इनमे स्वाभिमान अभी जीन्दा है~~

सैयद अखलाक अली~~

मेहनत कम होती  हमेशा  चमकीला  रंगदार  और असर वाला होता है रोजमर्रा की जिंदगी में  हम  शोरूम से  चमक दमक की दुकानों से महंगा सामान खरीद लेते हैं उन गरीब मजलूम लोगों को  नजरअंदाज कर देते हैं  जिनकी उम्र आराम की होती है उसके बावजूद भी वह स्वावलंबी भी बनो संदेश को  आगे बढ़ा रहे हैं कामकाज कर रहे हैं चाहे जो हो जाये मेहनत करके ही खायेगेपर भीख नही मागेगे।
भीख देने से अच्छा है कभी-कभी कुछ चीजे बेवजह ही खरीद कर इनकी मदद कर दिया कीजिये कोरोना महामारी के इस दौर में आओ आ जाओ सच्चे मन से शपथ लें इन गरीब दुकानदारों से ही और मोहल्ले में आए फेरी वालों से ही फल फूल सब्जी और घर की जरूरतमंद चीजें खरीदेंगे


Post A Comment:

0 comments: