*झाबुआ~खाद की कमी से किसान परेशान,ब्लैक में ऊंचे दामों में खरीद ना पड़ यूरिया*~~

*यूरिया की कमी आने के कारण किसान परेशान हो रहे है*~~

*खाद के लिए किसानों में हाहाकार की स्थिति बनी हुई*~~

झाबुआ जिले ब्युरो दशरथ सिंह कट्ठा...9685952025~~

झाबुआ - समय से पहले विपणन संघ व प्रशासन द्वारा किसानों को यूरिया खाद की पूर्ति करने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए है। किसान एक-एक बोरी के लिए भटक रहे है। सोसायटी में भी यूरिया खाद नहीँ हैं ! लेकिन प्राइवेट कालाबाजारी दुकानों पर यूरिया जरूर मिल जायेगा जहाँ उन किसानों को मनमानी भाव से खरीदना पड़ रहा हैं ! प्राइवेट दुकानदारों द्वारा ब्लैक में चार सौ से लेकर पांसों सौ रुपए तक एक बोरी यूरिया खाद के ले रहे हैं ! मजबूरी में किसानों को ब्लैक में ही यूरिया खरीदना पड़ रहा,कई किसानों के पास इतना पैसा नहीँ है कि वह इतना मंहगा यूरिया खरीद सके जिसकी वजह से उन्हें परेशान होना पड़ रहा हैं ! वहीँ अधिकारीयो द्वारा किसानों को आश्वासन तो दिया जाता हैं कि दो या तीन दिन के अंदर यूरिया खाद किसानों को उपलब्ध हो जाएगा। परन्तु यूरिया खाद गोदामों में ही नहीं हैं तो किसानों को कहा से मिलेगा यूरिया, जबकि डीएपी खाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध है ! यूरिया खाद की कमी ने अन्नदाताओं को चिन्ता की स्थिति में डाल दिया है। ऐसी स्थिति में किसान अपनी फसलों को लेकर भी चिंतित दिखाई दे रहे है ! और बाजार से ओने पोन दामों पर यूरिया खाद खरीदने को मजबूर हैं....सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बात मेघनगर अंतर्गत की छै सोसाइटी की करे तो यहाँ पर 1028.9 मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त हुआ था जिसमे 943.7 टन यूरिया वितरण किया गया और 85.2 टन यूरिया अभी शेष हैं तो वह कहा हैं ओर क्यो नहीँ वितरण किया गया क्यो किसानों को परेशान किया जा रहा हैं आखिर किस की मिली भगत हो सकती हैं !

*कालाबाजारी पर रोक लगे तो हो जाएगी आपूिर्त*

नगरो में दर्जनों दुकानदार खाद का अवैध संग्रह कर क्षेत्र में आई कमी का सीधा लाभ उठा रहे है। यहां यह भी सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह कालाबाजारी विभागों की सांठ गांठ के बाद हो रही है।

*क्या कह रहे किसान...*

यह एक जांच का विषय है। कलेक्टर प्रशासन को इसकी गंभीरता से जांच करना चाहिए ताकि जिले में हो रही यूरिया की कालाबाजारी को विराम लग सके। परन्तु जिला प्रशासन यूरिया खाद की कमी और किसानों की जरूरत को महत्व नहीं दे रहा है जिससे जिले भर मेें किसानों को खाद की कमी से जूझना पड़ रहा है। और किसानों को कालाबाजारी में ब्लैक में यूरिया खरीदना पड़ रहा रहे....
*कृषि समिति अध्यक्ष कुशाल बिलवाल*

हम जब मेघनगर सोसाइटी में यूरिया खाद लेने गए तो खाद नहीं मिला उसके बाद जब बाजार की  दुकानों पर ब्लैक में खाद लेने गए तो 450/ रुपये बताया एक बोरी के उसके बाद हम रायपुरिया जा कर 350/ रुपये में यूरिया खाद की बारी लेकर आये
*पूर्व सरपंच छत्रु भाई*


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