*बीड़/मुंदी~हरसूद जनपद की ग्राम पंचायत दिनकरपुरा के संरपच/सचिव ने विक्रय की पात्रता ना रखने वाले व्यक्ति के नाम से निकाले लाखों रुपए*~~

*कई विकास कार्य दे रहे जांच को दस्तक*~~

बीड़/मुंदी:-*रवि सलुजा*~~

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं में जमकर भ्रष्टाचारी करके सरपंच सचिव भागीदारी निभा रहे हैं हम बात कर रहे हैं हरसूद जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत दिनकरपुरा जो बीड से 3 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है गांव के विकास कार्य में सरपंच सचिव अपने व्यक्तियों से सांठगांठ कर ऐसे लोगों को शामिल करके शासन के पैसे को बंदरबांट कर लेते हैं ग्राम पंचायत दिनकर पुरा के सरपंच सचिव ने मिलकर अपने नजदीकी व्यक्ति को कई कार्यो का भुगतान कर दिया जबकि यह व्यक्ति विक्रय करने की पात्रता भी नहीं रखता है फिर भी ग्राम पंचायत के जवाबदार सरपंच/ सचिव जिन्हें गांव का कर्ताधर्ता कहा जाता है उन्होंने नियमों को समझने की कोशिश भी नहीं करी और बिना समझे सरकार के नियमों को पैरों तले कुचलने का प्रयास भी किया ग्राम का सरपंच 5 साल का मुखिया होता है जिसे पूरे ग्राम के विकास कार्य में अपना दायित्व निभाना पड़ता है परंतु नियमों की जानकारी के अभाव के चलते पूरा कामगार सचिवों के कंधे पर होता है सचिव ग्राम पंचायत का एक जवाबदार व जिम्मेदार पद  है साथ ही शासन का प्रतिनिधि सचिव करता है सचिव द्वारा नियमों का पालन ना करा कर ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास कार्य में भ्रष्टाचार करके अपना फर्ज बखूबी तरीके से तो निभा ही लेता है ऐसे ही ग्राम पंचायत दिनकरपुरा में कहीं लाखों रुपए बिल  कार्यालय वाउचर पर ही लगा कर गांव के ही व्यक्ति से सांठ-गांठ कर लाखों रुपए के फर्जी बिल लगा दिए जिसका वेंडर कोड  खोलकर उसे विक्रेता बना कर गिट्टी, मुरुम,ईट,पानी सप्लायर तक बना दिया गया .

*एक ही व्यक्ति को ग्राम पंचायत निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री का कर दिया भुगतान मामला जांच को दस्तक*

ग्राम पंचायत दिनकरपुरा के जवाबदारो ने  अन्य ग्राम के एक व्यक्ति को सप्लायर बनाकर उसे विक्रेता बना दिया  जिसकी विक्रेता आईडी से कई बिलों का भुगतान किया गया है जिसमें ग्राम पंचायत दिनकरपुरा में चल रहे निर्माण कार्यों में क्रेशर से निकलने वाली गिट्टी हो यहां बालू रेत हो मुरूम परिवहन हो या निर्माण कार्य में लगने वाले टैंकर से पानी की सप्लाई ऐसा व्यक्ति जिसके पास ना तो कोई गिट्टी की मशीन है और ना ही कोई रेत उत्खनन करने के लिए कोई शासन का पट्टा धारक हो ऐसे व्यक्तियों के नाम पर लाखों रुपए के फर्जी वाउचर बिल लगाकर किए गए भुगतान एक बड़े  भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है पंचायत दर्पण पोर्टल ऐप मे ऐसे कई बिल हरसूद जनपद पंचायत कि दिनकरपुरा पंचायत ने लगाए गए है और भी पंचायत जांच को दस्तक दे रहे हैं

इनका कहना :-- जिस भी विक्रेता से निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री गिट्टी रेत मुरूम सीमेंट सभी के बिल फर्म के नाम से होना चाहिए वही ग्राम पंचायत मैं मान्य होंगे यदि ऐसे कोई बिल है जो विक्रय करने की पात्रता ही नहीं रखते ऐसे व्यक्तियों के बिल लगा दिए गए हैं तो जांच कर ग्राम पंचायत के जवाबदार सरपंच सचिव पर कार्रवाई की जाएगी

जनपद पंचायत सीईओ हरसूद


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