झाबुआ~जिला चिकित्सालय में चिकित्सको के नदारत होने से परेशन हुये मरिज~~

आधे दर्जन चिकित्सक रहे छुट्टी पर खाली पडी रही ओपीडी की कुर्सीया~~





झाबुआ। जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओ को अंबार दिनो दिन बढते जा रहा है। जहां एक ओर जिला चिकित्सालय में मरिजो का ईलाज के लिये परेशान होना पडता है वही दूसरी ओर चिकित्सकेा के छूट्टी जाने पर एक भी चिकित्सक ओपीडी मे नही मिलता है। वही सिनीयर चिकित्सको की माने तो वे अपनेे टाईम के अनुसार ही ओपीडी छोड अपने घर की ओर रवाना हो जाते है। वही सिविल सर्जन को यह तक मालूम नही होता है कि ओपीडी मे कोई चिकित्सक है या नही।





-चिकित्सक ही नही मिले तो उन्हे लौटना पडा। 
सोमवार 22 जून को जिला चिकित्सालय में करीब 11.30 से 12.00 बजे के भीतर एक भी चिकित्सक अपने ओपीडी स्थान पर नही बैठे थे। जिस पर से कई मरिजो को ईलाज के लिये उल्टे पैर लौटकर अन्य निजी चिकित्सको को दिखाना पडा। नगर के रिंकेश जैन द्वारा अपनी माता जी को लेकर जिला चिकित्सालय में चिकित्सक को दिखाने के लिये लाया गया था। लेकिन जब चिकित्सक ही नही मिले तो उन्हे लौटना पडा। आखिरकार यदि कोई चिकित्सक छुट्टी पर जाते है तो अन्यत्र चिकित्सक की ड्यूटी लगती है। लेकिन सोमवार के दिन ओपीडी में मरिजो की भीड लगती है इसके बावजूद भी चिकित्सक उपस्थित नही थे। ये आलम जिला चिकित्सालय मे अब खुले आम कई बार देखा जा सकता है।



-इस तरह की घटनाये कई बार हो चुकी
पूर्व में भी इस तरह की घटनाये कई बार हो चुकी है। जिसमे चिकित्सक अपने ड्यूटी पर उपस्थित नही रहते ओर वार्डबॉय उन्हे बुलाने के लिये जाते है। आखिर जिला चिकित्सालय में जहा एक ओर सिनियर चिकित्सको ने अपनी मनमानी चला रखी है वही दूसरी ओर जूनियर चिकित्सक भी अपनी मर्जी चला रहे है।

जूनियर आखिर क्यो सुनेगे...?
आखिर सच भी है कि जब वरिष्ठ अधिकारी अपने साथ की सिनियर चिकित्सको को ड्यूटी टाईम से पहले घर जाने से कुछ नही बोल पाते तो जूनियर आखिर क्यो सुनेगे। जिला चिकित्सालय को पूरा बांस ही खोखला हो चुका है। ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा की जिला चिकित्सालय मे अव्यवस्थाओ मे सुधार होगा या नही।


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