बीड ~संत सिंगाजी पांवर परियोजना  में जवाबदार नहीं हो रहे सजग .~~

डॉक्टर का कार्य कर रहे सुरक्षा जवान स्क्रीनिंग की गन जवान के जिम्मे  कर निभा रहे अपना दायित्व.~~

रवि सलुजा बीड ~~

संत सिंगाजी पांवर परियोजना में लगातार मरीजों की संख्या बढ रही  है इसको देखते हुए परियोजना के अधिकारी भी अब तक सतर्क व गंभीर नही हो रहे हैं। सोमवार 27 जुलाई  को संत सिंगाजी परियोजना के मेन गेट प्रवेश द्वार पर स्क्रीनिंग का काम शुरू किया  गया था जो सुरक्षा जवान के द्रारा किया जा रहा था परंतु संत सिंगाजी पांवर परियोजना के परिसर के अंदर मेडिकल हॉस्पिटल  सेंटर भी  उपलब्ध है  वही  स्वास्थ्य की सेवाओं  देने के लिए  हजारों रुपए प्रतिमाह परियोजना मे सेवाए देने के लिए  खर्च भी किए जाते हैं  परंतु मौजूद डॉक्टर  स्टॉफ अपनी सेवाएं  नहीं दे पा रहे हैं  परियोजना के प्रवेश द्वार पर  डॉक्टर की मौजूदगी में  स्क्रीनिंग  होना चाहिए थी पर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे जवान को  स्क्रीनिंग गन देकर एमपीपीजीसीएल ने अपना दायित्व निभा लिया परियोजना में प्रवेश करने  वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही उसे प्रवेश दिया जाना चाहिए पर फिलहाल अभी जवाबदार ध्यान आकर्षित नहीं कर पा रहे हैं करो ना संक्रमित बीमारी एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है परियोजना के अंदर वह शिवरिया टाऊनशिप  में भी कोरोना ने दस्तक दे दी है कोरोना के दस्तक से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भय का वातावरण भी बना हुआ है कोरोना संक्रमित संत सिंगाजी परियोजना के अंदर ही मिल रहे हैं क्योंकि पूर्ण तरीके से परियोजना से अन्य जिले आना-जाना लगातार बना हुआ है इस पर भी रोक पूर्णतया जवाबदार नहीं लगा पाए हैं इसी तरह यदि चलता रहा तो आगे का परिणाम बुरा हो सकता है परियोजना के प्रवेश द्वार हो शिवरिया आवसीय परिसर जहां सैनिटाइज भी सही मात्रा में नहीं रखा जा रहा है अक्सर परियोजना के प्रवेश द्वार पर सेनीटाइज की खाली बोतले दिखाई देती है जब भी संबंध में संत सिंगाजी परियोजना के जवाबदार अधिकारियों से बात की  तो पूर्ण इंतजाम होना बताया जाता है परंतु मौके पर कुछ भी मौजूद नहीं है नाम मात्र एक घंटा स्क्रीनिंग गन से कार्य कराया जाता है वह भी सुरक्षा जवान से   कुछ सेनीटाइज की 200ml की बाटल रखकर कार्य की सराहना कर दी जाती है जब जवाबदार ही अपना रुख इस तरह रखेगे तो कैसे इस संक्रमित बीमरी से निपट सकेगे .


Post A Comment:

0 comments: