झाबुआ~जिला चिकित्सालय में बढती असुविधाओ के चलते मरिजो को होना पड रहा परेशान~~





चिकित्सको को आज भी बरकरार है ड्यूटी समय से पहले अपने घर जाना~~





झाबुआ। संजय जैन~~

जिला चिकित्सालय मे असुविधाओ का अंबार दिनो दिन बढता जा रहा है ऐसे मे गा्रमीण क्षेत्रो से आने वाले दूर दराज से मरिजो को इसका खामियाजा भूगतना पडता है। जिसमे जिला चिकित्सालय में अलसुबह से ही चिकित्सक अपनी कूर्सी से नदारद दिखाई देते है। वही मरिजो को उनका घंटो बैठकर इंतजार करना पडता है। बावजूद इसके अन्य किसी चिकित्सक को दिखाने के उनके पास कोई ओर चारा नही बचता है। 




-मरिजो को प्रायवेट मे देख रहे है ओर उनके अच्छा खासा पैसा वसुल रहे 





ऐसे मे कई बार देखा गया है कि सिनियर चिकित्सक अपने ड्यूटी क्षेत्र से करीब 12 बजे ही अपने घर पहुच रहे है। जिससेे की मरिजो को उनके घर जाकर अपना ईलाज करवाना पड रहा है। वही उनके द्वारा प्रायवेट मे दिखाने पर उन्हे पैसा भी अधिक लग रहा है। पूर्व मे भी कई बार अखबारो मे यह प्रकाशित किया गया है कि सरकारी चिकित्सक अपने ड्यूटी समय से पहले ही घर पहुच कर मरिजो को निजी प्रायवेट मे देख रहे है ओर उनके अच्छा खासा पैसा वसुल रहे है। लेकिन बावजूद इसके उन पर कार्यवाही होने के चलते आज तक कोई जांच तक नही बैठी है। 




-चिकित्सको को किसका संरक्षण प्राप्त है.....? 





वही कुछ समय पहले ही सिविज सर्जन द्वारा खबर के बाद ही करीब आधे दर्जन चिकित्सको को अपनी ड्यूटी के समय से पूर्व घर पर जाने के कारण कारण बताव सुचना पत्र जारी किये गये थे। जिस पर से आज तक उस बात का खुलासा नही हो पाया है कि आखिर चिकित्सको के द्वारा जवाब क्या दिया गया....? ऐसे मे साफ -साफ  जाहिर होता है कि जिला चिकित्सालय में चिकित्सको को किसका संरक्षण प्राप्त है.....? आखिर सब एक ही थाली के चट्टे प_े तो है क्या कार्यवाही क्या नियम.....? 




- मै दिखवाता हू कहकर फोन रख दिया ....





जिला चिकित्सालय मे पूर्व मे भी चिकित्सको के द्वारा समय से पूर्व ही ड्यूटी से अपने घरो की ओर निकल जाया करतें। वही उनके द्वारा मरिजो को भी घर पर बुलाकर उनका ईलाज किया जा रहा है। ऐसे में गा्रमीण मरीज जो कि जिला चिकित्सालय में ईलाज के लिये आता है उसे भी अपने घर पर बुलाकर चिकित्सक उससे अच्छा खासा पैसा वसुल लेते है। इस बारे में पूर्व में सीएमएचओ डॉ बीएस बारिया से भी चर्चा की गई थी लेकिन उनके द्वारा मै दिखवाता हू कहकर फोन रख दिया गया था। बावजूद इसके आज तक ऐसे चिकित्सको पर कोई कार्यवाही नही हुई है। 




-छोटे पर मार बडे को रहम..... सिनियर चिकित्सको की मनमानी के चलते उन पर कोई गाज नही गिरती





जिला चिकित्सालय मे सिनियर चिकित्सको की मनमानी के चलते उन पर कोई गाज नही गिरती है ओर ना ही उन पर कोई कार्यवाही की जाती है। इसकी जगह एक छोटे कर्मचारी जो की द्वितिय या तृतीय श्रेणी का हो उसके द्वारा थोडी सी भी चुक होने पर उस पर विभाग के द्वारा लिखित में आदेशो की कार्यवाही होने लगती है। इससे साफ  जाहिर होता है कि छोटो पर मार ओर बडो को रहम वाली बात चरितार्थ होती है। यही नही की चिकित्सको पर कार्यवाही नही होती लेकिन दिखावे के लिये उन्हे जरूर कागजी काय्र्रवाही की जाती है। अब देखना यह है कि जिला चिकित्सालय प्रबंधन आने वाले समय मे क्या समय से पूर्व घर जाने वाले चिकित्सको पर कोई कार्यवाही करता है ....? या फिर सब वैसा ही चलेगा जैसा चलता आ रहा है।




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