*धार/मनावर से कालीबावड़ी होकर धामनोद जाने वालो 55 कि.मी. सड़क निर्माण के अपूर्ण होने पर लगाई गई जनहित याचिका*~~
                       
*8 सप्ताह के अंदर शासन एवं ठेकेदार को  उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर को जवाब प्रस्तुत करना है* ~~         

*अध्यक्ष आदिवासी विकास परिषद एवं काग्रेस नेता निरंजन डावर ने लगाई जनहित याचिका*~~                       

निलेश जैन मनावर ~~

मनावर से कालीबावड़ी होकर धामनोद जाने वालो 55 कि.मी. सड़क में हो रही लेटलतीफी को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं काग्रेस नेता निरंजन डावर द्वारा 30 सितंबर को न्यायमूर्ति एस.सी. शर्मा एवं न्यायमूर्ति शैलेन्द्र शुक्ला  की डिवीजनल बैंच उच्च न्यायालय खण्डपीठ इदौर में एक जनहित याचिका  दायर की गई है। याचिका में लोक निर्माण विभाग , संबंधित ठेकेदार एवं उद्योग विभाग को नोटिस जारी किये गये । याचिका में पैरवी कर रहे अधिवक्ता धर्मेन्द्र चेलावत ने बताया कि उक्त याचिका जिला धार में मनावर से कालीबावड़ी होकर धामनोद जाने वालो 55 कि.मी. वाले हिस्से की सड़क के निर्माण पर हो रही लेट लतीफी को लेकर लगाई गई है । उक्त सडक मनावर - इदौर से टोंकी फाटे से ग्राम टोंकी तक सीमेन्ट फैक्ट्री स्थापित होने से सड़क जर्जर अवस्था में है । सड़क के आसपास के किसानों के खेतों की रबी की फसल धूल मिट्टी से खराब होने एवं टोंकी से भानपुरा , उमरबन - कालीबावड़ी धामनोद 55 कि.मी. लंबाई में सडक की अनुबंध के अनुसार ठेकेदार के द्वारा समय पर कार्य पूर्ण नहीं करने एवं सड़क की जर्जर अवस्था होने से ग्रामीणों, किसानों , व्यापारियों एवं वाहनों के आवागमन की समस्या होने से जनहित याचिका म.प्र . उच्च न्यायालय इंदौर में दायर की गई । उक्त सडक निर्माण का ठेका लोक निर्माण विभाग द्वारा गुजरात की कंपनी M / S SOROTHIYAVELJI RATNA AND CO को अनुबंध की लागत रूपये 11,108.35 लाख में दिया गया है । उक्त सड़क का निर्माण दिनांक 26 सितंबर 2018 को अनुबंध के हिसाब से 18 महिने में पूर्ण करना था , जिसकी अवधि 28 मार्च 2020 को समाप्त हो चुकी है । किन्तु सडक आज तक अपूर्ण अवस्था में होकर सड़क की स्थिति बहुत खराब है तथा आये दिन सड़क में मनावर से टोकी तक ट्राफिक जाम एवं ग्रामीणों को आवागमन में असुविधा हो रही है। टोंकी से भानपुरा उमरवन कालीबावडी धामनोद तक सड़क खराब होने से आवागमन में असुविधा हो रही है । इसके साथ ही सड़क दुर्घटना लगातार हो रही है । सड़क खराब होने से आवागमन में अधिक समय लगता है । इसी मार्ग पर सीमेन्ट फैक्ट्री स्थापित होने से रोड पर भारी वाहनो का आवाजाही लगी रहती है । उक्त याचिका में 8 सप्ताह के अंदर शासन एवं ठेकेदार को माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर को जवाब प्रस्तुत करना है । याचिका में मुख्य रूप से न्यायालय के निर्देशन में शीघ सड़क निर्माण करने तथा संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार को सड़क पर आवाजाही वाहनों के भार लोडिंग के अनुरूप गुणवत्ता पूर्वक सडक निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की गई ।


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