झाबुआ~करोना महामारी को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय मे नाजिर के माध्यम से की गई खरीदी मे लाखो का भ्रष्टाचार जांच की मांग~~

उठी-जमीन आसमान का अंतर है आयटमो के भाव मे-वास्तव मे खरीदी भी गई है या नही यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है~~





झाबुआ। संजय जैन~~

कहने वाले कहते है कि *** सैंया भये कोटवाल तो फिर डर काहे का *** इसी कहावत को गुलाबी बिल्डिंग अर्थात जिला कलेक्टरेड मे पदस्थ नाजिर एजाज कुरेशी द्वारा षडयंत्र पूर्वक आपसी सांठगांठ करके अपने पुत्र की फर्म एवं दो उसकी सहयोगी फर्म के नाम से टेंडर बुलवा लिये। जबकि टेंडर की कहानी भी निराली है जो वस्तुए खरीदी गई है,उनका ही ओपन टेडरिंग होना था परंतु नाजिर का खेल यहा चला ओर नाजीर ने पांच लाख से नीचे टेंडर अपने लडके ओर उनकी सहयोगी फर्म के बुलवा लिये ओर उन्हे सीधे सीधे आर्डर दे दिये। 




-जमीन आसमान का अंतर है आयटमो के भाव मे ...





उक्त टेंडरो के माध्यम से जो आयटम कलेक्टर द्वारा खरीदी गई है नाजिर के माध्यम से बाजार भाव से उन आयटमो के भाव मे जमीन आसमान का अंतर है। दो या तीन रु के मास्क की खरीदी दस ओर सोलह रु0 मे की गई इसी प्रकार एक्सटेशन वायर हेवी,200 ऐम्पीयर वेल्डिंग मशीन,150 एम्पेयर चेन पूली,ट्रायपाट 10 टन,हेल्मेट शील,माईनिग टार्च रिचार्जेबल लांग रेंज,गैस मास्क किट सिंपल,मास्क फायर सेप्टी मास्क,एयर जेक अम्ब्रेला,बडा साधारण ग्लास,रेस्क्युवर्क हेडलाईट,माइनिंग रस्सा,एक लाउड,इन्हेलर टोचर चेन,कुल्हारी छोटी हत्ते सहित कुल्हाडी बडी हत्ते सहित,लोहे का कटर,इलेक्ट्रीक ग्राइंडर 4 इंच कट ऑफ 12 इंच लोहे का कटर,पेट्रोल,वुडन कटर 18 इंच,वेल्डिंग मशीन 150 एम्पीयर,हेंड स्प्रे गार्डन,पी ए सिस्टम विथ माइक,वाहन मे लगने वाला एसी डीसी सेनेटाइजर हर्बल बाटल,पीपीई किटमल्टीपल,मास्क एन-95,मास्क साधारण ट्रिपल  लेयर विथ इलास्टिक,डेटाल सॉप 75ग्राम,ग्लब्स वार्शेबल,कोफिन बाडी कव्हर प्लास्टिक,सोडियम हाइपोक्लोराइड लिक्विड पीपीई किट सिंगल युज,दवाई छिडकने वाला पंप किसान पंप,ग्लब्स सिंगल युज,थर्मल स्केनर,स्ट्रक्चर विथ ट्राली गाडी मे 





शिप्ट होने वाला,हेलमेट शील,प्लोरोसेंन्ट जेकेट रेस्क्यु,सिंपल मास्क,सेना टेंट केंप 10*10,फायर सेप्टी ग्लब्स उपरोक्त सामग्री नाजीर ने अपने पुत्र के सहयोगी फर्म के साथ सांठगांठ करके बाजार भाव से कई अधिक रेटो मे खरीदी की गई है।





 





-वास्तव मे खरीदी भी गई है या नही यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है.....? 





उपरोक्त सामग्रियो के बारे मे गुलाबी बिल्डिंग से लगाकर प्रेस जगत के गलियारो से एवं राजनैतिक गलियारो मे चर्चा है कि आपदा प्रबंधन के नाम पर करोना महामारी को लेकर उपरोक्त सामग्रिया खरीदी गई है,वास्तव मे खरीदी भी गई है या नही यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है.....?  या कोरे बिलिंग हो रहे है इनके नाम पर इन वस्तुओ के सप्लायरो द्वारा सप्लाय करने पर इनका भौतिक सत्यापन किन अधिकारीयो ने किया है.....? इसकी भी जांच होना चाहिए। 




षडयंत्रपूर्वक  ई-टेंडर चार लाख या साढे चार लाख के क्यो रखे गये .....? 





जब लाखो की खरीदी की जाना थी,तो ओपन ई-टेंडर काल 5 लाख से ज्यादा के क्यो नही बुलाये गये.....? जबकि षडयंत्रपूर्वक इन आयटमो के ई-टेंडर चार लाख या साढे चार लाख के क्यो रखे गये .....? इससे स्पष्ट होता है कि कलेक्टरेड मे पदस्थ नाजिर के पुत्र व उनके सहयोगी फर्मोे की भी जांच होना चाहिए। 



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