खेतिया~सादगी की मिसाल बना गणेशोत्सव~~


खेतिया~सादगी से मन रहा है गणेश उत्सव महाराष्ट्र की सीमा से लगा ।शहर परंपरा और संस्कृति में महाराष्ट्र व खानदेश के काफी करीब है, गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक हर समय गणपति उत्सव की धूम रहती है। गणपति बप्पा मोरिया के नारों की गूंज रहती है, खेतिया शहर में बड़े-बड़े पंडाल लगाए जाने की परंपराएं निरंतर रही है।
        प्रशासन के दिशा निर्देशों के  बाद फिलहाल पांडाल तो कहीं नहीं लगाए गए गणेश जी की छोटी-छोटी प्रतिमाओं की स्थापना की गई। गणपति बप्पा मोरिया की शाम होने वाली गूज फिलहाल सुनाई नहीं दे रही है।
      खेतिया शहर के अशोक रोड ,हनुमान चौक ,गांधी चौक, सुभाष मार्ग सहित बहुत से स्थानों पर बड़े-बड़े पंडाल बना कर हर समय गणेश प्रतिमाओं की स्थापना का उत्साह बनता जिसका बेसब्री से इंतजार बच्चों से लेकर बड़ों को रहता है,जो अबकी बार देखने नही मिला है। टेंट लाइट साज-सज्जा से जुड़ा व्यवसाय भी अबकी बार कमजोर पड़ गया है।वही स्थापना पर ढोल ताशो की आवाज़ भी नही सुनाई दी।
     कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष गणेश उत्सव में सादगी व शालीनता की झलक दिखाई दे रही है, साथ ही   सब चले एक साथ की भावना ऊपर उठकर नजर आ रही है जैसे गणेश जी ने सब को एक सूत्र में पिरो दिया है। इसके चलते रास्ता रोककर जबरन वसूली करने वालों से भी इस बार निजात मिली है। बड़ी बड़ी प्रतिमाओं पर पाबंदी व विसर्जन को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों से पर्यावरण भी सुरक्षित रह सकेगा इतना निश्चित है की करोना कॉल का गणेश उत्सव आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा घर घर में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना ने लोगों में धर्म के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया है वही सरकार के दिशा निर्देशों के साथ चलने से हम सब एक साथ हैं का संदेश भी इसी गणेश उत्सव से मिला ।
आइए जानते हैं क्या कहते हैं हमारे प्रशासनिक अधिकारी
*अनुविभागीय अधिकारी पानसेमल(SDM)सुमेरसिंग मुजाल्दा-प्रशासन के दिशा निर्देश अनुसार ही विसर्जन होगा*,
*मुख्य नप अधिकारी नप खेतिया-ईस्वर महाले-प्रशासन के निर्देश अनुसार नप खेतिया द्वारा 4 वाहनों की व्यवस्था की गई जिनमे शहर के विभिन्न हिस्सों से घरों  व सार्वजनिक स्थल पर स्थापित श्री गणेशजी की प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक प्राप्त कर विधिवत विसर्जन किया जाएगा*
राजेश नाहर, खेतिया द्वारा


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