*बडवानी~पिछोडी में पांचवे दिन भी क्रमिक अनशन जारी*~~

*अवल्दा में तीसरे दिन भी क्रमिक अनशन जारी*~~

*बिना पुनर्वास डूब नामंजूर*~

सरदार सरोवर परियोजना से बडवानी, धार, अलीराजपुर, व खरगोन जिले के 192 गांव व 1 नगर धरमपुरी भी डूब क्षेत्र में आते है | बडवानी जिले के 65 गांव के लिए 38 पुनर्वास स्थलों का निर्माण किया गया है जिसपर आज भी मुलभुत सुविधाएं संपूर्ण नही है आज भी कई सारे पुनर्वास स्थलों पर पीने का पानी, स्ट्रीट लाइट, नाली निर्माण इत्यादि करना बाकि है हमारा संपूर्ण पुनर्वास करने के पहले सरदार सरोवर बांध के गेट खुले रख कर पानी का स्तर रखा जाए |
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के द्वारा 2008 में बेक वाटर लेवल से 15946 परिवारों को डूब से बाहर किया गया था परन्तु पिछले साल 2019 में उनमें से कई सारे मकानों में बेकवाटर लेवल का पानी आ गया था जिन परिवारों को 2017 में भी बेक वाटर लेवल से बाहर करने के बाद अवल्दा के पांच मकानों में पानी भर गया था इसी प्रकार से जांगरवा के 15 मकानों में पानी भर गया था ऐसे कई सारे गाँव में डूब के बाहर बताये मकानों में पानी भरा था उन विस्थापितों को मकान बनाने के लिए 5 लाख 80 हजार रूपये का भुगतान भी नही किया गया है इसी प्रकार से फिर से डूब क्षेत्र में आ जायेंगे उनका पुनर्वास कब तक होगा |
राजघाट (कुकरा) के 17 परिवार आज भी मुलगांव में डटे हुए है इनके चारो तरफ पानी आ चूका है राजघाट टापू बन चूका है इसमें उन विस्थापितों के नाम के पंचनामे 2019 में बनाये गये थे परन्तु आज तक पुनर्वास के लाभ नही दिए गये है इसीलिए मुलगांव में डटे हुए है |
आज भी पिछोड़ी के विस्थापितों के लिए सात जगह अलग अलग बिखरा हुआ है इनको नर्मदा ट्रिब्यूनल अवार्ड के अनुसार एक इकाई में एक पुनर्वास स्थल का निर्माण करना था आज भी सैंकड़ो परिवारों को घर प्लांट मिलना बाकी है कई परिवारों को खेडी पुनर्वास स्थल सोंदुल जो बीस से 22 किलोमीटर की दूरी पर आते है बाकि बची हुई जमीन पर खेती करना संभव नही है |
आज भी अवल्दा के विस्थापितों का कानूनी पुनर्वास नही हुआ है आज अपनी आवाज उठाने के लिए क्रमिक अनशन तीसरे दिन भी जारी है |

*रामेश्वर सोलंकी, धनराज अवास्या, गीता बाई, गेंदालाल भाई, राहुल यादव*


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