।।  *सुप्रभातम्*  ।।
                ।।  *संस्था  जय  हो*  ।।
         ।।  *दैनिक  राशि  -  फल *  ।।
         आज दिनांक 23 अगस्त 2020 रविवार संवत् 2077 मास भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि सायं 05:10 बजे तक रहेगी पश्चात् षष्ठी तिथि लगेगी । आज सूर्योदय प्रातःकाल 06:01 बजे एवं सूर्यास्त सायं 06:57 बजे होगा । चित्रा नक्षत्र सायं 05:07 बजे तक रहेगा पश्चात् स्वाति नक्षत्र आरंभ होगा । आज का चंद्रमा तुला राशि मे दिन रात भ्रमण करते रहेंगे । आज का राहुकाल सायं 05:22 से 06:57 बजे तक रहेगा । अभीजित मुहर्त दोपहर 12:06 से 12:57 बजे तक रहेगा । दिशाशूल पश्चिम दिशा मे रहेगा यदि आवश्यक हो तो दलिया का सेवन कर यात्रा आरंभ करे । जय हो  ।

                 --:  *विशेष*  :--
                  *-ऋषि पंचमी -*
ऋषि पञ्चमी का व्रत भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की पंचमी को सम्पादित होता है। प्रथमत: यह सभी वर्णों के पुरुषों के लिए प्रतिपादित था, किन्तु अब यह अधिकांश में नारियों द्वारा किया जाता है। हेमाद्रि ने ब्रह्माण्ड पुराण को उद्धृत कर विशद विवरण उपस्थित किया है। व्यक्ति को नदी आदि में स्नान करने तथा आह्लिक कृत्य करने के उपरान्त अग्निहोत्रशाला में जाना चाहिए, सातों ऋषियों की प्रतिमाओं को पंचामृत में नहलाना चाहिए, उन पर चन्दन लेप, कपूर लगाना चाहिए, पुष्पों, सुगन्धित पदार्थों, धूप, दीप, श्वेत वस्त्रों, यज्ञोपवीतों, अधिक मात्रा में नैवेद्य से पूजा करनी चाहिए और मन्त्रों के साथ अर्ध्य चढ़ाना चाहिए।

              *यह व्रत कैसे करें :-*
* प्रातः नदी आदि पर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
* तत्पश्चात घर में ही किसी पवित्र स्थान पर पृथ्वी को शुद्ध करके हल्दी से चौकोर मंडल (चौक पूरें) बनाएं। फिर उस पर सप्त ऋषियों की स्थापना करें।
* इसके बाद गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से सप्तर्षियों का पूजन करें।

* तत्पश्चात निम्न मंत्र से अर्घ्य दें-
'कश्यपोऽत्रिर्भरद्वाजो विश्वामित्रोऽथ गौतमः।
जमदग्निर्वसिष्ठश्च सप्तैते ऋषयः स्मृताः॥
दहन्तु पापं मे सर्वं गृह्नणन्त्वर्घ्यं नमो नमः॥

* अब व्रत कथा सुनकर आरती कर प्रसाद वितरित करें।
* तदुपरांत अकृष्ट (बिना बोई हुई) पृथ्वी में पैदा हुए शाकादि का आहार लें।
* इस प्रकार सात वर्ष तक व्रत करके आठवें वर्ष में सप्त ऋषियों की सोने की सात मूर्तियां बनवाएं।
* तत्पश्चात कलश स्थापन करके यथाविधि पूजन करें।
* अंत में सात गोदान तथा सात युग्मक-ब्राह्मण को भोजन करा कर उनका विसर्जन करें।

         *ऋषि पंचमी की व्रतकथा -*
विदर्भ देश में उत्तंक नामक एक सदाचारी ब्राह्मण रहता था। उसकी पत्नी बड़ी पतिव्रता थी, जिसका नाम सुशीला था। उस ब्राह्मण के एक पुत्र तथा एक पुत्री दो संतान थी। विवाह योग्य होने पर उसने समान कुलशील वर के साथ कन्या का विवाह कर दिया। दैवयोग से कुछ दिनों बाद वह विधवा हो गई। दुखी ब्राह्मण दम्पति कन्या सहित गंगा तट पर कुटिया बनाकर रहने लगे।
एक दिन ब्राह्मण कन्या सो रही थी कि उसका शरीर कीड़ों से भर गया। कन्या ने सारी बात मां से कही। मां ने पति से सब कहते हुए पूछा- प्राणनाथ! मेरी साध्वी कन्या की यह गति होने का क्या कारण है?
उत्तंक ने समाधि द्वारा इस घटना का पता लगाकर बताया- पूर्व जन्म में भी यह कन्या ब्राह्मणी थी। इसने रजस्वला होते ही बर्तन छू दिए थे। इस जन्म में भी इसने लोगों की देखा-देखी ऋषि पंचमी का व्रत नहीं किया। इसलिए इसके शरीर में कीड़े पड़े हैं।
धर्म-शास्त्रों की मान्यता है कि रजस्वला स्त्री पहले दिन चाण्डालिनी, दूसरे दिन ब्रह्मघातिनी तथा तीसरे दिन धोबिन के समान अपवित्र होती है। वह चौथे दिन स्नान करके शुद्ध होती है। यदि यह शुद्ध मन से अब भी ऋषि पंचमी का व्रत करें तो इसके सारे दुख दूर हो जाएंगे और अगले जन्म में अटल सौभाग्य प्राप्त करेगी।
पिता की आज्ञा से पुत्री ने विधिपूर्वक ऋषि पंचमी का व्रत एवं पूजन किया। व्रत के प्रभाव से वह सारे दुखों से मुक्त हो गई। अगले जन्म में उसे अटल सौभाग्य सहित अक्षय सुखों का भोग मिला।
शास्त्रों के अनुसार ऋषि पंचमी पर हल से जोते अनाज आदि का सेवन निषिद्घ है। ऋषि पंचमी के अवसर पर महिलाएं व कुंआरी युवतियां सप्तऋषि को प्रसन्न करने के लिए इस पूर्ण फलदायी व्रत को रखेंगी। पटिए पर सात ऋषि बनाकर दूध, दही, घी, शहद व जल से उनका अभिषेक किया जाता है, साथ ही रोली, चावल, धूप, दीप आदि से उनका पूजन करके, तत्पश्चात कथा सुनने के बाद घी से होम किया जाएगा। जो महिलाएं ऋषि पंचमी का व्रत रखेंगी, वे सुबह-शाम दो समय फलाहार कर ही व्रत को पूर्ण करेंगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत में हल से जुता हुआ कुछ भी नहीं खाते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर ही व्रत किया जाएगा। वे केवल फल, मेवा व समां की खीर, मोरधान से बने व्यंजनों को खाकर व्रत रखेंगी । जय हो  ।

                   *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245, एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार, एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

                    *आज का राशिफल*

          मेष :~ आयात निर्यात के साथ जुड़े व्यापारियों को लाभ और सफलता मिलेगी । आपकी खोई हुई वस्तु वापस मिल सकती है । प्रिय व्यक्ति के साथ प्रेम का सुखद अनुभव प्राप्त करेंगे । प्रवास आर्थिक लाभ और वाहन सुख मिलेगा । वाद - विवाद से दूर रहें ।

          वृषभ :~ निर्धारित कार्य सफलतापूर्वक होंगे । अधूरे कार्य पूरे होंगे । शारीरिक , मानसिक स्वस्थता रहेगी । आर्थिक लाभ होगा । बीमारी में राहत महसूस होगी । नौकरी पेशावाले वर्ग को नौकरी में लाभ होगा । सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा ।

          मिथुन :~ वाद - विवाद या चर्चाओं में न उतरना हित में रहेगा । आत्म सम्मान को ठेस पहुँचेगी तथा स्त्री मित्रों द्वारा खर्च या नुकसान हो सकता है । पेट सम्बंधी बीमारियां होगी । नए कार्य की शुरुआत और प्रवास न करें ।

          कर्क :~ शारीरिक - मानसिक अस्वस्थता रहेगी । छाती में दर्द या किसी विकार से परिवार में अशांति हीगी । सार्वजनिक रूप से मानहानि होने से दुःख होगा । समय से भोजन नहीं मिलेगा । अनिद्रा के शिकार होंगे । धन खर्च तथा अपयश मिल सकता है ।

          सिंह :~ कार्य सफलता और प्रतिस्पर्धियों पर विजय का नशा आप पर रहेगा , जिससे प्रसन्नता अनुभव करेंगे । भाई - बहनों के साथ मिलकर घर पर कोई आयोजन करेंगे । मित्रों , स्नेहीजनों के साथ यात्रा करने का योग है । स्वास्थ्य बना रहेगा ।

          कन्या :~ परिवार में आज आनंद का वातावरण रहेगा । वाणी की मधुरता और न्यायप्रिय व्यवहार से आप लोकप्रिय होंगे । आर्थिक लाभ होगा । अनैतिक प्रवृत्तियों से दूर रहें ।

          तुला :~ आपकी रचनात्मक और कलात्मक शक्ति अधिक निखरेगी । शारीरिक , मानसिक स्वस्थता बनी रहेगी । मनोरंजन में दोस्तों तथा परिवारजनों के साथ भाग लेंगे । आर्थिक लाभ होगा । सुंदर भोजन वस्त्र और वाहन सुख की प्राप्ति होगी ।

          वृश्चिक :~ मानसिक चिंता एवं शारीरिक कष्ट के कारण आप परेशान रहेंगे । दुर्घटना या शल्य चिकित्सा से संभले । बातचीत में किसी के साथ गलतफहमी न हो इसका ध्यान रखें । स्वभाव में उग्रता रहेगी , इसलिए झगडे से दूर रहें ।

          धनु :~ आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक दृष्टि से आपके लिए आज का दिन लाभदायी है । पुत्र और पत्नी की ओर से आप को लाभ मिलेगा । आय में वृद्धि तथा व्यापार में लाभ का दिन है ।

          मकर :~ वसूली , प्रवास , आय आदि के लिए शुभ दिन है । सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी या नौकरी में उच्च पदाधिकारियों द्वारा आपके काम की प्रशंसा होगी । पदोन्नति के योग है।

          कुंभ :~ आज आपको बेचैनी , थकान और ऊबन रहेगी । आफिस तथा काम - काज में उच्च पदाधिकारियों की नाराजगी होगी । प्रतिस्पर्धियों के समक्ष अधिक वाद - विवाद में न उतरे ।

          मीन :~ बीमारी के पीछे खर्च होगा । अनायास खर्च होगा । अन्य कामकाज में भी आपको प्रतिकूलता रहेगी । पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव हो सकता हैं । इसलिए संभलकर बोले । ( डाँ. अशोक शास्त्री )

।।  शुभम्  भवतु  ।।  जय  सियाराम  ।।
।।  जय  श्री  कृष्ण  ।।  जय  गुरुदेव  ।।


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