खिलेडी~आसपास क्षेत्र मे ऋषिपंचमी विधि-विधान पूजन किया~~

जगदीश चौधरी खिलेडी 6261395702~~

खिलेडी~~खिलेडी व आसपास क्षेत्र मे ऋषिपंचमी के दिन महिलाओं ने सुबह जल्दी उठ कर अौषधीय स्नान किया।धार्मिक मान्यता महिलाओं द्धारा भाद्र मास की शुक्लपक्ष की पंचमी को आंधीझाडा के पौधे की 108 डंडियो का गठ्ठर बनाया गया।स्नान के समय इस गठ्ठर को सिर पर रखकर 108 लोटे पानी से स्नान किया,मान्यता अनुसार पाप से मुक्त होने के लिए एवं पवित्रता के लिये यह स्नान किया जाता है।स्नान उपरांत बालूरेती से शिवलिंग एवं एक सफेद वस्त्र पर आंधीझाडा की आठ डंडिल्यो से सात ॠषि व अरुंधती बनाकर ॠषि को सफेद,, पिला वस्त्र एवं अरुंधति को लाल वस्त्र पहनाकर ॠषियों का पुजन विधि-विधान अनुसार किया गया। पूजन उपरांत महिलाओं ने व्रत कथा सुनी अौर मोरधन से बना आहार ग्रहण किया महिलाओं के धार्मिक मान्यताओं के पर्वो की शुरुआत हो गई है, इसी के तहत शुक्रवार को हरतालिका तीज पर्व पर महिलाओं ने सौभाग्य की प्राप्ति के लिए निर्जला रह कर किया था। शनिवार को श्री गणेश चतुर्थी का व्रत भी बड़ी संख्या मे रखा गया है,अौर रविवार को महिलाओं का वर्ष मे एक बार आने वाला विशेष उपवास रहा। ॠषि पंचमी के इस उपवास को लेकर अौषधीय स्नान का महत्व बताया गया है, आंधीझाडा नामक अौषधिय पौधे की डंडियो को सिरपर रखकर महिलाओं ने विशेष स्नान कर धार्मिक मान्यतानुसार पाप से मुक्ति एवं पवित्रता के लिए व्रत रखा।ऐसा माना जाता है, रजस्वला स्थिति मे हुए अंजाने कर्मों से मुक्ति के लिए इस व्रत को किया जाता है।


Post A Comment:

0 comments: