*मनावर ~मध्यप्रदेश में पांचवी अनुसूचित के प्रावधानों को लागु करने में असफल प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ इन्दौर की हाईकोट में जनहित याचिका दायर कि गई विधायक डॉ हीरालाल अलावा द्वारा* ~~                            

*प्रदेश के कई आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पानी स्वास्थ्य शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है*~~      

*संविधान की पाँचवी अनुसूचित देश के अंतर्गत 10 राज्य आते है जिनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ ,झारखंड, ओड़िसा, गुजरात ,महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान , तेलंगाना, आँध्रप्रदेश है*~~
                           
*प्रदेश की भाजपा सरकार को किया कटघरे में खड़ा*  ~~                        

निलेश जैन मनावर ~~

मध्य प्रदेश में आदिवासियों के संवैधानिक कर्तव्यों खासकर संविधान की पांचवी अनुसूचित के प्रावधानों को लागु करने में असफल रहने के कारण 28 अगस्त को जयस के राष्ट्रीय सरंक्षक एवं धार जिले के मनावर विधायक डॉ हीरालाल अलावा द्वारा इन्दौर की हाईकोट में एक जनहित याचिका दायर कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया गया है। यह याचिका संवैधानिक कर्तव्य को निभाने के अनुरोध के साथ मध्य प्रदेश सरकार को निर्देशित करने के लिए दायर की गई है। याचिकर्ता विधायक डॉ हीरालाल अलावा ने कहा कि हमारे यह बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के 70 सालों में भी किसी भी सरकार ने 5 वीं अनुसूची को मध्य प्रदेश राज्य में लागू नहीं किया गया है। हालांकि संविधान में निर्माताओं ने कल्याण और अच्छे प्रशासन और अनुसूची क्षेत्रों में नियंत्रण के लिए 5 वीं अनुसूची में एक विशेष प्रावधान किया है। संविधान के अनुच्छेद 244 में कहा गया है कि 5 वीं अनुसूची का प्रावधान प्रशासन और अनुसूची क्षेत्रों पर नियंत्रण के लिए लागू होगा। जिसमें प्रदेश के आदीवासी जिले धार, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला आदि को अनुसूची क्षेत्रों के रूप में घोषित किया गया है। डॉ अलावा ने कहा कि आदिवासियों के सुरक्षा संरक्षण और विकास के लिए भारत के संविधान में बनाई गई पाँचवी अनुसूची के प्रावधान लागू नहीं की गई जिसके कारण आज देश के कतार की आखिर पँक्ति में खड़ा आदिवासी समाज विकास से कोसो दूर है। प्रदेश के कई आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पानी स्वास्थ्य शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। डॉ हीरालाल अलावा ने कहना है कि दुःख इस बात का है प्रदेश की आखरी पँक्ति में खड़े इस वर्ग के लिए संविधान में जो अधिकार इन्हें दिए गए थे आजादी के 7 दशक बाद भी यह वर्ग उन अधिकारों से वंचित है। संविधान की पाँचवी अनुसूचित देश के अंतर्गत 10 राज्य आते है जिनमें मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ ,झारखंड, ओड़िसा, गुजरात ,महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान , तेलंगाना, आँध्रप्रदेश है।


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