झाबुआ~अवैध शराब के कारोबार पर नही लग पा रही रोक, जगह जगह ढाबो पर परोसी जा रही अवैध शराब~~

आबकारी विभाग दिख रहा सुस्त ~~

अब नवागत आइपीएस पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता से जनता को काफी उम्मीद~~

झाबुआ। संजय जैन~~

सैया भय कोतलवाल तो अब डर काहे का ** यह कहावत शराब माफियाओ पर एकदम फिट बैठती है। आखिर इनका काम ही अवैध रूप से शराब का परिवहन ओर साथ ही बेचने का भी है। जिसमे नगर सहित जिले के बाहर करीब 3 से 4 किलोमीटर के दायरे मे देशी सहित विदेशी शराब का महकमा आसानी से मिल जाता है। 

-हमारी तो सेटिंग चलती है हमारा कुछ भी नही होगा ...


गांव गांव में हजारो से लेकर लॉखो रूपये की अवैध शराब कों रखा जाता है। आबकारी विभाग की ओर से समय समय पर कार्यवाही तो की जाती है लेकिन बडे स्तर की अभी तक कोई भी कार्यवाही एवं धरपकड नही हो पा रही है। वही ज्ञात सुत्रो के अनुसार यह तक सामने आया है कि अवैध शराब के कारोबारी कह रहे है कि हमारी तो सेटिंग चलती है इसलिये हमारा कुछ भी नही हो सकता है। 

-करवाया जाता ढाबो पर शराब के ठेके पर से ही अवैध शराब का भंण्डारण ....


नगर मे कई ऐसे कई ढाबे है जिन पर आज भी अवैध शराब परोसी जा रही है। हर शाम ढाबो पर जितनी टेबले सजती है उतनी ही बोतले अवैध शराब की खुलती है। कहने को तो ढाबो पर शराब का बेचना प्रतिबंध है लेकिन बावजूद इसके अवैध शराब बडी आसानी से परोसी जा रही है। वही लोगो को आराम से बैठाकर पिलाया जा रहा है। इतना ही नही प्राप्त जानकारी के अनुसार यह तक कहा जा रहा है कि इन ढाबो पर शराब के ठेके पर से ही अवैध शराब का भंण्डारण करवाया जाता है। जिससे की इन ढाबो पर महंगे दामो में शराब मिल सके ओर ठेकेदारो का भी माल निकल सके। 


  


- बेधड़क आसानी से शराब का मिलना जारी रहा था लॉक डाउन मे भी ढाबो पर ..


कोविड-19 कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलने के बाद से ही मार्च मे लॉक डाउन किया गया था। जिसके बाद से संपूर्ण दूकानो को बंद करने के आदेश पूर्व कलेक्टर प्रबल सिपाहा द्वारा दिये गये थे। बावजूद इसके ढाबो पर लोगो को शराब बेची जा रही थी। आखिर ये बात कुछ ओर है कि उन्होने अपना स्टॉक भरपूर रख रखा था। लॉकडाउन के चलते शराब की दूकाने करीब ढाई से तीन महिने बंद रही थी,लेकिन ढाबो पर आसानी से शराब का मिलना जारी था। 

अब नवागत आइपीएस पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता से जनता को काफी उम्मीद....-ढाबो के संचालक आखिर शराब का महकमा ला कहा से रहे ...? 


लॉक डाउन मे भी और अब  भी ढाबो के संचालक आखिर शराब का महकमा ला कहा से रहे है...? वही मुखबिरो की सुचना पर पाया कि ये तो शराब के ठेेको से ही अपना माल भर रहे है,ऐसे मे इनकी मदद खाकी वर्दीधारी भी कर रहे है। वही आबकारी विभाग के कर्मचारी इनकी ओर अनदेखा कर रहे है। ऐसे में इन अवैध शराब व्यापारियो पर ना ही पुलिस ने रोक लगाई ओर ना ही आबकारी विभाग के द्वारा इन पर कोई कार्यवाही की गई। अब नवागत आइपीएस पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता से जनता को काफी उम्मीद भी है। अब देखना यह है कि आने वाले समय मे इन ढाबो पर अवैध शराब के परिवहन के साथ ही बेचने पर कितनी रोक लग पाती है.....? या फिर जो जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहेगा। 

-जरूर कार्यवाही होगी.....


ढाबो के साथ ही अवैध शराब के परिवहन एवं बेचने वालो पर समय समय पर हमारे द्वारा कार्यवाही की जा रही है। वही आबकारी विभाग की ओर से ढाबो पर किसी भी प्रकार की कोई अवैध शराब को बेचने की कोई परमीशन नही दी जाती है। शराब के ठेके से केवल एक पेटी तक ही शराब ले जाने की अनुमति एवं नियम है।इन पर केस बनाया जा सकता है। अगर ऐसा कोई माामला सामने आता है तो जरूर कार्यवाही होगी।


..........शादाब सिद्दीकी-आबकारी अधिकारी, झाबुआ।


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