बड़वानी~कोरोना वायरस संक्रमण के समय डिजिटल प्लेटफार्म पर हजारों किसानों को फार्मकाट ने उपलब्ध कराई समस्त सुविधा~~

प्रधानमंत्री ने की मन की बात में बड़वानी में संचालित फार्म काट का उल्लेख~~

बड़वानी /भारत कृषि प्रधान देश है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था को भी कृषि प्रभावित करती है। कोरोना संकटकाल के समय किसानों को अपने खेतों में उपज को बोने, खाद बीज तथा दवाईयों की जरूरत थी । किन्तु लाकडाउन के कारण वे व्यवस्था नहीं जुटा पा रहे थे। उनकी इस समस्या का निदान किया बड़वानी में स्थापित फार्मकाट कंपनी ने। जिसने बड़वानी के साथ-साथ समीप जिले खरगोन, धार, झाबुआ के हजारों किसानों को डिजिटल एप के माध्यम से सभी सामग्री उपलब्ध करवाई, जिससे किसानों को समय पर सहायता मिलने से वो अपनी उपज की बुवाई, खाद तथा दवाई देकर, खेतों से उपज ले सके।
         प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आकाशवाणी से प्रसारित अपनी मन की बात में बड़वानी जिले में संचालित फार्मकाट कंपनी का भी उल्लेख करते हुए , उक्त बातें कही हैं ।
         इस सम्बन्ध में फार्मकाट कंपनी के सीईओ श्री अतुल पाटीदार कनाडा से  फोन पर बताते हैं, कोरोना महामारी के समय किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। जब सभी बिजनेस रूक गए वहीं किसानों को अपनी कृषि सम्बंधित गतिविधियों को जारी रखना पड़ा क्योंकि वे बुवाई नहीं करते तो उनकी वर्षभर  की कमाई पर प्रभाव पड़ता। लाकडाउन का पालन करते हुए बीज, खाद एवं अन्य सामग्री कैसे पहुंचाए, आवश्यक परमिशन प्राप्त करने के बाद फार्मकाट के डिजीटल माध्यम वेवसाईट, फोन एप्स से आर्डर स्वीकार करना शुरू किया। अतुल पाटीदार बताते हैं कि फार्मकाट के आनलाईन प्लेटफार्म पर 1100 से अधिक स्थानों से कई हजार किसान जुड़ चुके हैं। ऐसे कठिन समय में ग्रामीण किसानों की मदद करना उनका कार्य है।
उन्होंने मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी द्वारा सराहे जाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए, भविष्य में अधिक से अधिक किसानों को लाभ देने का वादा किया है ।
          उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान ‘‘लोकल फार वोकल‘‘ नारे के साथ देश के युवाओं से आह्वान किया था कि वे इस संकट के समय नये इनोवेशन करें, साथ ही सोशल डिस्टेस्ट का पालन करने के लिए डिजीटल प्लेटफार्म का उपयोग करें। इसी को साकार करके दिखाया है बड़वानी के युवाओं के इस दल ने ।


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