दसई~~लंदन से आया मैल तो बैंक ने दिया स्टेटमेंट~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

लोग बैंकों में खाते इसलिए ही खुलवा ते हैं, कि उनकी आवश्यकता के समय पर पूर्ति हो सके मगर जब अधिकारी लापरवाही बरतते हैं तो लोगों को परेशानी होना स्वाभाविक ही है,बैंक ऑफ महाराष्ट्र की स्थानीय शाखा में खाते की स्टेटमेंट के लिए चक्कर लगाते ग्राहक ने जब लंदन से मेल करवाया तब कहीं जाकर उसको कागज मिल पाए।
नगर में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में खातेदार के खाते का स्टेटमेंट लेने के लिए गाँव लेडगांव का एक युवक 3 दिन से चक्कर लगा रहा था किंतु उसे प्रतिदिन कल आना कह कर रवाना कर दिया जाता था। जब युवक के भाई को पता चला तो उन्होंने लंदन से बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर को ई-मेल द्वारा अवगत कराते हुए बताया कि आपकी इस शाखा में मेरे भाई के साथ हुई समस्या को उजागर करना चाहता हूं। मेरे 85 वर्षीय दादा बाबूलाल शर्मा का बैंक में खाता है और वे स्वास्थ्यगत कारणों से शाखा में आने में असमर्थ हैं। इसलिए मेरा भाई अमित शर्मा बैंक स्टेटमेंट के लिए शाखा में गया किंतु उसे तीन बार बैंक में सहयोगी ने खाता विवरण देने से इंकार कर अप्रत्यक्ष रूप से खाते का विवरण प्रदान करने के लिए पैसे मांगे। आपसे अनुरोध है कि कृपया इस मामले को देखें और जितनी जल्दी हो सके निपटाने का प्रयास करें। झोन ऑफिस से मैनेजर को पत्र मिलने के तत्काल बाद उन्होंने भाई को बैंक में बुलाकर स्टेटमेंट दे दिया और सूचना देते हुए बेहतर तरीके से सेवा करने के लिए आश्वस्त किया। यह भी बताया कि आपसे हुई बातचीत के बाद इस मुद्दे को सुलझा लिया गया है और  शाखा में आपकी यात्रा के दौरान हम सेवा कर प्रसन्न होंगे।आज हर बैंकों में इस तरह की स्थिति बनी हुई है। छोटे-मोटे काम के लिए भी ग्राहकों को आए दिन परेशान किया जाता है और कल आना कह कर किसी भी बहाने से उन्हें टरका दिया जाता है। जब तक परेशान व्यक्ति द्वारा उच्च स्तर पर शिकायत नहीं की जाए तब तक कोई ध्यान नहीं दिया जाता। बहुत कम अधिकारी और मैनेजर ऐसे है जो समय पर ग्राहक का काम कर उसे संतुष्ट करते हैं।

जिम्मेदार कहते हैं- इस मामले को लेकर जब मीडिया ने शाखा प्रबंधक को जानकारी के लिए फोन लगाया लेकिन पांच बार कॉल करने के बाद भी तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा।


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