुछ बहुत ही सरल आसन एवं यौगिक क्रियाएं हैं ,जिन्हें प्रतिदिन करने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, तथा जीवन में होने वाले तनाव को कम करने में भी मदद प्राप्त होती है ।
1- प्राणायाम- प्राणायाम करने से नाड़ी की शुद्धि होती है, सभी प्रकार के रोगों से लड़ने में मदद मिलती है।
2- भ्रामरी- भंवरी की तरह सांस लेना ।इसे करने से स्मृति की वृद्धि होती है मनो प्रेरणा के लिए उत्तम है।
3-अनुलोम विलोम प्राणायाम-इसे करने से ऑक्सीजन के पर्याप्त मात्रा मस्तिष्क तक पहुंचती है। मन शांत और तनाव रहित हो जाता है।
4-कपालभाति- शरीर को दुरुस्त रखने में मन को प्रसन्न रखने के लिए एवं स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए  उपयोगी है।
5- ताड़ासन- स्मृति सोच एवं मन की एकाग्रता मैं वृद्धि करता है।
6- मार्जारआसन- थकान, ताकत की कमी ,विचारों में जो खलबली होती है उसमें उपयोगी है।
7- शवासन- तनाव और थकान को कम करता है ,मन को शांत करता है.
    आयुष विभाग की तरफ से मैं डॉक्टर कामिनी नागराज आप सभी से अनुरोध करतीं हु की छठवे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में हम सभी प्रण करें कि अपने जीवन से तनाव को कम करने के लिए ,रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए  एवं निरोग रहने के लिए हम प्रतिदिन योग करेंगे.


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