सिहोर~नसरुल्लागंज तहसील के लाडकोई कस्बे में पुलिस चौकी  पर पुलिस स्टाफ को नहीं मालूम कि मार्क्स ना होने पर आप किस चीज का उपयोग कर सकते हैं~~

नसरुल्लागंज से जिला ब्यूरो आनन्द अग्रवाल की रिपोर्ट~~

नसरुल्लागंज तहसील के  कस्बा  लाडकोई पुलीस चौकी  मैं आज रात के 8:00 बजे के लगभग समस्त पुलिस वॉल बाहर खड़ा हुआ था जिसमें 5 से 6 पुलिस वाले एक साथ खड़े हुए थे आधे  पुलिस वालों  ने मार्क्स लगा रखा था एवं आधे बिना मार्क्स लगे हुए खड़े थे जब इनसे एक पत्रकार ने पूछा कि सर आप लोगों ने मार्क्स नहीं लगा रखा एवं आप सभी  सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे है इतना कहने के बाद तो पुलिस वालों ने उस पत्रकार के ऊपर ही हमला बोल दिया और कहने  लगे कि आपने भी मार्क्स नहीं लगाया है लेकिन उस पत्रकार ने अपने पूरे चेहरे पर अंगोछा लपेट रखा था लेकिन पुलिस बल के जवान कहने लगे कि  अंगोछा का कोई प्रावधान नहीं है आपको मार्क्स क्यों नहीं लगाया कृपा करके समस्या अधिकारी महोदय लाडकोई पुलिस बल को बताएं कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने क्या  बताया है कि अगर मार्क्स ना होने पर आप अंगोछा का उपयोग कर सकते हैं मार्क्स से भी ज्यादा गुणकारी होता है अंगोछा होता है क्योंकि मार्क्स नाक एवं मुंह को ही ढकता है लेकिन अंगोछा पूरे चेहरे को ढकता है


Share To:

Post A Comment: