झाबुआ~जिला चिकित्सालय का शासकीय आवास पर कब्जा कर बना पार्टी करने का अड्डाआवास प्रबंधन समिति ने अभी तक नही किया किसी भी व्यक्ति को आवंटित ~

झाबुआसंजय जैन~~

जिला चिकित्सालय के पिछे बने शासकीय आवास में इन दिनो पार्टी करने का अड्डा बना रखा है। जहां एक ओर अभी तो यह भी निश्चित नही हुआ है कि यह शासकीय आवास आखिर किस नाम पर आवंटित हुआ है....?  ऐसे मे यहा रह कोई ओर रहा हैै ओर पार्टी का अड्डा बन चुका है। ऐसे मे जिला चिकित्सालय मे रहवासी ईलाके इस तरह का माहौेल निर्मित हो रहा है। वही वरिष्ठ अधिकारियो को इस बात की भनक तक नही लग पा रही है। ऐसे में जिला चिकित्सालय के इस आवासीय भवन को लेकर कई असमंजस की स्थितियां निर्मित हो रही है। पूर्व में समाचार पत्रो के माध्यम से बताया गया था कि जिस व्यक्ति को यह शासकीय आवास आंवटित किया गया है उसका स्वयं को निजी मकान भी है। लेकिन विभाग के द्वारा इस ओर कोई ध्यान ना देेकर उसके खिलाफ  कोई कार्यवाही नही की गई है। वही विभाग द्वारा सबुत की माला का प्रश्न खडा कर उसकी फाईलनोटशीट पर भी रोक लगा दी है।

-की गई शासकीय आवास को लेकर कई बार आवेदनो की हैराफैरी
जिला चिकित्सालय के इस शासकीय आवास को लेकर कई बार आवेदनो की हैराफैरी की गई है। जिसे लेकर आवास प्रबंधन समिति के सामने कई बार रोडे आये। वही वर्तमान में इस शासकीय आवास भवन को लेकर आवास प्रबंधन समिति ने किसी भी व्यक्ति के नाम इसे आवंटित नही किया गया है। लेकिन शासकीय आवास में वही बाहर आंवटित व्यक्ति ने अपनी नेम प्लेट भी टांग रखी है ओर सबसे बडी बात की वहा निवास कोई ओर ही व्यक्ति कर रहा है। शासकीय आवासो मे हो रही इस तरह की झोलझाल को लेकर कई बाते सामने उठ रही है।

शासकीय आवास किसी को आवंटित भी हुआ है या नही...
जहां स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नियमो को तांक पर रखा जा रहा है। वही दूसरी ओर नियमो के विरूद्ध जाकर शासकीय आवास आंवटित किये जा रहे है। वही जिला चिकित्सालय के पिछे बने शासकीय आवासो मे ऐसे कई आंवटित आवास है जिनमे रहने वालो के स्वयं के निजी मकान बन चुके है। लेकिन बावजूद इसके उन पर कोई कार्यवाही नही हो पा रही है। रसुखदार अपने दबदबे के कारण अपना कार्य कर रहे है ओर अधिकारी उनसे डर कर अपनी ड्यूटी करने मे लगे हुये है। उन्हे इस बात तक की खबर नही है कि शासकीय आवास किसी को आवंटित भी हुआ है या नही.....बल्कि उनके द्वारा सिर्फ  अपने कार्यो मे ध्यान देकर इतिश्री कर रहे है।

-चिकित्सको के रहते है परिवारजिला चिकित्सालय के इस आवासीय परिसर में जिला चिकित्सालय मे कार्यरत चिकित्सको का पुरा परिवार सहित अन्य कर्मचारियो का परिवार भी रहता है। जिस पर से इस तरह से शासकीय आवास का दुरूपयोग होना,अपने आप मे ही एक प्रश्न खडा करता है। जहा एक ओर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा नियमो की बात की जाती है वही दूसरी ओर उन्ही नियमो को तोडा जा रहा है। पूर्व मे बताया गया है कि यह शासकीय आवास तृतीय श्रेणी कर्मचारी के लिये आवंटित होते है। लेकिन वर्तमान में यह भी असमंजय की स्थिति बनी हुई है कि आखिर यह आवास किसे आवंटित किये जाये। वही आवासीय परिसर मे कई कर्मचारियो के परिवारो के बीच इस तरह से की जा रही हरकत अपने आप मे एक शर्म की बात है।

-क्या कहना है जिम्मेदारो का.....
आवास प्रबंधन समिति के द्वारा अभी वर्तमान मे यह आवास किसी भी व्यक्ति को आवंटित नही किया गया है। यदि कोई नेमप्लेट लगी होगी तो वो पूर्व में लगी होगी। मुझे इस बारे मे कोई बात मेरे संज्ञान में नही आयी है कि किसी व्यक्ति द्वारा उस पर कब्जा कर रखा है। यदि ऐसा है तो मै इसे दिखवाता हूॅ।........डॉ. बी.एस. बघेल, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय, झाबुआ
फोटो-01 - शासकीय आवास में किया हुआ कब्जा।
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