खेतिया~खेतिया व ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह से मनाया पोला पर्व~~

खेतिया~खेतिया व ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह से मनाया पोला पर्व
हमारा देश त्योहारों संस्कृति और परंपराओं का देश है, आज खानदेश के प्रसिद्ध पोला पर्व खेतिया व ग्रामीण क्षेत्र मे शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया ।वस्तुतः पोला पशुधन पूजन का एक पर्व है किसान अपनी खेती में सबसे बड़ा सहयोग निभाने वाले पशुधन  की आज पूजा करता है मुख्यता बैलों की पूजा की जाती है जिन्हें सुबह नहला कर आकर्षक श्रंगार कर पूजा कर ढोल बाजों के साथ शहर भ्रमण कराकर हनुमान मंदिर के समीप ले जाकर दर्शन करवाए जाते हैं इसके पीछे मान्यता यही रही कि जो हमें मूक रहकर हमारी खेती किसानी में अपना सहयोग करते हैं, फसल पकने के साथ उनका भी पूजन करना चाहिए ।आज अमावस्या को खानदेश का यह प्राचीनतम सांस्कृतिक पर्व उल्लास के साथ मनाया गया, जहां शासन के दिशा निर्देश अनुसार उल्लास के साथ सादगी भी बनी रही, परंपरागत रूप से पूजन कर श्री हनुमान जी के मंदिर ले जाया गया उसके बाद बैलों को  भोजन कराया गया शहर में विभिन्न स्थानों पर प्रत्येक समाज के परिवार ने अपने घरों पर बैलों का पूजन किया ।खेतिया में पोले पर्व को लेकर बहुत अधिक उत्साह रहता है,यह दूर गांवों से बैलों को सजाने (श्रृंगार)हेतु सामग्री विक्रय करने लोग आते है,साथ ही बैलों के सींग को रंग लगाकर सजाया जाता है,,आज शहर व ग्रामीण क्षेत्र में अत्यधिक उत्साह से पर्व मनाया गया,
राजेश नाहर, खेतिया द्वारा


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