झाबुआ~अपमिश्रित खाद्य सामग्री के विक्रय को रोकने में प्रशासन को देना होगा ध्यान~~





झाबुआ। संजय जैन~~

नगर में इन दिनों अपमिश्रित खाद्य सामग्री एंव सडे गले फलो की बिक्री धडल्ले से हो रही है। ओर ना तो इस ओर जिले का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एव ंना ही जिला प्रशासन ने इस ओर संज्ञान लिया है। बारिश का मौसम प्रारंभ होते ही बीमारियां फैलना शुरू हो जाती है। वही जल जनित रोग का भी प्रभाव तेजी से बढता है। नगर के बस स्टैण्ड से लेकर होटलो ठेला गाडियो एवं फुटपात पर दुकान लगाने वाले लोगो द्वारा बेची जा रही सामग्री में अपमिश्रण होने के चलते इसका उपयोग करने वाले लोगो के स्वास्थ्य पर प्रतिकुल असर होना स्वाभाविक है। नगर में धडल्ले से बैकरी आईटम के साथ ही कोल्ड्रींग एवं अन्य हाटडॉग आदि खाद्य वस्तुये मिलावट वाली बैची जा रही है।




.......प्रशासन की ओर से आज तक संज्ञान नहीं लिया गया





डबल रोटी हो या फिर टोस्ट बैकरी आयटम, केक तथा पिज्जा जैसी वस्तुये भी धडल्ले से बेची जा रही है। प्रशासन की ओर से  इस ओर आज तक संज्ञान नहीं लिया गया है। वही मिलावटी मावे एंव दुध का उपयोग भी मिठाईयो को बनाने हो रहा है।  खाद्य तेल भी मिलावट युक्त धडल्ले से खुले आम बेचे जा रहे है। किन्तु इनके बनाने तथा तैयार करने में हाइजिनिक तरिको का ध्यान रखा जा रहा है या इसकी अभी तक जांच नही हुई है। सडे गले फलो की बिक्री बाजारो में खुले आम हो रही है। ग्रामीण आदिवासी इन्हे खरीदकर ले जाते है। इन सडे गले फलो से लोगो के स्वास्थ्य पर असर दिखाई देता है तथा उल्टी,दस्त,पैचिस सहित कई रोगो के कारण उन्हे अस्पतालो के चक्कर काटने पडते है। 




.........कोई कार्यवाही या कदम नही उठाए गए





पिछले दिनो नगर में कई होटलो की चेंिकंग भी की गई है पर किसी भी होटल में बनाई जाने वाली सामग्री की मानकता उनके बनाने के तरिको एवं मिलावट को लेकर कोई कार्यवाही या कोई कदम नही उठाए गए है। इन सडी गली एवं मिलावट वाली वस्तुए से लोगो के स्वास्थ्य पर प्रभाव पड रहा है। विशेषकर बच्चो में इन चीजो के उपयोग से स्वास्थ्य पर जल्दी असर होता है। ऐसे में जिला प्रशासन को योजनाबद्ध तरीके से जांच करना चाहिये तथा फलो को पकाने के लिये कार्बेट आदि को जो उपयोग किया  जा रहा है उसे भी नियंत्रित करने के लिये कदम उठाने की दरकार है। 





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